बराबरी और साझेदारी का नया दौर, करवा चौथ पर पतियों के उपवास रखने की अनूठी परंपराडिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, बैंक की लापरवाही पर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की तैयारीपहाड़ी धाम की थाली का गौरव: बिना प्याज़-टमाटर ऐसे तैयार करें क्रीमी और सुगंधित हिमाचली चना मदराबिहार के ऐतिहासिक प्रतीकों को कबाड़ से जीवंत बना रहे भोजपुर के इंजीनियर प्रशांतअमेरिकी चुनाव 2028: चुनावी नतीजों को नकारने वाले कई रिपब्लिकन नेता अटॉर्नी जनरल की दौड़ में शामिलचांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट, छह दिनों में 40,000 रुपये तक लुढ़के दामआर्मेनिया की संसद में चुनावी वादे पर भिड़े नेता, लाइव प्रसारण के दौरान चले लात-घूंसे और फटे कपड़ेआईआईटी मद्रास ने जारी किया गेट 2027 का पूरा शेड्यूल, रोबोटिक्स समेत नए बदलावों के साथ इस दिन से शुरू होंगे आवेदनफीफा अंडर-15 विश्व कप में अफगानिस्तान से हारा भारत, अब कजाकिस्तान से टक्करऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में बैंक की चूक पर ग्राहकों को पूरा हर्जाना मिले: शीर्ष अदालत
बारिश रुकते ही दिल्ली एनसीआर में बिगड़ी हवा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता हुई बहुत खराबभारत
22 सित॰ 2026, 1:30 pm (38 दिन पहले)· 1

बारिश रुकते ही दिल्ली एनसीआर में बिगड़ी हवा, ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में वायु गुणवत्ता हुई बहुत खराब

मानसून की बारिश थमने के बाद दिल्ली एनसीआर में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ा है, जहां 21 सितंबर को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 300 के करीब दर्ज हुआ।

मानसून की बारिश का दौर थमते ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आबोहवा एक बार फिर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गई है। सितंबर का महीना खत्म होने से पहले ही दिल्ली, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के वायुमंडल में धूल और धुएं के कण जमा होने लगे हैं, जिसके चलते स्थानीय निवासियों को सांस लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमतौर पर ठंड की शुरुआत के साथ दिखने वाला यह संकट इस बार बारिश रुकते ही सामने आ गया है, जहां राजधानी दिल्ली के मुकाबले पड़ोसी शहर ग्रेटर नोएडा और गुरुग्राम में प्रदूषण का स्तर और भी अधिक गंभीर बना हुआ है।

ग्रेटर नोएडा के विभिन्न सेक्टरों में वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में पहुंची

सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के रिकॉर्ड के मुताबिक, 21 सितंबर को ग्रेटर नोएडा का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के आंकड़े के करीब दर्ज किया गया। शहर के नॉलेज पार्क-5 इलाके में स्थिति सबसे अधिक नाजुक पाई गई, जहां एक्यूआई 330 तक पहुंच गया। वायु गुणवत्ता के मानकों के तहत 300 से ऊपर का स्तर 'बहुत खराब' श्रेणी में गिना जाता है। इसी शहर के नॉलेज पार्क-3 इलाके में एक्यूआई 209 दर्ज किया गया, जो 'खराब' श्रेणी के अंतर्गत आता है। हवा में फैले इस भारी प्रदूषण के कारण इलाके के बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को भारी घुटन और दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

ये भी पढ़ें

साफ मौसम और बारिश की कमी से दिल्ली के कई इलाके भी प्रभावित

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के नवीनतम पूर्वानुमान में बताया गया है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली और आसपास का मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। आसमान साफ रहने और बारिश की कोई संभावना न होने के साथ तापमान में भी किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं। हालांकि, बारिश न होने की यही स्थिति हवा की सेहत बिगाड़ने वाली साबित हो रही है। बारिश के अभाव में हवा में तैरने वाले धूलकण नीचे नहीं बैठ पा रहे हैं और वातावरण में एकत्र हो रहे हैं। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार, चांदनी चौक में एक्यूआई 235 दर्ज किया गया है, जबकि आनंद विहार में 208 और बवाना में 203 का स्तर रहा। इसके अतिरिक्त कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 162, बुराड़ी क्रॉसिंग में 159, सीआरआरआई मथुरा रोड में 159 और आया नगर में 127 एक्यूआई दर्ज किया गया है।

गाजियाबाद के आवासीय क्षेत्रों में भी बढ़ा प्रदूषण का स्तर

गाजियाबाद के विभिन्न इलाकों में भी वायु प्रदूषण का दबाव साफ देखा जा रहा है। यहां लोनी क्षेत्र में वायु गुणवत्ता सूचकांक 203 के स्तर पर पहुंच गया है। इसके अलावा वसुंधरा में 187, इंदिरापुरम में 186, वेद विहार-लोनी में 171, संजय नगर में 164 और गोविंदपुरम में 123 एक्यूआई दर्ज किया गया। एनसीआर में लगातार बने हुए शुष्क मौसम के चलते प्रदूषक तत्वों का फैलाव रुक गया है और वे एक ही जगह वायुमंडल में जमा हो रहे हैं। इसी कारण से दिल्ली के साथ-साथ गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा के विस्तृत क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता मध्यम से गिरकर 'खराब' और कुछ जगहों पर 'बहुत खराब' श्रेणी में प्रवेश कर चुकी है।

सवाल-जवाब

21 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर कितना दर्ज किया गया?
21 सितंबर को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 300 के करीब दर्ज किया गया, जिसमें नॉलेज पार्क-5 का स्तर 330 तक पहुंच गया।
दिल्ली के किन इलाकों में वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंची है?
दिल्ली के चांदनी चौक में एक्यूआई 235, आनंद विहार में 208 और बवाना में 203 दर्ज किया गया है।
गाजियाबाद के किन क्षेत्रों में एक्यूआई 200 के पार या उसके करीब है?
गाजियाबाद के लोनी में एक्यूआई 203, वसुंधरा में 187 और इंदिरापुरम में 186 दर्ज किया गया है।
मौसम विभाग ने दिल्ली के मौसम को लेकर क्या पूर्वानुमान दिया है?
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक आसमान मुख्य रूप से साफ रहेगा, बारिश नहीं होगी और तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Amit Patel@amit-patel·37 दिन पहले

मानसून जाते ही हवा इतनी जल्दी कैसे खराब हो गई? अभी तो ठीक ठाक बारिश हुई थी, फिर भी एक्यूआई सीधे तीन सौ के पास पहुँच गया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·37 दिन पहले

मानसून जाते ही प्रदूषण बढ़ना आम है, पर सितंबर में ही ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 300 पहुंचना थोड़ा अजीब लगता है।

Aisha Khan@aisha-khan·37 दिन पहले

अर्जुन, अजीब क्या है इसमें? बारिश रुकते ही हवा खराब होना तो हर बार का हाल है, सितंबर हो या अक्टूबर।

Karan Malhotra@karan-malhotra·37 दिन पहले

अभी तो सितंबर ही है और सांस लेना दूभर होने लगा है, सर्दियों का क्या हाल होगा भगवान जाने।

Rohan Verma@rohan-verma·37 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले हफ्ते ही ग्रेटर नोएडा गया था, वहां सच में आंखों में जलन होने लगी थी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp