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बंगाल की खाड़ी के नए तंत्र से राजस्थान में फिर लौटेगा मानसून, कोटा और जयपुर संभाग में तेज बारिश की चेतावनीराजस्थान
2 सित॰ 2026, 5:30 am (23 दिन पहले)· 5

बंगाल की खाड़ी के नए तंत्र से राजस्थान में फिर लौटेगा मानसून, कोटा और जयपुर संभाग में तेज बारिश की चेतावनी

उत्तरी उड़ीसा और झारखंड की ओर बढ़ रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण 4 से 7 सितंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान में मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने कोटा, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और उदयपुर संभागों के लिए चेतावनी जारी की है।

राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में एक बार फिर मानसून की झमाझम बारिश का दौर शुरू होने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग तथा मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के नए अनुमानों से संकेत मिलता है कि राज्य के वायुमंडल में मौसमी गतिविधियों में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल तथा उड़ीसा के तटवर्ती इलाकों पर इस समय एक वेल मार्क्ड लो प्रेशर एरिया सक्रिय बना हुआ है। यह मौसमी तंत्र आगामी 48 घंटों की समय अवधि में धीरे-धीरे अपनी दिशा बदलते हुए उत्तरी उड़ीसा और झारखंड के भूभाग की तरफ आगे बढ़ेगा। इस वायुमंडलीय बदलाव के सीधे प्रभाव से पूर्वी भारत के राज्यों के साथ-साथ पूर्वी राजस्थान के बड़े भूभाग में वर्षा की गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

पूर्वी राजस्थान में मानसून की वापसी और बारिश का नया दौर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान के पूर्वी क्षेत्र में आने वाले भरतपुर और जयपुर संभाग के जिलों में 2 और 3 सितंबर से ही बारिश की नई गतिविधियों का आगाज हो जाएगा। शुरुआती हल्की से मध्यम बारिश के बाद 4 सितंबर से लेकर 7 सितंबर 2026 के दौरान राज्य के पूर्वी इलाकों में मानसूनी बादलों का प्रभाव काफी अधिक बढ़ जाएगा। इस विशेष समय अवधि में कोटा, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग के अनेक स्थानों पर बिजली कड़कने और बादल गरजने के साथ हल्की से मध्यम श्रेणी की वर्षा दर्ज किए जाने का अनुमान लगाया गया है। इस दौरान कोटा संभाग और उसके समीपवर्ती जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने के साथ-साथ कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी भी जारी की गई है।

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कोटा और हाड़ौती क्षेत्र के लिए भारी बारिश का विशेष अलर्ट

मौसम विभाग ने कोटा और उसके आसपास के हाड़ौती क्षेत्र के जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। आगामी 4 और 5 सितंबर को कोटा, झालावाड़, बारां और सवाई माधोपुर जिलों के अलग-अलग हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की प्रबल आशंका जताई गई है। भारी वर्षा के साथ ही इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। मौसम की इस गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मौसम केंद्र ने हाड़ौती अंचल के किसानों तथा आम नागरिकों को तेज आंधी और बारिश के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने तथा सुरक्षित इमारतों में शरण लेने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर और भरतपुर संभाग में मौसम का मिजाज और असर

राज्य की राजधानी जयपुर और भरतपुर संभाग के जिलों में भी बारिश की गतिविधियों से मौसम में बदलाव महसूस किया जाएगा। अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली और डीग जैसे जिलों में 3 सितंबर की शुरुआत से ही आसमान में बादलों का आवगमन बढ़ेगा और मेघगर्जन की स्थितियां निर्मित होंगी। इसके बाद 4 और 5 सितंबर को जयपुर और भरतपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम स्तर की बारिश होने का अनुमान है। इस बारिश के कारण पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी और तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि, अचानक चलने वाली तेज हवाओं के कारण शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के खंभों व तारों को नुकसान पहुँच सकता है, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित होने की आशंका बनी रहेगी।

पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग की स्थिति

पूर्वी राजस्थान में जहां बारिश का दौर तेज रहेगा, वहीं पश्चिमी राजस्थान के बड़े भूभाग में मौसम का रुख इसके बिल्कुल विपरीत रहने वाला है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकतर जिलों में मानसून की स्थितियां फिलहाल सुस्त और कमजोर ही बनी रहेंगी। इसके बावजूद 4 से 6 सितंबर के बीच बीकानेर संभाग तथा शेखावाटी अंचल के कुछ सीमित स्थानों पर स्थानीय कारणों से बादल गरजने के साथ हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है। सीमावर्ती जिलों जैसलमेर, बाड़मेर, फलोदी और श्रीगंगानगर में तापमान सामान्य स्तर से ऊपर बना हुआ है और वहां भीषण गर्मी का असर रहेगा। मौसम विभाग का यह भी अनुमान है कि 8 सितंबर से राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर कमी देखने को मिलेगी।

सवाल-जवाब

राजस्थान में मानसून का नया दौर कब से शुरू हो रहा है?
भरतपुर और जयपुर संभाग में 2 और 3 सितंबर से बारिश की शुरुआत होगी, जबकि 4 से 7 सितंबर के दौरान राज्य भर में बारिश का मुख्य दौर देखने को मिलेगा।
भारी बारिश की चेतावनी किन जिलों के लिए जारी की गई है?
कोटा, झालावाड़, बारां और सवाई माधोपुर जिलों में 4 और 5 सितंबर को भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी दी गई है।
जयपुर और भरतपुर संभाग में मौसम कैसा रहेगा?
जयपुर, अलवर, दौसा, धौलपुर, करौली और डीग में 3 सितंबर से बादल छाएंगे तथा 4 और 5 सितंबर को मध्यम बारिश होगी, जिससे तापमान में गिरावट आएगी।
पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर में बारिश होगी या नहीं?
जोधपुर और बीकानेर संभाग में मानसून मुख्य रूप से कमजोर रहेगा, लेकिन बीकानेर संभाग और शेखावाटी में 4 से 6 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है।
राजस्थान में बारिश का यह दौर कब तक चलेगा?
राज्य के पूर्वी हिस्सों में 4 से 7 सितंबर तक तेज बारिश होगी और 8 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में फिर से कमी आने का अनुमान है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

बंगाल की खाड़ी के इस नए तंत्र से पूर्वी राजस्थान में होने वाली भारी बारिश से हाड़ौती और जयपुर संभाग में जलभराव और कृषि को बड़ा नुकसान पहुँच सकता है। खासकर कोटा और झालावाड़ जिलों में 4-5 सितंबर को तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के बीच प्रशासन को निचले इलाकों में जल निकासी और किसानों की सुरक्षा के लिए तुरंत एहतियाती कदम उठाने होंगे।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

रोहन ने सही चेतावनी दी है कि हाड़ौती क्षेत्र में भारी बारिश और आकाशीय बिजली से गंभीर संकट आ सकता है। चूंकि 4 और 5 सितंबर को 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की प्रबल आशंका है, इसलिए जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन इकाइयों को निचले इलाकों में त्वरित जल निकासी और किसानों की सुरक्षा के लिए अभी से मोर्चा संभालना होगा ताकि जनहानि रोकी जा सके।

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