अमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे ब्रिटिश पाउंड दबाव में, 1.3200 के स्तर पर टिकापीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालएम्स जोधपुर में जूनियर डॉक्टर की मौत के बाद हड़ताल, बंद रही ओपीडी और टलीं 80 सर्जरीसरगुजा में स्ट्रॉबेरी की बागवानी से तगड़े मुनाफे की उम्मीद, समझिए रोपाई से लेकर आमदनी का पूरा गणितचंबा की ठाकरी मट्टी पंचायत में दोबारा मतगणना से पलटा नतीजा, भारती ठाकुर 44 मतों से बनीं प्रधाननीले आसमान और चमकीली धूप से महका दिल्ली-एनसीआर, बिना बारिश छंट गया प्रदूषणसरगुजा के गांव में मिट्टी के चूल्हे पर पकती है लेमनग्रास की लाल चाय, रामअवतार यादव ने सहेजी पुरखों की परंपरामुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा सीजेपी, 48 घंटे की मोहलत खत्म होते ही आंदोलन की तैयारीवित्त राशिफल 25 सितंबर: 12 राशियों के लिए धन, निवेश और बजट की पूरी स्थितिसंयुक्त राष्ट्र महासभा में नेतन्याहू के आरोपों पर जोहरान ममदानी का कड़ा पलटवार, याद दिलाया आईसीसी का वारंट
चूरू पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को 6 साल की सजा और 6 लाख मुआवजाराजस्थान
13 सित॰ 2026, 12:29 pm (12 दिन पहले)· 0

चूरू पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी बाल अपचारी को 6 साल की सजा और 6 लाख मुआवजा

राजस्थान के चूरू जिले में पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने साल 2024 के एक दुष्कर्म मामले में बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए 6 साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा देने के भी निर्देश दिए हैं।

राजस्थान के चूरू जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने एक बेहद गंभीर और महत्वपूर्ण मामले में सख्त फैसला सुनाते हुए बाल अपचारी को दोषी ठहराया है। अदालत ने साल 2024 में दर्ज किए गए दुष्कर्म के इस मामले में सुनवाई पूरी करने के बाद दोषी को 6 साल के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय की ओर से दिए गए निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाल अपचारी को उसकी 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक बीकानेर के संरक्षण गृह में रखा जाएगा। इसके अलावा, अदालत ने पीड़िता को राहत प्रदान करने के लिए पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत छह लाख रुपए का मुआवजा दिए जाने का भी आदेश दिया है।

साल 2024 में महिला थाने में दर्ज हुआ था मामला

यह पूरा सनसनीखेज मामला अगस्त 2024 के दौरान चूरू के महिला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था। पुलिस को दी गई आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, रतनगढ़ थाना क्षेत्र की रहने वाली करीब 15 साल की एक नाबालिग किशोरी चूरू के ही एक ग्रामीण इलाके में अपने ननिहाल में रहकर अपनी पढ़ाई के साथ-साथ सिलाई सीखने का काम कर रही थी। वह अपनी सिलाई की ट्रेनिंग के सिलसिले में रोजाना अपने गांव से चूरू आया-जाया करती थी। इसी नियमित आवाजाही के दौरान चूरू बस स्टैंड पर उसकी मुलाकात एक बाल अपचारी से हो गई थी, जिसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ा।

ये भी पढ़ें

होटल में ले जाकर दिया था कुकृत्य को अंजाम

पीड़िता पक्ष की तरफ से पुलिस और अदालत में पेश किए गए आरोपों के मुताबिक, उस मुलाकात के अगले ही दिन बाल अपचारी किशोरी को बातचीत करने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। वह उसे चूरू के पुराने बस स्टैंड के नजदीक स्थित सनराइज होटल में लेकर गया, जहां उसने नाबालिग के साथ इस घृणित और दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। आरोपी ने वारदात के बाद पीड़िता को डराते हुए यह धमकी भी दी थी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को भी बताया, तो उसे जान से मार दिया जाएगा। इस भयानक खौफ और मानसिक दबाव के बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने परिजनों को पूरी आपबीती बताई, जिसके तुरंत बाद चूरू महिला थाने में औपचारिक मामला दर्ज कराया गया।

पुलिस की त्वरित जांच और न्यायालय का कड़ा रुख

मामला दर्ज होने के बाद चूरू महिला थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बेहद तत्परता के साथ जांच को आगे बढ़ाया और सभी जरूरी साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने अपनी गहन अनुसंधान प्रक्रिया पूरी करने के बाद नियत समय पर अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी। इसके बाद पॉक्सो अदालत में इस बहुचर्चित मामले की नियमित सुनवाई शुरू हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को विस्तार से सुना और फाइल पर आए तमाम सबूतों तथा गवाहों के बयानों का बारीकी से परीक्षण किया। इसके आधार पर पीठासीन अधिकारी ने बाल अपचारी को इस गंभीर अपराध का दोषी करार दिया। न्यायालय के इस कड़े और सख्त फैसले से जहां एक तरफ पीड़िता को न्याय मिलने की आस बंधी है, वहीं समाज में बाल अपराधों के खिलाफ न्यायपालिका की सख्ती का एक कड़ा संदेश भी गया है।

सवाल-जवाब

यह मामला किस जिले और अदालत से संबंधित है?
यह मामला राजस्थान के चूरू जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत से संबंधित है।
बाल अपचारी को कितनी सजा सुनाई गई है?
बाल अपचारी को 6 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है और उसे 21 वर्ष की आयु तक बीकानेर के संरक्षण गृह में रखा जाएगा।
घटना कब और कहाँ दर्ज की गई थी?
यह मामला अगस्त 2024 में चूरू के महिला पुलिस थाने में दर्ज कराया गया था।
पीड़िता को कितना मुआवजा देने का आदेश दिया गया है?
अदालत ने पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत पीड़िता को छह लाख रुपए का मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं।
घटना किस स्थान पर घटित हुई थी?
यह घटना चूरू के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित सनराइज होटल में हुई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp