आजमगढ़ में साफ-सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाने और उसे बेहतर ढंग से लागू करने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने एक नई पहल की शुरुआत की है। इसके तहत शहर में घर-घर कचरा उठाने की प्रक्रिया को एक बार फिर से शुरू किया जा रहा है और नागरिकों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज कराने की सुविधा भी दी जाएगी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर के सभी 25 वार्डों में सफाई का एक नया और ठोस ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसे आगामी 15 दिनों के भीतर पूरे क्षेत्र में प्रभावी ढंग से लागू कर दिया जाएगा।
निजी कंपनियों के बजाय खुद कमान संभालेगी नगर पालिका
आजमगढ़ नगर पालिका क्षेत्र में पहले भी घर-घर कचरा उठाने की व्यवस्था शुरू की गई थी, लेकिन वह कुछ ही दिनों के संचालन के बाद ठप हो गई थी। किसी निजी एजेंसी के काम छोड़ देने के बाद से यह सेवा लंबे समय से बंद पड़ी थी। अब नगर विकास विभाग की मंशा के मुताबिक नगर पालिका किसी भी निजी कंपनी पर निर्भर रहने के बजाय अपने खुद के संसाधनों का इस्तेमाल कर इस पूरी व्यवस्था को संचालित करेगी। इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी डॉक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि नगर पालिका के सभी 25 वार्डों में कूड़ा उठाने वाली गाड़ियां भेजी जाएंगी और व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए हर वाहन पर दो कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
50 रुपये मासिक शुल्क और दीवार पर लिखे जाएंगे नंबर
पहले जहाँ निजी कंपनी हर उपयोगकर्ता से लगभग 100 रुपये वसूल करती थी, वहीं अब नगर पालिका ने इस शुल्क को घटाकर मात्र 50 रुपये प्रति माह कर दिया है, जबकि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग से दरें निर्धारित की जाएंगी। किसी भी प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लगाने के लिए इन सरकारी दरों को सार्वजनिक भी किया जाएगा। अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि उनके इलाके में गाड़ी का चालक या सुपरवाइजर कौन है। इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका ने एक विशेष योजना बनाई है जिसके तहत हर वार्ड के 10 प्रमुख स्थानों पर वॉल पेंटिंग कराई जाएगी। इन दीवारों पर वाहन चालक, सुपरवाइजर और इंस्पेक्टर के नाम के साथ उनके मोबाइल नंबर भी दर्ज किए जाएंगे।
व्हाट्सएप पर शिकायत और कचरा डंपिंग की समस्या का समाधान
स्थानीय निवासी किसी भी प्रकार की गंदगी या अन्य सफाई संबंधी समस्या उत्पन्न होने पर दीवार पर लिखे गए नंबरों का उपयोग करके सीधे व्हाट्सएप के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। वहीं शहर की पुरानी जेल के पास कूड़ा डंप किए जाने को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि वह एक सेकेंडरी कलेक्शन पॉइंट है, जहाँ शहर का कचरा रोजाना इकट्ठा करके मझगवां में स्थित स्थाई डंपिंग यार्ड में भेजा जाता है। हालांकि बरसात के मौसम में वहाँ पानी जमा होने से बदबू और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था, लेकिन घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था के फिर से पटरी पर आने से इस स्थान पर कूड़े का दबाव 80 प्रतिशत तक कम हो जाएगा और कचरा सीधे स्थाई डंपिंग यार्ड तक पहुँचेगा। इससे शहर के बीचों-बीच कचरा जमा होने और दुर्गंध की समस्या का भी स्थायी समाधान हो सकेगा।





















