पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालम्यांमार ड्रोन मामले में अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों को कोर्ट से मिली वतन वापसी की अस्थायी छूटझारखंड के पारंपरिक स्वाद से खड़ा किया बड़ा कारोबार, रांची में महज पांच महीनों में कैसे ब्रांड बना दिलीप का धूसकासंघर्षों को मात देकर सिनेमा में बनाई मुकाम, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिव्या दत्ता की अनूठी दास्तानतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
जालोर के वार्ड 10 में शेरू खान का गाने गाकर वोट मांगने का अंदाज सोशल मीडिया पर छायाराजस्थान
6 सित॰ 2026, 11:59 am (19 दिन पहले)· 2

जालोर के वार्ड 10 में शेरू खान का गाने गाकर वोट मांगने का अंदाज सोशल मीडिया पर छाया

जालोर नगर परिषद वार्ड संख्या 10 से निर्दलीय प्रत्याशी शेरू खान बाइक पर पोस्टर और स्पीकर लगाकर फिल्मी गानों पर अभिनय करते हुए प्रचार कर रहे हैं, जिनके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

राजस्थान के जालोर शहर में नगर परिषद चुनाव की सरगर्मी के बीच वार्ड संख्या 10 से मैदान में उतरे एक निर्दलीय प्रत्याशी का प्रचार तरीका इन दिनों हर किसी की जुबान पर है। शेरू खान नाम के इस प्रत्याशी ने वोट मांगने के लिए परंपरागत रैलियों और बड़े जुलूसों का रास्ता छोड़कर बाइक पर पोस्टर और स्पीकर बांधकर सीधे गलियों में उतरने का फैसला किया है, और यही अंदाज अब उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग पहचान दिला रहा है।

मंदिर में मन्नत, बुजुर्गों के चरण स्पर्श

शेरू खान का प्रचार सिर्फ बाइक और स्पीकर तक सीमित नहीं है। वे कहीं मंदिर पहुंचकर भगवान के कान में अपनी मन्नत कहते और आशीर्वाद मांगते नजर आते हैं, तो कहीं वार्ड के बुजुर्गों के पैर छूकर उनका समर्थन और वोट मांगते हैं। उनके इस भावनात्मक और सम्मानजनक अंदाज को देखने के लिए गलियों में लोगों की भीड़ जुट रही है, और यही दृश्य अब कैमरे में कैद होकर लोगों के बीच शेयर हो रहे हैं।

ये भी पढ़ें

टूटी सड़कों और जलभराव के बीच फिल्मी गानों पर प्रचार

प्रचार के दौरान शेरू खान वार्ड की असल समस्याओं को भी उजागर कर रहे हैं। वे उन्हीं टूटी सड़कों और पानी से भरी गलियों में खड़े होकर हिंदी फिल्मी गानों पर अभिनय करते हुए वोट मांगते हैं, जो वार्ड की बदहाल हालत की गवाही देती हैं। इस तरह वे बिना सीधे शिकायत किए ही स्थानीय मुद्दों को लोगों और प्रशासन के सामने ला रहे हैं। उनके इन पलों के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे उनकी पहचान वार्ड से बाहर भी बन रही है।

कम खर्च में सीधे जनता तक पहुंचने की रणनीति

शेरू खान का कहना है कि वे बड़े संसाधनों और भारी खर्च वाले प्रचार के बजाय सीधे लोगों के बीच जाकर बात करने में भरोसा रखते हैं। बाइक पर पोस्टर और स्पीकर लगाकर वे वार्ड की हर गली तक पहुंच रहे हैं और मतदाताओं से आमने-सामने बातचीत कर रहे हैं। यह तरीका न सिर्फ कम लागत में ज्यादा लोगों तक पहुंचने का जरिया बन रहा है, बल्कि वार्ड की स्थानीय दिक्कतों को भी सार्वजनिक चर्चा में ला रहा है। फिल्मी अंदाज, बुजुर्गों का आशीर्वाद लेने और अलग-अलग जगहों पर लोगों से सीधा संवाद करने की वजह से शेरू खान की चर्चा पूरे शहर में हो रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनका यह अनोखा प्रचार तरीका मतदान के दिन कितने वोटों में बदल पाता है।

सवाल-जवाब

यह प्रत्याशी कौन हैं और किस वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं?
शेरू खान जालोर नगर परिषद के वार्ड संख्या 10 से निर्दलीय प्रत्याशी हैं।
उनका प्रचार तरीका बाकी उम्मीदवारों से कैसे अलग है?
वे बाइक पर पोस्टर और स्पीकर लगाकर गलियों में घूमते हैं, मंदिर में मन्नत मांगते हैं, बुजुर्गों के पैर छूते हैं और फिल्मी गानों पर अभिनय करते हुए वोट मांगते हैं।
वे वार्ड की समस्याएं कैसे उठा रहे हैं?
वे टूटी सड़कों और पानी से भरी गलियों में खड़े होकर फिल्मी गानों पर अभिनय करते हैं, जिससे वार्ड की बदहाल हालत खुद-ब-खुद सामने आ जाती है।
शेरू खान इस तरह प्रचार क्यों कर रहे हैं?
उनका कहना है कि वे बड़े खर्च और संसाधनों के बजाय सीधे लोगों के बीच जाकर बात करने में विश्वास रखते हैं।
क्या इसका असर सोशल मीडिया पर भी दिख रहा है?
हां, उनके प्रचार के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·18 दिन पहले

रोहन वर्मा के रूप में मेरा मानना है कि शेरू खान की यह अनोखी प्रचार शैली दिखाती है कि कैसे सोशल मीडिया के दौर में कम संसाधनों वाले उम्मीदवार भी अपनी पहुंच बढ़ा सकते हैं। स्थानीय बुनियादी मुद्दों जैसे टूटी सड़कों और जलभराव को फिल्मी अंदाज के साथ जोड़कर उन्होंने मतदाताओं का ध्यान खींचा है। हालांकि, यह देखना अहम होगा कि यह डिजिटल लोकप्रियता और भावनात्मक जुड़ाव वास्तव में मतदान के दिन कितने वोटों में तब्दील हो पाता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, इस तरह का जनसंपर्क भले ही सोशल मीडिया पर दृश्यता और चर्चा दिला दे, लेकिन चुनावी प्रबंधन के जानकारों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह वर्चुअल और भावनात्मक जुड़ाव बूथ स्तर पर मजबूत मतदान रणनीति में बदल पाता है या नहीं। कम खर्च और अनोखे अभिनय शैली वाले ऐसे प्रचार अक्सर शुरुआती लहर तो बना लेते हैं, मगर मतदान के दिन कैडर आधारित समर्थन और स्थानीय समीकरण ही असली नतीजे तय करते हैं।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp