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इंदिरा गांधी स्टेडियम में गूंजा नया जयकारा, नितिन नवीन बोले जनता के सीधे चुने पहले पीएम हैं नरेंद्र मोदीदिल्ली
7 अक्तू॰ 2026, 11:41 am (23 दिन पहले)· 1

इंदिरा गांधी स्टेडियम में गूंजा नया जयकारा, नितिन नवीन बोले जनता के सीधे चुने पहले पीएम हैं नरेंद्र मोदी

सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने पर दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की और नया नारा लगवाया.

देश की राजधानी दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी स्टेडियम में आयोजित विकसित भारत संकल्प सभा के विशाल मंच से भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक सेवा में 25 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक अवसर पर एक नया उद्घोष दिया. खचाखच भरे स्टेडियम में उपस्थित विशाल जनसमूह का आह्वान करते हुए उन्होंने स्वागत भाषण के दौरान कहा कि हम सबको एक बुलंद आवाज में देश के प्रधानमंत्री का अभिनंदन करना चाहिए. इसके बाद उन्होंने मंच से नारा दिया कि मोदी जी को जय श्रीराम, जिसके जवाब में पूरे परिसर में मौजूद कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ जय श्रीराम के नारों से माहौल गुंजायमान कर दिया. इस विशेष संबोधन के समापन पर उन्होंने भारत माता की जय और भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद के नारे भी लगवाए.

जनता के सामने घोषित उम्मीदवार के रूप में मिला ऐतिहासिक जनादेश

नितिन नवीन ने स्वतंत्र भारत की चुनावी लोकतांत्रिक परंपराओं का विस्तृत विश्लेषण करते हुए रेखांकित किया कि नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्हें आम चुनावों से पूर्व ही जनता के सामने आधिकारिक चेहरे के रूप में प्रस्तुत किया गया था. उन्होंने कहा कि देश के राजनीतिक इतिहास में इससे पहले जितने भी चुनाव संपन्न हुए, उनमें मतदाता किसी राजनीतिक दल अथवा चुनाव पूर्व गठबंधन को अपना समर्थन दिया करते थे. मतदान के नतीजे घोषित होने के बाद बंद कमरों में दलों की बैठकों के भीतर यह तय किया जाता था कि सरकार का मुखिया कौन बनेगा.

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साल 2014 के आम चुनाव को भारतीय राजनीति का एक अभूतपूर्व मोड़ बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय पहली बार किसी पार्टी ने चुनाव से पहले ही अपने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का चेहरा समूचे देश की जनता के समक्ष औपचारिक रूप से रखा था. देश के आम मतदाताओं ने उस चेहरे पर सीधा भरोसा जताया, अपना स्पष्ट जनादेश दिया और नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत के साथ देश का प्रधानमंत्री चुनकर सत्ता की बागडोर सौंपी. इस तरह वह सीधे जनसमर्थन और जनता द्वारा चुने गए पहले घोषित प्रधानमंत्री बने.

विरासत की राजनीति बनाम निरंतर जमीनी संघर्ष की यात्रा

कांग्रेस पार्टी के ऐतिहासिक प्रधानमंत्रियों की कार्यप्रणाली और उनकी ताजपोशी का उल्लेख करते हुए नितिन नवीन ने कहा कि यदि अतीत के पन्नों को निष्पक्षता से देखा जाए तो स्थिति बिल्कुल स्पष्ट दिखाई देती है. देश को आजादी मिलने के बाद जब जवाहरलाल नेहरू पहली बार प्रधानमंत्री बने, तो उन्हें जनता ने नहीं बल्कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने उस पद के लिए चुना था. इसी तरह जब इंदिरा गांधी पहली दफा प्रधानमंत्री पद की कुर्सी तक पहुंचीं, तो उनका चयन भी कांग्रेस पार्टी के भीतर मौजूद दिग्गज नेताओं के समर्थन से ही संभव हो पाया था.

उन्होंने आगे कहा कि राजीव गांधी के संदर्भ में भी यही व्यवस्था लागू रही, जहां अपनी मां के निधन के तुरंत बाद वह सबसे पहले अपनी पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री बनाए गए और उसके बाद के चुनावों में उन्होंने चुनावी जनादेश प्राप्त किया. इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी किसी रसूखदार राजनीतिक घराने से ताल्लुक नहीं रखते हैं और न ही उन्हें सत्ता किसी पारिवारिक विरासत के तौर पर मिली है. उन्होंने अपने जीवन के हर पड़ाव पर अनवरत संघर्ष किया और उसी जमीनी तपस्या के दम पर देश के शीर्ष पद तक पहुंचकर जनसेवा का गौरव अर्जित किया है.

25 वर्षों की साधना और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में बीते 25 वर्षों के लंबे सफर को रेखांकित करते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यह दिन हर देशवासी और दल के हर कार्यकर्ता के लिए अविस्मरणीय है. यह अवसर एक ऐसे व्यक्तित्व की यात्रा का साक्षी बनने का है जिसने विषम परिस्थितियों और कड़े संघर्षों के बीच से शुरुआत करके हर चुनौती को पार किया. उन्होंने कहा कि जिन्होंने जनसेवा को ही अपने जीवन का एकमात्र ध्येय माना और सत्ता को कभी भोग का साधन न बनाकर सिर्फ राष्ट्रसेवा का जरिया बनाया, ऐसे प्रधान सेवक का अभिनंदन करना गर्व की बात है.

नितिन नवीन ने 140 करोड़ देशवासियों और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए उनके सामाजिक कल्याण कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि देश की माताओं और बहनों के लिए शौचालय निर्माण से लेकर उज्ज्वला योजना तक चलाई गई पहलों ने महिलाओं की सुरक्षा, इज्जत और सम्मान को सुनिश्चित किया है. इसके साथ ही उन्होंने देश की 16 करोड़ लखपति दीदियों की बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए कहा कि इस नेतृत्व ने सिर्फ महिला विकास की बात करने के बजाय महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास को जमीन पर सच कर दिखाया है.

सवाल-जवाब

इंदिरा गांधी स्टेडियम में किस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था?
दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में विकसित भारत संकल्प सभा का आयोजन किया गया था.
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कौन सा नया नारा दिया?
नितिन नवीन ने मंच से 'मोदी जी को जय श्रीराम' का नारा दिया, जिसका भीड़ ने 'जय श्रीराम' कहकर जवाब दिया.
नितिन नवीन ने नरेंद्र मोदी को जनता द्वारा सीधे चुना पहला पीएम क्यों बताया?
उन्होंने कहा कि 2014 में पहली बार किसी दल ने चुनाव से पहले ही अपना चेहरा घोषित किया था और जनता ने उस चेहरे पर सीधा जनादेश दिया.
भाषण में किन कल्याणकारी योजनाओं और आंकड़ों का जिक्र किया गया?
भाषण में शौचालय निर्माण, उज्ज्वला योजना और 16 करोड़ लखपति दीदियों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया गया.
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टिप्पणियाँ 5

Neha Verma@neha-verma·22 दिन पहले

राजनीति में अब नारों के साथ-साथ इतिहास की बातें भी जोर-शोर से उठने लगी हैं। स्टेडियम में जिस तरह से नए नारे गूंजे, उससे साफ है कि चुनावी मंचों का मिजाज अब पूरी तरह बदल चुका है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 दिन पहले

पहले के प्रधानमंत्रियों के चुनाव पर ये बात ठीक पकड़ी, नेहरू और इंदिरा का चयन तो अंदरूनी बैठकों में ही हुआ था।

Nyra Kaif@nyra-kaif·22 दिन पहले

अ अर्जुन जी, आपकी बात तो ठीक है पर क्या सच में 2014 से पहले देश की जनता ने कभी भी किसी चेहरे को देखकर वोट नहीं किया था?

Karan Malhotra@karan-malhotra·22 दिन पहले

पहले भी तो लोग सीधे वोट देकर ही चुनते थे, ये कहना थोड़ा अजीब है कि मोदी जी अकेले ऐसे हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·22 दिन पहले

करण भाई, बात संसदीय प्रणाली की हो रही है जहाँ पहले सांसदों के जरिए नेता तय होते थे, सीधे चेहरे पर मुहर नहीं लगती थी।

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