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दमोह में दिल दहला देने वाली वारदात, सोते हुए ससुर पर दामाद ने कुल्हाड़ी से किया हमलाभारत
7 सित॰ 2026, 11:35 pm (50 दिन पहले)· 0

दमोह में दिल दहला देने वाली वारदात, सोते हुए ससुर पर दामाद ने कुल्हाड़ी से किया हमला

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में घरेलू विवाद के चलते एक दामाद ने सो रहे अपने ससुर की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी और बीच-बचाव करने आई एक युवती को गंभीर रूप से घायल कर दिया। आरोपी वारदात के बाद मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पिपरोधा गांव में सोमवार तड़के एक सनसनीखेज हत्याकांड का मामला सामने आया है। पति और पत्नी के बीच चल रहे विवाद की वजह से ससुराल पहुंचे दामाद ने सो रहे अपने ससुर पर खूनी हमला कर दिया। इस वीभत्स घटना में ससुर की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बीच-बचाव करने वाली युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस वारदात के बाद से ही आरोपी फरार है और पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

विवाद के बाद ससुराल पहुंचा था आरोपी

पिपरोधा गांव के रहने वाले रमेश रैकवार रविवार की रात अपने परिवार के साथ घर में सो रहे थे। मृतक की बेटी रश्मि रैकवार ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वह बमोरी गांव में रहती थी। उसके पति रामप्रसाद रैकवार द्वारा शराब के नशे में उसके साथ आए दिन मारपीट की जाती थी, जिससे परेशान होकर वह अपने मायके पिपरोधा आ गई थी। इसी विवाद के चलते रविवार की शाम को उसका पति भी ससुराल पहुंच गया था। परिवार के लोगों के मुताबिक, रात के वक्त रमेश रैकवार ने अपने दामाद को काफी समझाया और शांत रहने की बात कही थी। इसके बाद सभी ने मिलकर खाना खाया और अपने-अपने बिस्तर पर सोने चले गए।

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तड़के सोते समय किया गया हमला

सोमवार की सुबह करीब 4 बजे जब सब लोग गहरी नींद में थे, तभी रामप्रसाद रैकवार ने सोते हुए रमेश रैकवार पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आने की वजह से रमेश रैकवार की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस हमले की आहट सुनकर वहां मौजूद गंगाबाई की नींद खुल गई। जब उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो आरोपी ने उन पर भी कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस हमले में गंगा बाई गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें तुरंत उपचार के लिए बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।

पुलिस की तलाश और जांच जारी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दामाद मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस सनसनीखेज हत्याकांड की सूचना मिलते ही बटियागढ़ थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मृतक रमेश रैकवार के शव को अपने कब्जे में लेकर बटियागढ़ स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं। पुलिस ने इस मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए उसकी तलाश तेज कर दी है।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले और गांव में हुई?
यह घटना मध्य प्रदेश के दमोह जिले के बटियागढ़ थाना क्षेत्र के पिपरोधा गांव में हुई।
मृतक का नाम क्या था?
मृतक का नाम रमेश रैकवार था।
आरोपी का क्या नाम है और उसका मृतक से क्या रिश्ता था?
आरोपी का नाम रामप्रसाद रैकवार है और वह मृतक का दामाद था।
घटना के समय आरोपी ने किस हथियार का इस्तेमाल किया?
आरोपी ने सोते हुए ससुर पर कुल्हाड़ी से हमला किया था।
इस हमले में घायल होने वाली महिला का नाम क्या है?
इस हमले में गंगाबाई गंभीर रूप से घायल हुई हैं।
घटना के बाद आरोपी का क्या हुआ?
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Dr. Aditya Sharma@aditya-sharma·49 दिन पहले

दमोह की यह घटना घरेलू कलह और नशे की प्रवृत्ति के कारण समाज में बढ़ती हिंसक असहनीयता का गंभीर प्रमाण है। खगोलीय और मनोवैज्ञानिक गणनाओं के अनुसार, जब मंगल और चंद्रमा का कुप्रभाव व्यक्ति की मानसिक स्थिरता को क्षीण करता है, तब ऐसी अंधाधुंध और अमानवीय घटनाएं सामने आती हैं। काउंसलिंग और पारिवारिक मध्यस्थता के बावजूद इस प्रकार का खूनी संघर्ष यह दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य और व्यसन मुक्ति के लिए जमीनी स्तर पर काउंसलिंग और सख्त प्रशासनिक उपायों की तत्काल आवश्यकता है, अन्यथा इस तरह के अपराध पारिवारिक ताने-बाने को पूरी तरह छिन्न-भिन्न कर देंगे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·49 दिन पहले

यह घटना घरेलू हिंसा के बढ़ते विकृत रूप और सामाजिक ताने-बाने के टूटने को दर्शाती है। शराब के नशे में बढ़ती घरेलू कलह और पुलिस-प्रशासनिक नियंत्रण का अभाव अक्सर ऐसे जघन्य अपराधों में बदल जाता है। यद्यपि पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है, लेकिन इस तरह की वारदातों को रोकने के लिए ग्रामीण स्तर पर प्रभावी काउन्सेलिंग और कानून का कड़ा खौफ होना बेहद आवश्यक है ताकि विवाद खूनी संघर्ष का रूप न ले सकें।

Li Wei@li-wei·49 दिन पहले

यह वीभत्स घटना दर्शाती है कि घरेलू कलह और मादक पदार्थों का सेवन किस हद तक जानलेवा बन सकता है। जब पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर कोई संस्थागत सहायता नहीं मिलती, तो ऐसे मामले आपराधिक स्तर पर पहुँच जाते हैं। इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए केवल पुलिस कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित न्यायिक मदद और सामाजिक सुरक्षा के तंत्र को मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा हिंसा को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·49 दिन पहले

घरेलू हिंसा और नशे की लत का यह खूनी परिणाम समाज में बढ़ती हताशा और परामर्श तंत्र की विफलता को उजागर करता है। जब पारिवारिक विवाद पुलिस या समाज के स्तर पर समयबद्ध और प्रभावी ढंग से हल नहीं होते, तो वे ऐसे वीभत्स अपराधों का रूप ले लेते हैं। पुलिस की प्राथमिकता अब आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और घायल महिला को उचित चिकित्सीय सुरक्षा देने के साथ-साथ इस बात की जांच करना होनी चाहिए कि क्या इस हिंसक प्रवृत्ति को पहले रोका जा सकता था।

Ravikash Gupta@ravikash·49 दिन पहले

नशे की प्रवृत्ति और घरेलू कलह का इस तरह खूनी संघर्ष में बदलना यह संकेत देता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य और डी-एडिक्शन काउंसलिंग की व्यवस्था कितनी कमजोर हो चुकी है। यदि ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर ही सामाजिक मध्यस्थता और कानूनी मदद समय पर मिल जाए, तो इस प्रकार के जघन्य अपराधों को रोका जा सकता है। पुलिस और प्रशासन को अब त्वरित गिरफ्तारी के साथ-साथ जमीनी स्तर पर ऐसे पारिवारिक विवादों के समाधान के लिए विशेष जागरूकता और मध्यस्थता प्रकोष्ठ सक्रिय करने की सख्त जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की वीभत्स वारदातों पर लगाम लगाई जा सके।

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