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चारभुजा देवझूलनी एकादशी मेले पर देसूरी नाल में भारी वाहनों पर रोक, पाली से उदयपुर का रूट डायवर्टराजस्थान
22 सित॰ 2026, 10:16 am (3 दिन पहले)· 0

चारभुजा देवझूलनी एकादशी मेले पर देसूरी नाल में भारी वाहनों पर रोक, पाली से उदयपुर का रूट डायवर्ट

पाली के चारभुजा में देवझूलनी एकादशी मेले और पदयात्रियों की भारी भीड़ के चलते देसूरी नाल घाट सेक्शन पर भारी वाहनों की आवाजाही 25 सितंबर की रात 10 बजे तक प्रतिबंधित कर दी गई है।

पाली के चारभुजा क्षेत्र में देवझूलनी एकादशी के पावन अवसर पर भव्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक उत्सव के दौरान न केवल स्थानीय श्रद्धालु बल्कि रामदेवरा दर्शन के लिए जाने वाले यात्रियों का बड़ा जत्था भी चारभुजा मंदिर में शीश नवाता है। इस वजह से समूचे रास्ते पर पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं और अन्य दर्शनार्थियों का व्यापक दबाव देखने को मिल रहा है। देसूरी नाल का पर्वतीय घाट मार्ग अपनी दुर्गम भौगोलिक स्थिति, बेहद अंधे मोड़ों तथा तीखे ढलानों के लिए पहचाना जाता है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा बनाए रखने, लंबे ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और किसी भी गंभीर सड़क दुर्घटना की आशंका को खत्म करने के उद्देश्य से प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण रास्ते पर भारी यातायात को लेकर कड़ा कदम उठाया है।

प्रशासनिक पाबंदी और सुरक्षा संहिता के तहत निर्देश

चारभुजा में आयोजित प्रसिद्ध धार्मिक मेले की संवेदनशीलता को देखते हुए देसूरी नाल घाट मार्ग से भारी वाहनों के गुजरने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने कानून-व्यवस्था और सड़कों पर सुगम आवागमन बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 का इस्तेमाल करते हुए यह वैधानिक आदेश जारी किया। यह प्रशासनिक पाबंदी 25 सितंबर की रात 10 बजे तक पूरी तरह लागू रहेगी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने तक देसूरी की तरफ से प्रवेश करने वाले और पाली जिले से देसूरी होते हुए चारभुजा की ओर जाने वाले किसी भी भारी व्यावसायिक वाहन को इस घाट सेक्शन में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

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आपातकालीन सेवाओं और स्थानीय वाहनों को विशेष छूट

सार्वजनिक सुविधाओं और आपातकालीन जरूरतों का ध्यान रखते हुए जिला प्रशासन ने इस प्रतिबंध में कुछ विशेष रियायतें भी दी हैं। क्षेत्र के स्थानीय बाशिंदों के हल्के वाहनों पर यह रोक लागू नहीं होगी। इसके अतिरिक्त मरीजों को ले जाने वाली एम्बुलेंस, दमकल वाहन, किसी भी तरह की आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं, भारतीय सेना, पुलिस, अर्धसैनिक बलों, होमगार्ड, शांति व्यवस्था की निगरानी में तैनात प्रशासनिक अफसरों की गाड़ियों और रेलवे के कामकाज से जुड़े वाहनों को इस आदेश के दायरे से बाहर रखा गया है। इन सभी आवश्यक वाहनों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।

पाली से उदयपुर और अहमदाबाद के वैकल्पिक मार्ग

मालवाहक और भारी वाहनों के चालकों को गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था की गई है। पाली की तरफ से उदयपुर या आगे जाने वाले वाहन सांडेराव होकर सिरोही-पिंडवाड़ा फोरलेन (NH-62/NH-27) की ओर मुड़ सकते हैं। पिंडवाड़ा से गोगुंदा होते हुए गाड़ियां सीधे उदयपुर शहर पहुंच सकती हैं। इसके बाद उदयपुर से NH-48 के जरिए अहमदाबाद का सफर आसानी से पूरा किया जा सकता है। भारी वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए यह फोरलेन मार्ग सबसे सुरक्षित विकल्प साबित होगा। इसके अलावा सोजत या पाली की दिशा से चलने वाले वाहन ब्यावर-भीम (NH-58) का रुख कर सकते हैं, जहां से गोमती चौराहा होकर राजसमंद और उदयपुर की तरफ बढ़ा जा सकता है।

दूरी का अंतर और फोरलेन मार्ग की सुगमता

सड़क नेटवर्क के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाली से देसूरी नाल के संकरे घाट से होकर उदयपुर पहुंचने वाला पुराना रास्ता लगभग 188 किलोमीटर का है। इसके उलट, यदि वाहन चालक सांडेराव-पिंडवाड़ा फोरलेन (NH-62/NH-27) से गोगुंदा होकर उदयपुर का रास्ता चुनते हैं, तो यह कुल दूरी लगभग 245 किलोमीटर बैठती है। वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने पर ड्राइवरों को करीब 55 से 60 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना होगा। दूरी अधिक होने के बावजूद यह चार लेन वाला चौड़ा हाईवे भारी और व्यावसायिक गाड़ियों की सुरक्षित यात्रा, समय की बचत और दुर्घटनाओं से बचाव के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है।

सवाल-जवाब

देसूरी नाल पर भारी वाहनों पर रोक कब तक लागू रहेगी?
प्रशासन के आदेश के अनुसार यह रोक 25 सितंबर की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगी।
किन वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है?
स्थानीय निवासियों के हल्के वाहन, एम्बुलेंस, दमकल, सेना, पुलिस, होमगार्ड, कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों और रेलवे के वाहनों को छूट मिली है।
पाली से उदयपुर जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग कौन सा है?
वाहन सांडेराव से सिरोही-पिंडवाड़ा फोरलेन (NH-62/NH-27) होकर गोगुंदा के रास्ते सीधे उदयपुर पहुंच सकते हैं।
वैकल्पिक मार्ग से जाने पर कितनी अतिरिक्त दूरी तय करनी होगी?
सांडेराव-पिंडवाड़ा वैकल्पिक मार्ग से उदयपुर जाने पर ड्राइवरों को लगभग 55 से 60 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
यह प्रशासनिक आदेश किस कानून के तहत जारी किया गया है?
जिला कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी ने यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया है।
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टिप्पणियाँ 5

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·2 दिन पहले

मेले के दौरान जाम से बचने के लिए रूट डायवर्ट करना अच्छा फैसला है, वरना लोग बहुत परेशान होते।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

मेले में पदयात्रियों की इतनी भीड़ को देखते हुए क्या प्रशासन को एक-दो दिन पहले ही रास्ते बंद कर देने चाहिए थे? अचानक रूट डायवर्ट करने से ट्रक चालकों को कितनी परेशानी हुई होगी?

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

अर्जुन जी, सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से अचानक रूट डायवर्जन से माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बढ़ जाते हैं, जिसका असर अंततः कारोबार पर पड़ता है।

Rohan Verma@rohan-verma·2 दिन पहले

मेले में भीड़ को देखते हुए भारी वाहनों का रूट बदलना प्रशासन का सही फैसला है, जाम से राहत मिलेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

रोहन जी, बात तो सही है आपकी। पर देसूरी नाल के तीखे मोड़ों पर पिछले हादसों को देखते हुए पुलिस और ट्रैफिक विभाग को इस रूट डायवर्जन पर 25 तारीख की रात तक एक्स्ट्रा फोर्स भी लगानी चाहिए ताकि कोई ड्राइवर नियम न तोड़े।

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