उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में देर रात गश्त कर रही कविनगर थाने की पुलिस टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ के बाद बीस वर्षीय शातिर स्नैचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में चलाई गई गोली आरोपी के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। पकड़े जाने के बाद उसने रोते हुए अपराध छोड़ने और पढ़ाई करने की गुहार लगाई। पुलिस कर्मियों ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर गाजियाबाद के संजय नगर स्थित अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया है।
शताब्दीपुरम के पास चेकिंग और मुठभेड़
कविनगर थाना पुलिस देर रात इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सघन जांच अभियान चला रही थी। इसी चेकिंग के दौरान शताब्दीपुरम में आइडियल कॉलेज रोड चौराहे के समीप पुलिस का सामना एक संदिग्ध युवक से हुआ। पुलिसकर्मियों ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो खुद को घिरता देखकर उसने पुलिस बल पर जानलेवा नीयत से गोली चला दी।
पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में एक गोली आरोपी के सीधे दाहिने पैर में जा लगी, जिससे वह वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध हथियार, वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन और लूटे गए आभूषण से बनी सोने की टिक्की बरामद की गई।
दिल्ली का रहने वाला है आरोपी इमरान
गिरफ्तार किए गए बदमाश की पहचान 20 वर्षीय इमरान मंसूरी उर्फ मक्खी के रूप में की गई है। वह मूल रूप से दिल्ली के आदर्श नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत लोहिया नगर का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी गोविंदपुरम क्षेत्र में हुई लूटपाट की एक हालिया वारदात के सिलसिले में वांछित चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी।
घटना का विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि 11 सितंबर 2026 को गोविंदपुरम के आरके पुरम इलाके में रहने वाली एक महिला ने कविनगर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि जब वह रास्ते से गुजर रही थीं, तभी सफेद रंग की स्कूटी पर सवार दो अज्ञात बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से लगभग 5 ग्राम वजन का सोने का मंगलसूत्र लूट लिया और तेजी से भाग निकले। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीम का गठन किया था।
पूछताछ में उगले कई राज
अस्पताल में प्राथमिक उपचार और पूछताछ के दौरान इमरान ने 11 सितंबर को हुई इस लूट की वारदात को पूरी तरह कबूल कर लिया। उसने पुलिस को बताया कि उस सुबह उसने अपने साथी सूरज के साथ मिलकर महिला से मंगलसूत्र छीना था। वारदात के बाद दोनों ने पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने के मकसद से लूटे गए मंगलसूत्र को भट्टी में पिघला दिया और उसकी एक ठोस सोने की टिक्की तैयार कर ली थी।
इमरान ने यह भी स्वीकार किया कि इससे पहले उन दोनों ने आरडीसी क्षेत्र में अलग-अलग जगहों से दो मोबाइल फोन भी राहगीरों से छीने थे। मुठभेड़ वाली रात इमरान उसी पिघली हुई सोने की टिक्की को बाजार में बेचने और साथ ही किसी नई आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में निकला था। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि लूटा हुआ सामान बेचने के बाद मिलने वाली रकम को वह और उसका साथी आपस में आधा-आधा बांटने वाले थे। पुलिस अब उसके फरार साथी सूरज की तलाश में दबिश दे रही है।
























