रायपुर में बीमारी ठीक करने के बहाने महिला से 15 तोला सोना और नकदी ऐंठी, 3 फर्जी साधु फरारदिल्ली के झारखंड भवन में लिफ्ट अटकने से पूर्व सांसद घूरन राम के परिवार के 6 सदस्य हुए अचेत, परिसर में फूटा गुस्सावृश्चिक राशिफल 1 अक्टूबर: आर्थिक फैसलों में बरतें संयम, रिश्तों में धैर्य और सुनने की आदत से बनेगी बातअक्टूबर की शुरुआत में 19 किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर हुआ महंगा, जानिए प्रमुख शहरों में नए दामअजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंकम सामग्री में घर पर बनाएं छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लाल भाजी और आलू की सूखी सब्जीप्रशांत महासागर में अल नीनो के उभार से कमजोर पड़ा मानसून, 2001 के बाद दर्ज हुई चौथी सबसे सूखी स्थितिबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकाकिसान के बेटे डॉ. भागचंद बधाल का RAS से IAS कैडर में हुआ प्रमोशन, सरकारी स्कूल से शुरू हुआ था सफर
चीन सीमा पर भारत का मजबूत कदम, अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे की 5 सड़कों के लिए 2400 करोड़ रुपये मंजूरअरुणाचल प्रदेश
22 अग॰ 2026, 6:14 am (40 दिन पहले)· 2

चीन सीमा पर भारत का मजबूत कदम, अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे की 5 सड़कों के लिए 2400 करोड़ रुपये मंजूर

केंद्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा के पास 278 किलोमीटर लंबी 5 नई सड़कों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। राष्ट्रीय राजमार्ग 913 का हिस्सा बनने वाले इस प्रोजेक्ट पर 2,400 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे।

पूर्वोत्तर सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। अरुणाचल प्रदेश में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए 'अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे' परियोजना के तहत 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत कुल 278 किलोमीटर लंबी पांच अलग-अलग सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह संपूर्ण नेटवर्क राष्ट्रीय राजमार्ग-913 के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में विकसित होगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इस विशाल परियोजना के लिए औपचारिक रूप से स्वीकृति पत्र जारी कर दिए हैं, जिसके बाद निर्माण गतिविधियों को शीघ्र शुरू करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे के 5 मुख्य सड़क मार्ग और बजट विवरण

अरुणाचल प्रदेश के सुदूरवर्ती और रणनीतिक रूप से संवेदनशील इलाकों में संपर्क मार्ग सुधारने के लिए इस परियोजना को कई चरणों में विभाजित किया गया है। निर्माण कार्य मुख्य रूप से राज्य के दो प्रमुख सीमावर्ती जिलों, ऊपरी सुबनसिरी और पश्चिम सियांग में संपन्न होगा। इन क्षेत्रों के सबसे दुर्गम हिस्सों को जोड़ने के उद्देश्य से सरली-हुरी, हुरी-तालीहा और बिले-मिगिंग मार्ग निर्धारित किए गए हैं।

ये भी पढ़ें

इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा और व्यापक खंड सरली-हुरी मार्ग है। इस 78.38 किलोमीटर लंबे खंड के निर्माण पर लगभग 611 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। बुनियादी ढांचा मंत्रालय ने इस खंड को पूर्ण करने के लिए 36 महीने यानी 3 वर्ष की समयसीमा तय की है। इसके अतिरिक्त हुरी-तालीहा क्षेत्र के अंतर्गत दो बड़ी सड़कों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से पहली सड़क 57 किलोमीटर लंबी होगी जिस पर 525 करोड़ रुपये की लागत आएगी। वहीं दूसरी सड़क 55 किलोमीटर लंबी बनाई जाएगी। हुरी-तालीहा खंड के दोनों कार्यों को पूरा करने के लिए 48 महीने यानी 4 साल की लक्षित अवधि निर्धारित की गई है।

भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत कठिन बिले-मिगिंग क्षेत्र में 37 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण किया जाएगा। दुर्गम पहाड़ियों और विषम परिस्थितियों वाले इस इलाके में सड़क तैयार करने के लिए 274 करोड़ रुपये का अलग बजट पास हुआ है। इस पूरी वृहद सड़क परियोजना के निष्पादन और क्रियान्वयन का जिम्मा सीगल इंडिया लिमिटेड के संयुक्त उद्यम को सौंपा गया है। कंपनी आगामी वर्षों में इस निर्माण को चरणबद्ध तरीके से पूरा करेगी।

एलएसी पर सैन्य मजबूती और रणनीतिक महत्व

सीमावर्ती इलाकों में चीन द्वारा तेजी से किए जा रहे बुनियादी ढांचे के विकास के जवाब में भारत का यह कदम रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम माना जा रहा है। एलएसी के दूसरी तरफ चीनी गतिविधियों और निर्माण कार्यों को देखते हुए भारत अपनी ओर सामरिक पहुंच को मजबूत बना रहा है। अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे देश के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक प्रोजेक्ट्स की सूची में शामिल है।

सड़कों के चौड़ीकरण और नए मार्गों के निर्माण से भारतीय सेना को अभूतपूर्व परिचालन लाभ मिलेगा। आपातकालीन स्थितियों या किसी भी सुरक्षा चुनौती के दौरान सेना की गाड़ियों, भारी तोपों, सैन्य टैंकों और बख्तरबंद वाहनों की आवाजाही बिना किसी बाधा के बहुत तेजी से हो सकेगी। पहले जिन दुर्गम चौकियों तक पहुंचने में लंबा समय लगता था, वहां अब न्यूनतम समय में बैकअप और रसद सामग्री पहुंचाई जा सकेगी। इससे सीमा पर मुस्तैद जवानों की परिचालन क्षमता में भारी इजाफा होगा।

सीमांत गांवों का विकास, पर्यटन और पलायन पर रोक

राष्ट्रीय राजमार्ग-913 के निर्माण का लाभ केवल रक्षा बलों तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह स्थानीय नागरिक आबादी के लिए भी एक जीवनरेखा साबित होगा। अरुणाचल प्रदेश के अंतिम सीमावर्ती गांवों में भौगोलिक विषमताओं के कारण आवागमन अत्यंत कष्टदायक और सीमित रहा है। इस ऑल-वेदर रोड नेटवर्क के तैयार होने से ये सुदूर गांव देश के मुख्यधारा के सड़क तंत्र से सीधे जुड़ जाएंगे।

उत्कृष्ट सड़क संपर्क स्थापित होने से क्षेत्र में स्थानीय व्यापार, कृषि उपज के परिवहन और पर्यटन उद्योग को नई गति मिलेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मूलभूत सुविधाओं और रोजगार के अवसरों के अभाव में सीमांत गांवों से हो रहे नागरिक पलायन पर रोक लगेगी। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में जीवंत स्थानीय आबादी का बना रहना राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।

सवाल-जवाब

अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे परियोजना के लिए कितना बजट मंजूर किया गया है?
केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के तहत 5 सड़कों के निर्माण के लिए 2,400 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है।
इन 5 सड़कों की कुल लंबाई कितनी होगी?
इस परियोजना के अंतर्गत कुल 278 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जाएंगी, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 913 का हिस्सा होंगी।
यह निर्माण कार्य अरुणाचल प्रदेश के किन जिलों में होगा?
यह सड़कें मुख्य रूप से अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी और पश्चिम सियांग जिलों में बनाई जाएंगी।
सरली-हुरी सड़क खंड की लंबाई और लागत क्या है?
सरली-हुरी खंड 78.38 किलोमीटर लंबा है, जिसकी निर्माण लागत लगभग 611 करोड़ रुपये है और इसे 36 महीने में पूरा करने का लक्ष्य है।
इस हाईवे से भारतीय सेना को क्या रणनीतिक लाभ मिलेगा?
एलएसी तक सेना की गाड़ियां, भारी तोपें और रसद बिना किसी देरी के पहुंच सकेंगी, जिससे आपात स्थिति में त्वरित बैकअप मिलेगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp