सपोटरा के गज्जूपुरा में राज्य स्तरीय खो-खो टूर्नामेंट का आगाज, 86 टीमों की 1032 छात्राएं दिखाएंगी दमउत्तर भारत से मानसून की विदाई तेज, पूर्वोत्तर और दक्षिण के राज्यों में भारी बारिश का अलर्टअजमेर में बस चालक से मारपीट पर रोडवेज कर्मियों का फूटा गुस्सा, अंबेडकर सर्किल पर बसें रोक लगाया जामबालाघाट में रहस्यमयी बीमारी के बाद हरकत में प्रशासन, 50 गांवों में 43 हजार से अधिक लोगों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षणशारदीय नवरात्र से पूर्व उत्तराभाद्रपद में शनि का प्रवेश, सप्तम भाव के गोचर से साझेदारी और कारोबार पर असरवोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के नियमों में बदलाव, कई राज्यों में फॉर्म-6 से हटी एसआईआर घोषणापंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद से अमरिंदर सिंह राजा वारिंग की हो सकती है छुट्टी, विजय इंदर सिंगला सबसे आगेदीपावली पर पटाखों पर नहीं लगेगा पूर्ण प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट तलाशेगा आस्था और सेहत के बीच संतुलनबिना जानकारी बेंच से केस हटाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, रजिस्ट्री और सरकारी वकील की कार्यशैली पर सवालनागपुर में डिलीवरी एजेंट बनकर घर में घुसे लुटेरे, भीड़ की पिटाई के बाद अस्पताल में आरोपी ने तोड़ा दम
हरियाणा के मुनाक से हैदरपुर तक बिछेगी नई पाइपलाइन, दिल्ली में पानी का संकट दूर करने की तैयारीभारत
30 सित॰ 2026, 8:54 pm (38 मिनट पहले)· 0

हरियाणा के मुनाक से हैदरपुर तक बिछेगी नई पाइपलाइन, दिल्ली में पानी का संकट दूर करने की तैयारी

दिल्ली जल बोर्ड मुनक नहर के समानांतर 100 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की योजना बना रहा है, जिससे राजधानी को प्रतिदिन 1,050 क्यूसेक कच्चा पानी मिल सकेगा।

देश की राजधानी में पेयजल की बढ़ती मांग को पूरा करने और हर मौसम में पेश आने वाली किल्लत को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली को हरियाणा से कच्चा पानी उपलब्ध कराने वाली मुनक नहर के साथ अब एक बिल्कुल नई समानांतर पाइपलाइन बिछाने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना के धरातल पर उतरने के बाद शहर के कई रिहायशी इलाकों में पानी की आपूर्ति व्यवस्था काफी हद तक सुधर सकती है।

100 किलोमीटर लंबा नेटवर्क और पंपिंग स्टेशन की योजना

तैयार किए जा रहे प्रस्ताव के तहत हरियाणा स्थित मुनाक रेगुलेटर से लेकर दिल्ली के हैदरपुर जल शोधन संयंत्र तक लगभग 100 किलोमीटर लंबी भूमिगत या समानांतर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस पूरे नेटवर्क की जल वहन क्षमता 1,050 क्यूसेक निर्धारित की गई है। पानी के निरंतर प्रवाह को बनाए रखने के लिए रास्ते में आधुनिक पंपिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना भी इसमें शामिल की गई है। पूरी परियोजना के तकनीकी पहलुओं, उपयुक्त मार्ग और व्यावहारिक व्यवहार्यता का बारीकी से अध्ययन करने का जिम्मा आईआईटी-रुड़की को सौंपा गया है।

ये भी पढ़ें

दो तकनीकी विकल्पों में से किफायती मॉडल को प्राथमिकता

परियोजना की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करते समय तकनीकी विशेषज्ञों ने दो अलग-अलग इंजीनियरिंग मॉडल पेश किए थे। पहले मॉडल में पूरी तरह ढलान पर आधारित यानी गुरुत्वाकर्षण प्रवाह तंत्र का सुझाव था, जिस पर करीब ₹13,000 करोड़ का भारी खर्च आने का अनुमान लगाया गया था। वहीं दूसरा मॉडल पंपिंग स्टेशनों के जरिए पानी आगे बढ़ाने वाला प्रेशर-फ्लो सिस्टम था, जिसके निर्माण पर लगभग ₹7,240 करोड़ की लागत आंकी गई। जल बोर्ड के योजना प्रकोष्ठ ने लागत और निर्माण की सुगमता को देखते हुए दूसरे यानी प्रेशर-फ्लो सिस्टम को कहीं अधिक व्यावहारिक माना है। इसी वजह से तकनीकी संस्थान को अब ₹7,240 करोड़ वाले विकल्प के विस्तृत डिजाइन पर काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

ऊर्जा की बचत के लिए सौर ऊर्जा का परीक्षण

पंपिंग स्टेशनों के संचालन में आने वाले भारी-भरकम बिजली बिल को नियंत्रित करने के लिए सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपिंग सिस्टम की संभावनाओं को भी तलाशा जा रहा है। आईआईटी-रुड़की को परियोजना का संपूर्ण वित्तीय खाका, इंजीनियरिंग डिजाइन और सटीक रूट मैप नवंबर तक प्रस्तुत करने को कहा गया है। यह विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मिलते ही वित्तीय मंजूरियों की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे।

पुरानी मुनक नहर का इतिहास और आपूर्ति की सीमाएं

दिल्ली और हरियाणा की सरकारों ने राजधानी तक पानी पहुंचाने के मकसद से वर्ष 1996 में एक संयुक्त समझौता किया था। हालांकि आपसी विवादों और निर्माण संबंधी बाधाओं के चलते इस योजना में काफी विलंब हुआ। मुनक नहर का निर्माण कार्य वर्ष 2003 में शुरू होकर वर्ष 2012 तक चला, जब इसकी आंतरिक पक्की लाइनिंग का काम पूरा हुआ। यह नहर करनाल जिले के मुनाक रेगुलेटर से निकलती है और दो अलग-अलग वाहिकाओं सीएलसी (कैरियर लाइंड चैनल) और डीएसबी (दिल्ली सब-ब्रांच) के जरिए यमुना का 1,000 क्यूसेक से अधिक पानी हैदरपुर तक लाती है। लंबी दूरी, तलछट जमा होने और लगातार बढ़ते शहरीकरण के कारण इस पुरानी नहर की मौजूदा क्षमता दिल्ली की कुल जरूरतें पूरी करने के लिए नाकाफी साबित हो रही है, जिसके चलते इस नई समानांतर पाइपलाइन की आवश्यकता महसूस की गई है।

सवाल-जवाब

प्रस्तावित पाइपलाइन की कुल लंबाई कितनी होगी?
यह नई पाइपलाइन हरियाणा के मुनाक रेगुलेटर से दिल्ली के हैदरपुर तक लगभग 100 किलोमीटर लंबी होगी।
इस नई पाइपलाइन से दिल्ली को कितना पानी मिलेगा?
योजना के अनुसार इस पाइपलाइन की वहन क्षमता 1,050 क्यूसेक कच्चा पानी लाने की रखी गई है।
परियोजना के लिए किस इंजीनियरिंग विकल्प को चुना गया है?
योजना प्रकोष्ठ ने ₹7,240 करोड़ की लागत वाले प्रेशर-फ्लो और पंपिंग स्टेशन सिस्टम को किफायती मानते हुए चुना है।
परियोजना का तकनीकी और रूट डिजाइन कौन तैयार कर रहा है?
इस परियोजना की व्यवहार्यता, मार्ग और तकनीकी खाका तैयार करने का काम आईआईटी-रुड़की को सौंपा गया है।
आईआईटी-रुड़की अपनी अंतिम रिपोर्ट कब तक सौंपेगा?
आईआईटी-रुड़की से वित्तीय प्रस्ताव, डिजाइन और रूट मैप की विस्तृत रिपोर्ट नवंबर तक आने की उम्मीद है।
मौजूदा मुनक नहर का निर्माण कब हुआ था?
मुनक नहर का निर्माण 2003 से 2012 के बीच हुआ था और यह हरियाणा से 1,000 क्यूसेक से अधिक पानी दिल्ली लाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp