हरियाणा के गुरुग्राम में डेटिंग ऐप के जरिए लोगों से जान-पहचान बनाकर गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने का डर दिखाकर मोटी रकम ऐंठने का एक बड़ा मामला सामने आया है। सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने जाल बिछाकर एक 24 साल की युवती को उस वक्त हिरासत में ले लिया, जब वह पीड़ित से तयशुदा रकम की अगली किस्त वसूलने पहुंची थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी युवती अब तक करीब 90 लाख रुपये की जबरन वसूली कर चुकी थी, जिसके बाद लगातार हो रहे मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर पीड़ित ने कानून का दरवाजा खटखटाया।
कॉफी हाउस में जाल बिछाकर रंगे हाथों दबोचा
पीड़ित व्यक्ति की शिकायत मिलने के बाद सदर थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन कानूनी कार्रवाई की योजना तैयार की। आरोपी युवती ने पीड़ित से अतिरिक्त नकदी की मांग करते हुए एक सार्वजनिक जगह पर मिलने का दबाव बनाया था। पुलिस को सटीक जानकारी मिली कि युवती एक स्थानीय कॉफी हाउस में 50 हजार रुपये की रकम लेने आ रही है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने मौके की घेराबंदी कर ली और जैसे ही उसने 50 हजार रुपये अपने हाथ में लिए, अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़ी गई 24 वर्षीय युवती उच्च शिक्षित है और उसके पास एमबीए की डिग्री है। वह गुरुग्राम के सुशांत लोक इलाके में निवास करती है।
बैंक खाते में जमा 95 लाख रुपये किए गए फ्रीज
गिरफ्तारी के बाद जब जांच एजेंसियों ने आरोपी युवती के वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू की, तो उसके खाते में संदिग्ध तौर पर जमा भारी रकम देखकर पुलिस भी सतर्क हो गई। एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, पड़ताल में आरोपी के बैंक खाते में बड़ी धनराशि होने की पुष्टि हुई, जिसके तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लगभग 95 लाख रुपये की राशि को बैंक खाते में फ्रीज करवा दिया है। पुलिस अब इस पहलू पर गहराई से जांच कर रही है कि क्या यह पूरी रकम इसी तरह के ब्लैकमेलिंग गिरोह या पीड़ितों से डरा-धमकाकर वसूली गई थी।
डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए फंसाने का पूरा तरीका
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा ने इस आपराधिक तौर-तरीके का ब्योरा देते हुए स्पष्ट किया कि आरोपी युवती डेटिंग ऐप का सहारा लेकर युवकों से संपर्क साधती थी। पहले वह बातचीत कर नजदीकी बढ़ाती थी और फिर व्यक्तिगत रूप से मिलने के लिए बुलाती थी। मुलाकात के कुछ समय बाद वह युवकों पर दुष्कर्म का झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाकर कानूनी कार्रवाई का खौफ दिखाती थी और समझौते के नाम पर भारी रकम की मांग शुरू कर देती थी। पुलिस अब इस बात की छानबीन में जुटी है कि इस जालसाजी का शिकार और कितने लोग बने हैं तथा क्या इस आपराधिक नेटवर्क में कोई अन्य सहयोगी भी शामिल था।
























