बच्चों के लिए 10 बेहतरीन सब्सक्रिप्शन बॉक्स (2026): एसटीईएम, किताबें, कपड़े और बहुत कुछकानपुर को मिली बड़ी सौगात, 150 करोड़ की लागत से बना सरैंया रेलवे ओवरब्रिज जनता को समर्पितधनतेरस पर 15 सालों में 362% उछला सोना, अगले साल 1.71 लाख रुपये तक जाने का अनुमानधौलपुर में दीपावली से पहले पटाखों की दुकान में लगी भीषण आग, तीन महिलाएं झुलसी और एक की हालत गंभीरत्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर रेखा गुप्ता सरकार सख्त, दिल्लीभर की दुकानों और डेयरियों पर ताबड़तोड़ छापेदीपावली पर करौली में क्यों खास है मिट्टी की हाट भरने की परंपरा, जानिए इसकी पूरी कहानीरूसी तेल प्रतिबंध कानून पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, ओवल ऑफिस में दिए संकेतराजस्थान SET 2026 के नतीजे घोषित, 93 फीसदी से ज्यादा परीक्षार्थी हुए असफलअरुणाचल प्रदेश को केंद्र से मिले 1,476 करोड़ रुपये, त्योहारों के सीजन में मिला कर डिवॉल्व्यूशन का हिस्साहिमाचल प्रदेश में दीपावली को लेकर अग्निशमन विभाग मुस्तैद, कर्मचारियों के अवकाश किए गए रद्द
दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, नोएडा से गुरुग्राम का सफर 27 मिनट में कराएगी मिडनाइट एयर टैक्सीहरियाणा
24 सित॰ 2026, 7:34 pm (43 दिन पहले)· 5

दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति, नोएडा से गुरुग्राम का सफर 27 मिनट में कराएगी मिडनाइट एयर टैक्सी

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और आर्चर एविएशन भारत में इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं, जिससे नोएडा से गुरुग्राम की दूरी महज 27 से 30 मिनट में तय हो सकेगी। 2026 के अंत तक 200 मिडनाइट eVTOL विमानों के साथ इस सेवा को कमर्शियल तौर पर शुरू करने की योजना बनाई गई है।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में रोजाना सफर करने वाले लाखों कामकाजी लोगों के लिए सड़कों पर लगने वाला भीषण जाम सबसे बड़ी परेशानी बना हुआ है। व्यस्त घंटों के दौरान दफ्तर पहुंचना हो या किसी जरूरी बैठक के लिए निकलना हो, गाड़ियों की लंबी कतारों के बीच समय का सटीक अनुमान लगाना लगभग नामुमकिन हो जाता है। इसी जटिल आवागमन संकट का आधुनिक समाधान निकालने के लिए देश में उन्नत अर्बन एयर मोबिलिटी यानी शहरी हवाई परिवहन व्यवस्था को धरातल पर उतारने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। घरेलू विमानन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी इंडिगो की मूल इकाई इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और अमेरिकी एरोस्पेस निर्माता आर्चर एविएशन एक साझा साझेदारी के तहत भारत के आकाश में बैटरी चालित इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी उतारने की रूपरेखा तैयार कर चुके हैं।

घंटों की थकाऊ यात्रा अब मिनटों में सिमटेगी

सड़क मार्ग से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के दो बड़े व्यावसायिक केंद्रों नोएडा और गुरुग्राम के बीच यात्रा करना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। सामान्य दिनों में भी जब यातायात का दबाव चरम पर होता है, तब यह सफर तय करने में डेढ़ से ढाई घंटे और अक्सर इससे भी अधिक समय बर्बाद हो जाता है। प्रस्तावित हवाई टैक्सी सेवा शुरू होने के बाद यही कठिन फासला हवाई मार्ग के जरिए केवल 27 से 30 मिनट में पूरा कर लिया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट की मूल अवधारणा अत्यधिक व्यस्त शहरी कॉरिडोर पर आवागमन में लगने वाले समय में भारी कटौती करना है, ताकि रोजाना घंटों सड़क पर फंसे रहने वाले मुसाफिरों की बहुमूल्य ऊर्जा और वक्त दोनों की बचत हो सके।

ये भी पढ़ें

मिडनाइट eVTOL विमान की बनावट और तकनीकी खूबियां

इस आधुनिक हवाई परिवहन सेवा के संचालन के लिए आर्चर एविएशन के विशेष मिडनाइट eVTOL विमान का उपयोग किया जाएगा। तकनीकी शब्दावली में eVTOL का अर्थ इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग होता है। पारंपरिक यात्री जहाजों के विपरीत इस विमान की सबसे प्रमुख विशेषता यह है कि इसे उड़ान भरने या धरती पर वापस आने के लिए किसी लंबे कंक्रीट रनवे की बिल्कुल आवश्यकता नहीं पड़ती। यह आधुनिक हेलीकॉप्टर की भांति निर्धारित स्थान से सीधे 90 डिग्री के कोण पर ऊपर उठ सकता है और उसी तरह सीधे नीचे उतर सकता है।

मिडनाइट विमान को मुख्य रूप से घनी आबादी वाले महानगरों और कम दूरी के हवाई फेरों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके केबिन में एक पेशेवर पायलट के अतिरिक्त चार यात्रियों के बैठने की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। शत-प्रतिशत बिजली से संचालित होने के कारण यह यात्रा के दौरान शून्य प्रत्यक्ष कार्बन उत्सर्जन सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, कंपनी ने इसके प्रोपेलर तंत्र को इस तरह विशेष ध्वनि-रोधी इंजीनियरिंग के साथ विकसित किया है, जिससे इसका शोर पारंपरिक हेलीकॉप्टरों की तुलना में बेहद कम रहे। हालांकि, घनी शहरी आबादी के ऊपर वास्तविक उड़ान संचालन के समय इसके ध्वनि स्तर और पर्यावरण पर पड़ने वाले समग्र प्रभावों का परीक्षण नियामकीय मंजूरी के दौरान बारीकी से किया जाएगा।

देशभर में 200 विमानों का बेड़ा और विस्तार की समयसीमा

इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और आर्चर एविएशन के बीच हुए रणनीतिक समझौते के अंतर्गत भारतीय बाजार में लगभग 200 मिडनाइट eVTOL विमानों का एक विशाल बेड़ा तैनात करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों साझीदार कंपनियों ने तय किया है कि वर्ष 2026 के अंत तक इस पर्यावरण-अनुकूल एयर टैक्सी सेवा का वाणिज्यिक संचालन भारत में विधिवत शुरू कर दिया जाए। दिल्ली-एनसीआर के प्राथमिक कॉरिडोर पर सफल शुरुआत के पश्चात इस नेटवर्क का विस्तार देश के दो अन्य प्रमुख आर्थिक केंद्रों मुंबई और बेंगलुरु में भी किया जाएगा, जहां की सड़कें भी भारी ट्रैफिक जाम से जूझती रहती हैं।

इमारतों की छतों पर बनेंगे वर्टिपोर्ट, उद्योग जगत के सुझाव

चूंकि इन अत्याधुनिक विमानों को किसी हवाई अड्डे के पारंपरिक ढांचे की दरकार नहीं होती, इसलिए शहरों के भीतर इनके सुरक्षित संचालन के लिए खास वर्टिपोर्ट विकसित करने होंगे। भारतीय उद्योग परिसंघ अर्थात सीआईआई ने इस व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण व्यावहारिक सिफारिशें दी हैं। उद्योग मंडल का सुझाव है कि शहरों में जमीन की कमी को देखते हुए मौजूदा ऊंचे बुनियादी ढांचे का अधिकतम इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके तहत बड़े सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों, विशाल आईटी व टेक पार्कों, कॉरपोरेट परिसरों और गगनचुंबी आवासीय सोसायटियों की छतों को मजबूत करके उन्हें वर्टिपोर्ट में बदला जा सकता है। इस व्यवस्था से यात्रियों को अपने गंतव्य के बेहद करीब ही सीधे उतरने और उड़ान भरने की बेजोड़ सुविधा मिल जाएगी।

विमानन नियामक डीजीसीए की अनुमति और संचालन की बाधाएं

यद्यपि शहरी हवाई टैक्सी की यह परिकल्पना आवागमन के भविष्य को बदलने वाली प्रतीत होती है, लेकिन इसे आम नागरिकों के लिए नियमित रूप से धरातल पर उतारने से पहले कई तकनीकी, सुरक्षा और विनियामक पड़ावों को सफलतापूर्वक पार करना होगा। भारत के घरेलू हवाई क्षेत्र में किसी भी नए विमान के वाणिज्यिक संचालन के लिए नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए से आवश्यक सुरक्षा प्रमाणन, रूट निर्धारण और वायु सुरक्षा अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य शर्त है। घने शहरी क्षेत्रों के ऊपर सुरक्षित हवाई गलियारे बनाने, आपातकालीन सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करने और मौसम के उतार-चढ़ाव से निपटने के कड़े पैमानों की कसौटी पर खरा उतरने के बाद ही नागरिक इस रोमांचक सफर का आनंद ले सकेंगे।

सवाल-जवाब

नोएडा से गुरुग्राम के बीच एयर टैक्सी से यात्रा में कितना समय लगेगा?
इस प्रस्तावित इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी सेवा के जरिए नोएडा से गुरुग्राम की दूरी महज 27 से 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
भारत में इस सेवा को कौन सी कंपनियां मिलकर शुरू कर रही हैं?
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज और अमेरिकी एरोस्पेस निर्माता आर्चर एविएशन मिलकर इसे शुरू कर रहे हैं।
इस सेवा में किस विमान का इस्तेमाल किया जाएगा और उसकी क्षमता क्या है?
इसमें आर्चर एविएशन के मिडनाइट eVTOL विमान का उपयोग होगा, जिसमें एक पायलट के साथ चार यात्रियों के बैठने की क्षमता है।
भारत में एयर टैक्सी सेवा की व्यावसायिक शुरुआत कब तक होने की उम्मीद है?
योजना के अनुसार वर्ष 2026 के अंत तक भारत में लगभग 200 विमानों के साथ इस सेवा को व्यावसायिक रूप से शुरू करने का लक्ष्य है।
दिल्ली-एनसीआर के अलावा यह सेवा किन अन्य शहरों में शुरू की जाएगी?
शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर के बाद इस सेवा को मुंबई और बेंगलुरु में भी शुरू करने की योजना बनाई गई है।
इन विमानों के टेक-ऑफ और लैंडिंग के लिए क्या व्यवस्था होगी?
इनके लिए विशेष वर्टिपोर्ट बनाए जाएंगे, जिन्हें अस्पतालों, टेक पार्कों, कमर्शियल परिसरों और आवासीय सोसायटियों की छतों पर तैयार करने का सुझाव दिया गया है।
भारत में इसके संचालन के लिए किस नियामक की मंजूरी जरूरी होगी?
इसके वाणिज्यिक संचालन के लिए विमानन नियामक डीजीसीए (नागर विमानन महानिदेशालय) से सुरक्षा मानकों के तहत मंजूरी लेना आवश्यक होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Laxmi Gupta@laxmi-gupta·42 दिन पहले

नोएडा से गुरुग्राम के बीच का यह रोज़ का जाम सचमुच बहुत थका देने वाला होता है। कई बार तो ऐसा लगता है कि आधे से ज्यादा ऊर्जा सड़क पर ही खत्म हो गई। अगर वाकई यह हवाई सफर 2026 तक शुरू हो गया, तो राहत की सांस ली जा सकेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·42 दिन पहले

पिछले हफ्ते नोएडा से गुरुग्राम जाते वक्त रिंग रोड पर दो घंटे फंस गया था। अगर सच में यह 27 मिनट में होने लगा, तो जिंदगी थोड़ी आसान हो जाएगी।

Ravikash Gupta@ravikash·42 दिन पहले

अरे अर्जुन भाई, दो घंटे तो फिर भी कम फंसे आप! पर क्या पता इसका किराया इतना ज़्यादा हो कि आम आदमी कभी बैठ ही न पाए?

Rohan Verma@rohan-verma·42 दिन पहले

27 मिनट में नोएडा से गुरुग्राम? कागज़ पर तो अच्छा लगता है, पर यहाँ की सड़क और ट्रैफिक की हालत देखते हुए लगता नहीं कि ये इतनी आसानी से ज़मीन पर उतर पाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·42 दिन पहले

रोहन, तुम्हारी बात सही है कि ज़मीन पर ट्रैफिक संभालना मुश्किल है, पर क्या इतनी कम टिकट दर होगी कि आम आदमी इस टैक्सी में बैठ सके?

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp