फिल्म तुमसा नहीं देखा के बोल्ड गाने की शूटिंग को दीया मिर्जा ने बताया बदलाव का पल, झिझक टूटने पर किया बड़ा खुलासामूलांक 9 राशिफल 28 अगस्त 2026: मंगल की ऊर्जा से मिलेंगे तरक्की के नए अवसर, समझदारी और साहस से मिलेगी सफलताझारखंड की स्पोर्ट्स सिटी में 30 एकड़ में फैला जेआरडी टाटा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बना युवा खिलाड़ियों की नई उम्मीदशक्तिमान फिल्म के लिए मुकेश खन्ना ने ठुकराया करोड़ों रुपये का ऑफर, रणवीर सिंह की ऊर्जा की तुलना देव आनंद से कीमूलांक 8 राशिफल 28 अगस्त 2026: शनि देव की प्रेरणा और अंक 1 की ऊर्जा से खुलेंगे तरक्की के नए रास्तेगेट 2027 परीक्षा के नियम जारी, जानिए कौन दे सकता है एग्जाम, तारीखें और तैयारी की रणनीतिइन्स्टाग्राम पर वाइब्रेटर के थ्रस्ट मोड की हुई आलोचना, महिलाओं ने आसान डिज़ाइन्स की माँग कीनैनीताल से कैंची धाम के बीच रोपवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार, नीम करौली बाबा के श्रद्धालुओं को ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहतअलवर के वार्ड 33 में खुद गलियां साफ करने वाले विपिन को स्थानीय लोगों ने पार्षद चुनाव में उताराराजधानी में महंगाई से राहत दिलाने आदर्श नगर स्टेशन पहुंची 800 टन प्याज, ₹35 किलो में बेचने की तैयारी
असम के दीमा हसाओ में मध्यरात्रि को लगे भूकंप के झटके, नेपाल और तिब्बत में भी हिली धरतीभारत
28 अग॰ 2026, 8:59 am (2 घंटे पहले)· 2

असम के दीमा हसाओ में मध्यरात्रि को लगे भूकंप के झटके, नेपाल और तिब्बत में भी हिली धरती

असम के दीमा हसाओ जिले में 28 अगस्त की रात 3.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। इससे पहले 27 अगस्त की शाम नेपाल और तिब्बत में भी झटके महसूस किए गए थे।

पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियों के बीच असम राज्य के दीमा हसाओ जिले में आधी रात को भूगर्भीय हलचल महसूस की गई। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, यह झटके 28 अगस्त की रात करीब 1 बजकर 36 मिनट 12 सेकंड पर दर्ज किए गए। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.0 मापी गई, जबकि इसका केंद्र धरातल से लगभग 14 किलोमीटर नीचे गहराई में स्थित था। इससे कुछ ही घंटे पहले पड़ोसी देश नेपाल और तिब्बत के इलाकों में भी जमीन कांपने की घटना सामने आई थी। पूर्वोत्तर क्षेत्र में देर रात आए इस झटके से स्थानीय लोग अचानक नींद से जाग उठे और उनमें कुछ देर के लिए डर का माहौल बन गया।

दीमा हसाओ में आधी रात का कंपन और जमीनी स्थिति

नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर असम के दीमा हसाओ में आए भूकंप का केंद्र नागालैंड राज्य के चुमुकदिमा शहर से लगभग 61 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम दिशा में केंद्रित था। हालांकि रिक्टर स्केल पर 3.0 की तीव्रता मध्यम श्रेणी की मानी जाती है, लेकिन रात के शांत समय में आए झटकों को स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट रूप से महसूस किया। अचानक हुए इस कंपन से घबराकर कई लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों से बाहर निकल आए। राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति के बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है। स्थानीय प्रशासनिक तंत्र और आपदा प्रबंधन एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।

ये भी पढ़ें

नेपाल और तिब्बत में दर्ज की गई भूकंपीय हलचल

भारत में आए इस भूकंप से ठीक पहले 27 अगस्त की रात को नेपाल और तिब्बत के भूभागों में भी झटके रिकॉर्ड किए गए थे। सिस्मोलॉजी केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में 27 अगस्त की रात 9 बजकर 18 मिनट 58 सेकंड पर 3.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज हुआ। इस भूकंप का केंद्र जमीन के भीतर 10 किलोमीटर की गहराई में था, जो सिक्किम के युक्सोम क्षेत्र से लगभग 24 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम दिशा में नेपाल की सीमा के भीतर स्थित था।

इसी कड़ी में तिब्बत के इलाके में भी 27 अगस्त की रात 8 बजकर 15 मिनट 53 सेकंड पर 4.9 तीव्रता का अधिक शक्तिशाली भूकंप आया था। धरातल से 10 किलोमीटर की गहराई पर स्थित इस भूकंप का केंद्र नेपाल की राजधानी काठमांडू से लगभग 616 किलोमीटर उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में मौजूद था। तीन अलग-अलग स्थानों पर आए इन झटकों से पूरा हिमालयी क्षेत्र थर्रा उठा।

प्राकृतिक आपदाओं के बीच 24 घंटे में तीन झटके

27 अगस्त की शाम से लेकर 28 अगस्त की सुबह के समय के बीच पूरे हिमालयी और पूर्वोत्तर भारतीय क्षेत्र में कुल मिलाकर तीन प्रमुख भूकंपीय घटनाएं दर्ज की गईं। इन तीनों घटनाओं में सबसे अधिक तीव्रता तिब्बत में दर्ज 4.9 रही, जबकि नेपाल में 3.2 और असम के दीमा हसाओ में 3.0 तीव्रता के झटके महसूस किए गए। यह भूगर्भीय हलचल ऐसे कठिन समय में सामने आई है जब नेपाल और तिब्बत के हिस्से ग्लेशियर झील फटने की वजह से भीषण आपदा झेल रहे हैं। नेपाल में हालिया बाढ़ और प्राकृतिक तबाही के कारण अब तक 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे क्षेत्र में पहले से ही संकट गहराया हुआ है।

हिमालयी बेल्ट और पूर्वोत्तर भारत की भूकंपीय संवेदनशीलता

भूवैज्ञानिक दृष्टिकोण से संपूर्ण हिमालयी पर्वत श्रृंखला और भारत का पूर्वोत्तर भाग अत्यधिक संवेदनशील भूकंपीय जोन के अंतर्गत आता है। असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में समय-समय पर धरातलीय हलचल होना एक सामान्य भौगोलिक प्रक्रिया है। इस पूरे क्षेत्र में लगातार छोटे और मध्यम स्तर के भूकंप दर्ज किए जाते रहते हैं। भूविज्ञान विशेषज्ञों का स्पष्ट कहना है कि किसी क्षेत्र में बार-बार छोटे झटके आने का यह कतई अर्थ नहीं होता कि वहां कोई बड़ा भूकंप आने वाला है। इसके साथ ही वैज्ञानिक रूप से भूकंप के आने के सटीक समय और स्थान की पूर्व भविष्यवाणी करना फिलहाल संभव नहीं है।

सवाल-जवाब

असम के दीमा हसाओ में भूकंप कब और किस समय आया?
असम के दीमा हसाओ में भूकंप 28 अगस्त की रात 1 बजकर 36 मिनट 12 सेकंड पर दर्ज किया गया।
दीमा हसाओ में आए भूकंप की तीव्रता और गहराई कितनी थी?
इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.0 थी और इसका केंद्र जमीन से 14 किलोमीटर गहराई पर स्थित था।
नेपाल और तिब्बत में दर्ज किए गए भूकंपों की तीव्रता क्या थी?
तिब्बत में 27 अगस्त की रात 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जबकि नेपाल में 3.2 तीव्रता का झटका दर्ज किया गया।
क्या इस भूकंप से असम में किसी नुकसान की खबर है?
दीमा हसाओ या असम के अन्य इलाकों से अब तक किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान या जनहानि की रिपोर्ट सामने नहीं आई है।
क्या छोटे भूकंप आने का मतलब कोई बड़ा भूकंप आने वाला है?
वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार छोटे भूकंप आने का यह अर्थ नहीं होता कि बड़ा भूकंप आएगा, और भूकंप की सटीक भविष्यवाणी संभव नहीं है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR