सर्दियों में गैस संकट गहराने का जोखिम, यूरोप में कीमतें ऊंचे स्तर पर टिके रहने का अनुमानकरवा चौथ पर चंद्रदेव को जल चढ़ाते समय जरूर करें इन प्रभावशाली मंत्रों का जाप, मिलेगा अखंड सौभाग्य का वरदानमंगल की कक्षा में दशकों से डटे नासा के ओडिसी और MRO ऑर्बिटर, जानिए कैसे काम कर रही इनकी तकनीक और क्या है आगे का भविष्यअमेरिका में 'सॉवरेन बेबी' ट्रेंड का बढ़ता क्रेज, सरकारी कागजातों के बिना बच्चों को पालने के दावे और इसके गहरे कानूनी खतरेराजधानी में मोबाइल ऐप से शराब की एडवांस बुकिंग शुरू, 48 घंटे में काउंटर से खुद उठानी होंगी बोतलेंकच्चे तेल में नरमी और भू-राजनीतिक तनाव के बीच सोना 4,060 डॉलर के पार, फेड के फैसले पर टिकी निगाहेंउत्तर प्रदेश में जलमार्गों के लिए बनी नई नीति, मंत्रिमंडल ने अंतर्देशीय जलयान नियमावली 2026 को दी स्वीकृतिबिहार के मुजफ्फरपुर में सावन के दौरान खिली रंग-बिरंगी लाख की चूड़ियों की रंगत, नेपाल तक बढ़ा कारोबारइंस्टाग्राम लाइक्स बढ़ाने वाली प्रमुख सर्विसेज की तुलना: जानें सुरक्षा, एल्गोरिदम और 5 मुख्य प्लेटफॉर्म्स के फीचर्ससंयुक्त अरब अमीरात जाने वाले मुसाफिरों के लिए जरूरी सूचना, यात्रा से पहले अनिवार्य रूप से लें पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा
होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा संकट: डीजी शिपिंग ने भारतीय नाविकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की, संघर्ष क्षेत्रों में तैनाती रोकने की सलाहभारत
15 जून 2026, 6:03 am (135 दिन पहले)· 2

होर्मुज और ओमान की खाड़ी में सुरक्षा संकट: डीजी शिपिंग ने भारतीय नाविकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की, संघर्ष क्षेत्रों में तैनाती रोकने की सलाह

खाड़ी क्षेत्र में बिगड़ते हालात के बीच भारत के महानिदेशालय नौवहन (डीजी शिपिंग) ने नाविकों और शिपिंग कंपनियों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है। ओमान तट के पास इस सप्ताह तीन जहाजों पर हुए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की जान गई।

खाड़ी के समुद्री रास्ते अचानक भारतीय नाविकों के लिए खतरे का इलाका बन गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट और ओमान की खाड़ी के आसपास सुरक्षा हालात तेज़ी से बिगड़ने के बाद भारत के महानिदेशालय नौवहन (डीजी शिपिंग) ने एक नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है, जिसका मकसद समुद्र में काम कर रहे भारतीय चालक दल की जान की हिफ़ाज़त करना है।

किन घटनाओं ने मजबूर किया यह कदम उठाने को

यह एडवाइजरी हवा में नहीं आई। हाल के दिनों में एमटी मारिवेक्स, एमटी सेटेबेलो और एमवी जलवीर जैसे जहाजों से जुड़े सुरक्षा घटनाक्रम सामने आए, जिनके बाद नौवहन प्रशासन को आगे बढ़कर निर्देश जारी करने पड़े। इन घटनाओं ने साफ़ कर दिया कि इस इलाके से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाज़ अब आसान निशाना बन सकते हैं।

ये भी पढ़ें

एडवाइजरी में नाविकों और कंपनियों से क्या कहा गया

डीजी शिपिंग ने जहाज़ों के मास्टर्स, शिपिंग कंपनियों और बाकी समुद्री हितधारकों से कहा है कि वे सबसे ऊँचे स्तर की चौकसी बरतें, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आने वाली हर चेतावनी पर लगातार नज़र रखें और तय सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें।

सबसे अहम निर्देश तैनाती को लेकर है। प्रशासन ने आरपीएसएल और शिपिंग कंपनियों को सलाह दी है कि अगले आदेश तक संघर्ष से प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नाविकों को न भेजा जाए। हालांकि इसमें एक छूट रखी गई है — अगर हालात आपातकालीन हों, तो संबंधित नाविकों की सहमति लेकर क्रू परिवर्तन (क्रू चेंज) किया जा सकता है।

सूचना और अफवाहों पर सख़्ती

एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि भारतीय नाविकों से जुड़ी किसी भी सुरक्षा घटना की जानकारी बिना देर किए डीजी कम्युनिकेशन सेंटर तक पहुँचाई जाए। साथ ही नाविकों और कंपनियों से अपील की गई है कि वे अपुष्ट खबरों और फ़र्ज़ी वीडियो को आगे फैलाने से बचें, ताकि घबराहट और गलत सूचना का माहौल न बने।

क्यों इतना गंभीर है मौजूदा संकट

यह चेतावनी ऐसे वक़्त आई है जब इसी सप्ताह ओमान तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन जहाज़ों पर हमला हुआ। इनमें से 10 जून को हुए एक हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई — यही वह घटना है जिसने पूरे मामले को कूटनीतिक स्तर तक पहुँचा दिया।

भारत का कूटनीतिक जवाब

भारत ने 12 जून को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया। उन्हें दो टूक बताया गया कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाज़ों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं।

इसके अगले ही दिन, 13 जून को, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने तीन भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा सीधे उठाया। दूसरी ओर वॉशिंगटन ने अपना रुख साफ़ करते हुए कहा है कि अपनी क्षेत्रीय नौसैनिक नाकेबंदी के किसी भी उल्लंघन को वह कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp