झारखंड के ऊपर एक बार फिर से मानसून पूरी तरह से मेहरबान नजर आ रहा है, जिसके चलते राज्य भर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के अधिकांश हिस्सों के लिए एक विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश होने की पूरी संभावना है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल बारिश ही नहीं, बल्कि गरज के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का भी भारी अंदेशा बना हुआ है। हवाओं की गति 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो स्थिति को और भी खतरनाक बना देती है। विशेष रूप से रांची, हजारीबाग और देवघर को मिलाकर कुल 17 जिलों के लिए यह गंभीर अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विज्ञानियों का आकलन है कि इन चिन्हित क्षेत्रों में 64.5 से लेकर 115.5 मिलीमीटर तक की भारी बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे जनजीवन पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।
इन 17 जिलों में रहेगा बारिश का जोर
राज्य के जिन 17 जिलों में यह मौसमी बदलाव सबसे अधिक महसूस किया जाएगा, उनमें राजधानी रांची के अलावा हजारीबाग, देवघर, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, रामगढ़, गिरिडीह, दुमका, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज शामिल हैं। इन सभी जगहों पर आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। कुछ स्थानों पर यह बारिश काफी तेज हो सकती है, जिसके साथ बिजली चमकने और बादलों के गरजने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। मौसम का यह उतार-चढ़ाव लोगों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है।
वज्रपात और तेज आंधी की गंभीर चेतावनी
आंधी और वज्रपात का खतरा भी राज्य के कई हिस्सों में मंडरा रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने रांची, बोकारो, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, गिरिडीह, देवघर और दुमका जैसे महत्वपूर्ण जिलों के लिए एक विशेष चेतावनी दी है। इन इलाकों में अचानक मौसम बिगड़ने, काले बादल घिरने और तेज गर्जना के साथ खतरनाक आकाशीय बिजली गिरने की अत्यधिक संभावना जताई गई है। 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बहने वाली तूफानी हवाएं पेड़ों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसी खतरे को भांपते हुए प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे मौसम खराब होते ही तुरंत किसी पक्के और सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं। खुले मैदानों में रहने से बचें, बड़े पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें और बिजली के खंभों या तारों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी से बचा जा सके।
तापमान में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना
तापमान की स्थिति पर नजर डालें तो पूरे राज्य में भारी असमानता देखने को मिल रही है। रांची और इसके आसपास के पठारी क्षेत्रों में मौसम काफी सर्द हो गया है। यहां का न्यूनतम तापमान 23-24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को हल्की ठंड का अहसास हो सकता है। इसके विपरीत, पलामू, गढ़वा और चतरा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिलों में स्थिति बिल्कुल अलग है। इन इलाकों में बारिश की संभावना न के बराबर है, जिसके कारण यहां का अधिकतम तापमान 31-33 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। बारिश की कमी और तेज धूप के कारण इन जिलों के निवासियों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में इन क्षेत्रों के लोगों को अपनी सेहत का खास ख्याल रखने और धूप से बचने की सलाह दी जाती है।
सुहावने मौसम ने दी गर्मी से राहत
जहां एक ओर कुछ जिले गर्मी झेल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ हिस्सों में मौसम बेहद सुहावना बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश और आसमान में छाए काले बादलों की वजह से रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, नेतरहाट के पहाड़ी इलाके, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में एक खुशनुमा माहौल बन गया है। इन क्षेत्रों में दिन भर सूर्य देव के दर्शन दुर्लभ रहेंगे और बीच-बीच में होने वाली फुहारें तापमान को बढ़ने नहीं देंगी। इस तरह के मौसम से स्थानीय निवासियों को उमस और चिलचिलाती गर्मी से बहुत बड़ी राहत मिली है। लोग इस सुहावने मौसम का आनंद ले रहे हैं और घरों के अंदर भी पंखे-कूलर की जरूरत कम महसूस हो रही है।
जलभराव और यातायात ठप होने की आशंका
हालांकि, खराब मौसम कुछ जिलों के लिए बड़ी आफत भी बन सकता है। बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम में भारी बारिश, तेज हवाओं और लगातार वज्रपात की वजह से हालात बिगड़ सकते हैं। सबसे बड़ी चिंता निचले इलाकों में जलभराव की है। तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी जमा हो सकता है, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है। लोगों को अपने दफ्तर या गंतव्य तक पहुंचने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित जलजमाव से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर रखा गया है।
पिछले 24 घंटों का मौसमी हाल
पिछले 24 घंटों के मौसम के आंकड़ों पर गौर करें तो राज्य के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां दर्ज की गई हैं। रांची, बोकारो, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, दुमका, देवघर, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिमी सिंहभूम और उनसे सटे तमाम इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम स्तर तक की बारिश हुई है। मौसम विभाग के दर्ज आंकड़ों के अनुसार, राजधानी रांची में लगभग 5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि औद्योगिक शहर बोकारो में यह आंकड़ा करीब 6 मिमी रहा। इस बारिश ने पिछले कुछ दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को फौरी तौर पर बहुत राहत दी है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और हवा में एक ताजगी का अहसास हो रहा है।
मौसम विभाग की अहम सुरक्षा गाइडलाइंस
अंत में, मौसम विभाग ने एक बार फिर से सुरक्षा को लेकर कड़ी एडवायजरी जारी की है। लोगों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे आकाशीय बिजली चमकने और बादलों के गरजने के दौरान किसी भी कीमत पर खुले मैदानों, खेतों, नदी-तालाबों के किनारों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े न हों। सबसे ज्यादा खतरा किसानों को होता है, इसलिए उनसे विशेष अपील की गई है कि वे खराब मौसम के दौरान कृषि कार्यों को रोक दें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। दोपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भी तेज बारिश के समय दृश्यता कम होने के कारण सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का स्पष्ट कहना है कि अगले 24 घंटों तक राज्य भर में मानसून की सक्रियता इसी तरह बनी रहेगी, इसलिए हर किसी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।



















