इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क अधिकारियों ने विदेश से सोने की अवैध तस्करी के एक सुनियोजित प्रयास को नाकाम कर दिया है। दुबई से भारत पहुंचे आठ यात्रियों के पास से भारी मात्रा में सोना बरामद किया गया, जिसकी कुल कीमत लगभग 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। पकड़े गए इस समूह में सात पुरुष और एक महिला शामिल हैं। आरोपियों ने इस कीमती धातु को अधिकारियों से छिपाने के लिए विमान के भीतर ही छोड़ दिया था, लेकिन सटीक सूचना के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई ने उनकी पूरी योजना को पूरी तरह विफल कर दिया।
सीटों के नीचे छिपाए गए थे सोने से भरे बैग
यह घटना 21 सितंबर की है, जब एमिरेट्स की उड़ान ईके-514 दुबई से नई दिल्ली के टर्मिनल पर उतरी थी। सफर के दौरान इन यात्रियों ने सुरक्षा जांच से बचने की नीयत से सोने को विमान की यात्री सीटों के नीचे बने गुप्त स्थानों में रख दिया था। उन्हें उम्मीद थी कि विमान खाली होने के बाद या किसी अन्य तरीके से वे इस धातु को सुरक्षित निकाल लेंगे अथवा जांच अधिकारियों को चकमा देकर बाहर निकल जाएंगे। हालांकि, सीमा शुल्क विभाग का खुफिया तंत्र पहले से ही इस हरकत पर नजर रखे हुए था।
खुफिया जानकारी और समन्वित घेराबंदी
सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट को उड़ान के आने से पहले ही पक्की गोपनीय सूचना मिल चुकी थी कि इस विशिष्ट विमान से भारी मात्रा में सोना लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से अपना जाल बिछाया। रणनीति के तहत विभाग की एक टीम को एयरोब्रिज पर तैनात किया गया ताकि यात्रियों के उतरते ही विमान के आंतरिक हिस्सों की गहन तलाशी ली जा सके। वहीं, दूसरी टीम को ग्रीन चैनल और निकास द्वारों के आसपास तैनात किया गया ताकि संदिग्ध यात्रियों पर नजर रखी जा सके और किसी को भी भागने का अवसर न मिले।
जैसे ही यात्री विमान से बाहर निकले, जांच दल ने केबिन के भीतर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। गहन निरीक्षण के दौरान विमान की दो अलग-अलग सीटों के नीचे से तीन छोटे बैग बरामद हुए। जब इन बैगों को खोलकर देखा गया, तो वे सोने की जंजीरों से भरे हुए पाए गए। प्रतिबंधित सामान बरामद होते ही ग्रीन चैनल पर तैनात दल को सतर्क किया गया और कुछ ही मिनटों के भीतर आठों संदिग्ध यात्रियों को हिरासत में ले लिया गया।
सिल्वर और काले रंग की कोटिंग से धोखे की कोशिश
तस्करों ने धातु की पहचान छिपाने के लिए भी खास तरकीब अपनाई थी। जब्त की गई सोने की चेनों पर चांदी और काले रंग का स्प्रे छिड़का गया था, ताकि देखने में वे सामान्य धातु या नकली आभूषण जैसी लगें और किसी का ध्यान उन पर न जाए। हालांकि, वैज्ञानिक जांच और तकनीकी परीक्षण के सामने यह चालाकी तुरंत पकड़ में आ गई। अधिकारियों ने कोटिंग हटाकर जब पूरी जांच की, तो शुद्ध सोने की पुष्टि हुई। बरामद किए गए सोने का कुल वजन लगभग 6.5 किलोग्राम दर्ज किया गया, जिसकी बाजार दर करीब 9 करोड़ रुपये है। पूरा माल जब्त करने के बाद सभी आठ आरोपियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रदर्शनी का बहाना और तस्करी का तरीका
पूछताछ और शुरुआती जांच में आरोपियों के काम करने के तौर-तरीकों का भी खुलासा हुआ है। यह समूह अक्सर व्यापारिक या आभूषण प्रदर्शनियों में शामिल होने का दिखावा करके नियमित अंतराल पर दुबई की यात्रा करता था। वहां पहुंचकर वे बड़ी मात्रा में सोना खरीदते थे और स्थानीय स्तर पर उसे चेन तथा अन्य आभूषणों के रूप में ढलवाते थे। उनका सामान्य तरीका यह रहता था कि इन आभूषणों को अपने शरीर पर पहनकर निजी सामान की तरह सीमा शुल्क जांच से निकाल लिया जाए। लेकिन इस बार जब उन्हें पकड़े जाने का खतरा लगा, तो उन्होंने इसे विमान की सीटों के नीचे छिपाने का जोखिम उठाया। गिरफ्तारी के पश्चात सभी आठों व्यक्तियों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
























