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हिमाचल प्रदेश में फिर रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून, 1 सितंबर को शिमला समेत 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनीहिमाचल प्रदेश
28 अग॰ 2026, 3:10 pm (71 दिन पहले)· 3

हिमाचल प्रदेश में फिर रफ्तार पकड़ेगा मॉनसून, 1 सितंबर को शिमला समेत 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

हिमाचल प्रदेश में 30 अगस्त की शाम से मॉनसून का नया दौर शुरू होने जा रहा है। मौसम विभाग ने 1 सितंबर को शिमला, कांगड़ा और मंडी सहित छह जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।

हिमाचल प्रदेश में पिछले एक सप्ताह से जारी शुष्क मौसम और धूप खिली रहने के बाद अब मॉनसून की गतिविधियां एक बार फिर जोर पकड़ने वाली हैं। शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अगस्त की देर शाम से राज्य में मॉनसून की रफ्तार तेज होगी, जिसका असर 3 सितंबर तक बना रहेगा। मौसम की गंभीरता को देखते हुए मौसम विभाग ने 1 सितंबर को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के छह प्रमुख जिलों में मूसलाधार बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही अगले चार दिनों तक स्थानीय नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने और पर्वतीय इलाकों में दृश्यता कम होने की चेतावनी दी गई है, जिससे यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

30 अगस्त से शुरू होगा नया दौर, 1 सितंबर को भारी बारिश की संभावना

विगत सप्ताह मॉनसून प्रणाली के कमजोर पड़ने की वजह से समूचे प्रदेश में बारिश का सिलसिला काफी धीमा पड़ गया था। हालांकि बीते 24 घंटों के दौरान सिरमौर, कांगड़ा, बिलासपुर और ऊना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम दर्जे की वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वरिष्ठ वैज्ञानिक संदीप शर्मा ने बताया कि इस अवधि में सिरमौर जिले के नाहन में सबसे ज्यादा 50 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि कांगड़ा और बिलासपुर में 35-35 मिलीमीटर वर्षा हुई। आगामी 28 और 29 अगस्त को राज्य के मध्यवर्ती जिलों में दोपहर या शाम के समय केवल 1 से 2 घंटे के लिए ही छिटपुट बौछारें पड़ने की उम्मीद है।

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इसके पश्चात 30 अगस्त की शाम से मॉनसून का नया स्पेल सक्रिय होगा। 31 अगस्त को कांगड़ा, सिरमौर और बिलासपुर जिलों के एकाध स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। सबसे अधिक सतर्कता 1 सितंबर को रखनी होगी, जब चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। 2 और 3 सितंबर को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

तापमान में दर्ज हुआ उछाल, मॉनसून आते ही मिलेगी राहत

बारिश की गतिविधियों में आई सुस्ती के कारण राज्य के अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है। शिमला जैसे ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि पालमपुर में यह 28 डिग्री सेल्सियस से 29 डिग्री सेल्सियस तक रहा। मैदानी इलाकों जैसे हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और ऊना में पारा 32 डिग्री सेल्सियस से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। प्रदेश भर में सबसे अधिक तापमान ऊना में 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार केलांग और कांगड़ा जैसे स्थानों पर दिन का तापमान सामान्य से 3 डिग्री से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा है। अगले दो दिनों के दौरान तापमान में हल्की बढ़ोतरी बनी रह सकती है। हालांकि 30 अगस्त की शाम से मॉनसून की सक्रियता के साथ ही पूरे प्रदेश के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।

मॉनसून सीजन का अब तक का लेखा-जोखा

वर्तमान मॉनसून सीजन में 1 जून से 28 अगस्त तक के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में औसतन 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जिलों के हिसाब से वर्षा के आंकड़ों में काफी भिन्नता पाई गई है। लाहौल-स्पीति जिले में सामान्य से सर्वाधिक 57 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, वहीं हमीरपुर में 35 प्रतिशत और मंडी में 17 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। दूसरी तरफ शिमला और कुल्लू जिलों में सामान्य से 15 से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है, जबकि कांगड़ा और सोलन में बारिश का आंकड़ा सामान्य के आसपास रहा है।

प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से यह सीजन राज्य के लिए काफी नुकसानदेह रहा है। नेपाल में आई हालिया जलप्रलय के बाद वहां हाइड्रो प्रोजेक्ट में कार्यरत हिमाचल प्रदेश का एक युवा इंजीनियर लापता हो गया है। राज्य में इस सीजन के दौरान मॉनसून जनित हादसों और भूस्खलन के कारण अब तक 247 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 1183 करोड़ रुपये की संपत्ति बह गई है।

प्रशासन की एडवाइजरी: नदियों और संवेदनशील रास्तों से दूर रहें

30 अगस्त से 3 सितंबर के दौरान संभावित खराब मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने सुरक्षात्मक एडवाइजरी जारी की है। 31 अगस्त से लगातार चार दिनों तक तेज बारिश के चलते शिमला, सोलन, सिरमौर और अन्य बारिश प्रभावित इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है और दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।

इसके अतिरिक्त मुख्य नदियों, स्थानीय खड्डों और प्राकृतिक जल स्रोतों में अचानक उफान आने की प्रबल आशंका जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के करीब न जाएं और भूस्खलन की संभावना वाले पहाड़ी रास्तों पर गैर-जरूरी यात्रा करने से बचें।

सवाल-जवाब

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून कब से दोबारा सक्रिय हो रहा है?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 30 अगस्त की देर शाम से मॉनसून का नया दौर शुरू होगा जो 3 सितंबर तक जारी रहेगा।
1 सितंबर को किन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है?
1 सितंबर को चंबा, कांगड़ा, मंडी, सोलन, बिलासपुर और सिरमौर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हाल के दिनों में राज्य का उच्चतम तापमान कितना दर्ज किया गया?
ऊना में अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि शिमला में यह 24°C से 25°C के बीच रहा।
इस मॉनसून सीजन में अब तक हिमाचल में बारिश की क्या स्थिति रही है?
1 जून से 28 अगस्त तक हिमाचल प्रदेश में औसतन 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जिसमें लाहौल-स्पीति में 57 प्रतिशत की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·70 दिन पहले

मौसम विभाग के इन पूर्वानुमानों के बीच प्रशासनिक और सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से यह दौर बेहद संवेदनशील है। भारी बारिश और जलस्तर बढ़ने की चेतावनी के मद्देनजर आपदा प्रबंधन एजेंसियों को पर्वतीय क्षेत्रों में यातायात नियंत्रण और संभावित भूस्खलन जैसी आपात स्थितियों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद रहना होगा, ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·70 दिन पहले

मौसम का यह नया दौर पर्वतीय राज्यों के लिए ढांचागत और प्रशासनिक रूप से बड़ी परीक्षा लेकर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों की शुष्क अवधि के बाद अचानक बढ़ने वाली बारिश और तापमान में भारी उतार-चढ़ाव से न केवल सड़क यातायात बाधित होने का खतरा रहता है, बल्कि स्थानीय जलस्रोतों के उफान पर आने से निचले इलाकों और पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले नागरिकों की सुरक्षा पर सीधा संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे में जिला स्तर पर आपदा राहत तंत्र की सक्रियता और समय पर की गई बैरिकेडिंग ही जनहानि को रोक सकती है।

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