देश की राजधानी में वरिष्ठ प्रशासनिक भूमिकाएं निभा चुके 1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता की नोएडा स्थित आवास पर दुखद मृत्यु की खबर सामने आई है। 75 वर्षीय पूर्व मुख्य सचिव का शव रविवार, 6 सितंबर को सेक्टर-82 स्थित केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी के फ्लैट में फंदे से लटकता हुआ बरामद किया गया। घटना की खबर फैलते ही प्रशासनिक तंत्र और पुलिस महकमे में हलचल मच गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना फेस-2 की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी।
पुलिस जांच और घटनास्थल से बरामद सुसाइड नोट
मामले की शुरुआती जानकारी आपातकालीन नंबर डायल-112 के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई थी। सूचना मिलते ही थाना फेस-2 की पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक एक्सपर्ट और फील्ड यूनिट की टीमों ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का बारीक निरीक्षण किया और फिंगरप्रिंट तथा अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए। निरीक्षण के दौरान पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस पत्र में मानसिक तनाव और गंभीर बीमारियों से परेशान होने की बात लिखी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे इस पत्र की प्रामाणिकता की जांच कर रहे हैं और घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से पड़ताल जारी है।
पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव
घटनास्थल पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद पुलिस ने शव का पंचायतनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम जांच के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की औपचारिक प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद पुलिस ने पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक रिपोर्ट और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के मुख्य सचिव और राष्ट्रमंडल खेलों में अहम योगदान
राकेश मेहता भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1975 बैच के एक बेहद सम्मानित अधिकारी थे। उन्होंने वर्ष 2007 से लेकर वर्ष 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं। उनके कार्यकाल के दौरान ही वर्ष 2010 में दिल्ली में प्रतिष्ठित राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन हुआ था, जिसमें प्रशासनिक व्यवस्थाओं और समन्वय को संभालने में उन्होंने मुख्य भूमिका निभाई थी। 75 वर्ष की उम्र में उनके इस तरह अचानक दुनिया से चले जाने से नौकरशाही और राजनीतिक गलियारों में गहरा शोक व्यक्त किया जा रहा है।



















