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चूड़धार के घने जंगलों में भटक गए पंजाब-हरियाणा के चार श्रद्धालु, पुलिस ने रातभर अभियान चलाकर बचायाहिमाचल प्रदेश
14 सित॰ 2026, 3:50 pm (8 दिन पहले)· 0

चूड़धार के घने जंगलों में भटक गए पंजाब-हरियाणा के चार श्रद्धालु, पुलिस ने रातभर अभियान चलाकर बचाया

चूड़धार चोटी से लौटते समय घने जंगल में रास्ता भटके पंजाब और हरियाणा के चार श्रद्धालुओं को चौपाल पुलिस ने सुरक्षित खोज निकाला। पूरी रात चले इस तलाश अभियान के बाद सभी यात्रियों के ठहरने का उचित प्रबंध किया गया।

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में रातभर चले एक जटिल खोज अभियान के दौरान पुलिस बल ने चूड़धार के बीहड़ जंगलों में फंसे चार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रविवार की शाम प्रसिद्ध धार्मिक स्थल से वापस लौटते समय रास्ता भटक जाने के कारण यह सभी श्रद्धालु घने अंधेरे में जंगल के भीतर फंस गए थे।

रातभर चला तलाश और बचाव अभियान

घटना की शुरुआत रविवार रात को हुई जब 112 आपातकालीन हेल्पलाइन सेवा के माध्यम से शिमला पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक सूचना मिली। संदेश में बताया गया कि चूड़धार शिखर से नीचे उतर रहे कुछ यात्री रास्ते का अंदाजा न होने के कारण बीहड़ जंगलों में गुम हो गए हैं। सूचना मिलते ही चौपाल थाना पुलिस की एक विशेष टीम ने घने अंधियारे और विकट प्राकृतिक परिस्थितियों के बावजूद खोज अभियान शुरू कर दिया।

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दुर्गम रास्तों पर गश्त करते हुए पुलिस दल आधी रात के आसपास पाताल खड्ड क्षेत्र के समीप पहुंचा, जहां उन्हें मोहाली (पंजाब) के निवासी 22 वर्षीय राहुल और 21 वर्षीय संकेत सुरक्षित अवस्था में मिले। इस दौरान टीम को जानकारी मिली कि एक दंपती भी इसी क्षेत्र में अलग स्थान पर फंसा हुआ है। बिना समय गंवाए बचाव दल ने आगे खोज जारी रखी और अंततः करनाल (हरियाणा) के निवासी 26 वर्षीय राहुल और उनकी 24 वर्षीया पत्नी मधु को भी सकुशल ढूंढ निकाला। शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के अनुसार चारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर उनके रुकने की उचित व्यवस्था की गई है।

सिरमौर की सबसे ऊंची चोटी और उसके खतरे

सिरमौर जिले में स्थित चूड़धार पर्वत श्रृंखला की ऊंचाई लगभग 12 हजार फीट है, जो इसे इस क्षेत्र की सबसे ऊंची चोटी बनाती है। शिरगुल महाराज की तपोस्थली माने जाने वाले इस पवित्र स्थान पर हर वर्ष हजारों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए मुख्य रूप से दो पैदल रास्ते उपयोग में लाए जाते हैं, जिनमें नौहराधार से 18 किलोमीटर का मार्ग और चौपाल की ओर से 9 किलोमीटर की कठिन खड़ी चढ़ाई शामिल है।

ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र और घने जंगलों के कारण यहां का मौसम और रास्ता अत्यधिक संवेदनशील रहता है। शीतकाल के दौरान इस स्थान पर 15 से 20 फीट तक भारी बर्फबारी दर्ज की जाती है। भारी हिमपात की वजह से सर्दियों के मौसम में यह पूरा इलाका मुख्य मार्ग से कट जाता है और वहां आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती है।

सवाल-जवाब

चूड़धार के जंगलों में फंसे श्रद्धालुओं को किस पुलिस टीम ने बचाया?
शिमला जिले के चौपाल थाना पुलिस ने रातभर चलाए गए खोज एवं बचाव अभियान के दौरान सभी चार तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला।
रेस्क्यू किए गए श्रद्धालुओं की पहचान क्या है?
बचाए गए यात्रियों में हरियाणा के करनाल निवासी राहुल (26) व उनकी पत्नी मधु (24) तथा पंजाब के मोहाली निवासी राहुल (22) व संकेत (21) शामिल हैं।
चूड़धार चोटी की ऊंचाई कितनी है?
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित चूड़धार चोटी की ऊंचाई लगभग 12,000 फीट है।
चूड़धार पहुंचने के लिए कौन से मुख्य रास्ते हैं?
चूड़धार जाने के दो मुख्य मार्ग हैं: नौहराधार से 18 किलोमीटर का पैदल रास्ता और चौपाल की तरफ से 9 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई।
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