पश्चिम बंगाल के पूर्व बर्धमान जिले में एक अत्यंत दुखद और रहस्यमयी घटना प्रकाश में आई है, जहां एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में जान चली गई। कालना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बाघनापाड़ा के फड़िंगगाछी इलाके में एक घर के भीतर महिला का शव फंदे पर झूलता हुआ पाया गया। इस दर्दनाक घटना से पूरे क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है, क्योंकि जिस दिन महिला की मौत की खबर सामने आई, ठीक उसी दिन पिछले साल उनकी मासूम बेटी की सर्पदंश के कारण असमय मृत्यु हो गई थी। अपनी बच्ची की पहली बरसी के दिन ही मां का शव इस तरह मिलने से हर कोई स्तब्ध रह गया है। मृतका की पहचान झुमा विश्वास के रूप में की गई है, जो मूल रूप से नदिया जिले के शांतिपुर स्थित बागानपाड़ा इलाके की निवासी थीं।
चौदह साल से शारीरिक यातना और शक का शिकार होने का दावा
इस दुखद घटना के सामने आते ही मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने ससुराल वालों के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराई हैं। परिजनों का कहना है कि लगभग 14 वर्ष पहले झुमा का विवाह कालना के फड़िंगगाछी निवासी गोविंद विश्वास के साथ विधि-विधान से संपन्न हुआ था। परिजनों का सीधा आरोप है कि विवाह के बाद से ही वैवाहिक जीवन सामान्य नहीं था और झुमा लगातार घरेलू कलह और प्रताड़ना झेल रही थी। उनके मुताबिक गोविंद शराब का आदी था और नशे की हालत में अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट तथा गंभीर शारीरिक दुर्व्यवहार करता था। इसके साथ ही वह अपनी पत्नी के चरित्र पर लगातार बेवजह संदेह भी जताता रहता था, जिससे घर में आए दिन विवाद की स्थिति बनी रहती थी।
देर रात मिली सूचना और अस्पताल में मिला शव
झुमा के मामा ने घटनाक्रम का ब्योरा साझा करते हुए स्पष्ट किया कि मंगलवार की देर रात उनके पास एक अज्ञात कॉल आई, जिसमें झुमा द्वारा फांसी का फंदा लगाकर जान देने की बात कही गई थी। यह सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। जब बुधवार की सुबह मायके के लोग भागते हुए कालना पहुंचे, तो अस्पताल परिसर में उन्हें झुमा का निर्जीव शरीर मिला। घटना के बाद से ही घर का माहौल संदिग्ध बना हुआ है, क्योंकि मृतका का पति गोविंद विश्वास वारदात के तुरंत बाद से ही घर छोड़कर फरार हो गया है और उसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है।
खुदकुशी की थ्योरी खारिज, गला घोंटकर हत्या करने का संगीन इल्जाम
मायके पक्ष के सदस्यों ने आत्महत्या की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। परिजनों का दृढ़ दावा है कि झुमा ने स्वयं अपने प्राण नहीं लिए हैं, बल्कि उसकी पहले गला दबाकर बेरहमी से हत्या की गई और उसके बाद इस जघन्य अपराध को खुदकुशी का रूप देने तथा कानूनी सबूतों को नष्ट करने के उद्देश्य से शव को फंदे से लटकाया गया। परिजनों ने इस पूरे मामले में गोविंद विश्वास को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई और फरार पति की तलाश
घटना की जानकारी मिलते ही कालना थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने अधिकार में लेकर पोस्टमॉर्टम परीक्षण के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और मृत्यु के वास्तविक कारणों की पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट तथा फॉरेंसिक जांच के उपरांत ही की जा सकेगी। फिलहाल कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी पति गोविंद विश्वास की गिरफ्तारी के लिए कई संभावित ठिकानों पर तलाश अभियान तेज कर दिया है।
























