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कानपुर मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर दिसंबर में ट्रायल के लिए तैयार, 25 लाख नागरिकों को मिलेगी राहतउत्तर प्रदेश
23 सित॰ 2026, 10:48 am (36 दिन पहले)· 1

कानपुर मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर दिसंबर में ट्रायल के लिए तैयार, 25 लाख नागरिकों को मिलेगी राहत

कानपुर में सीएसए से बर्रा आठ तक दूसरे मेट्रो कॉरिडोर पर दिसंबर में ट्रायल रन कराने की तैयारी चल रही है, जबकि पहले कॉरिडोर पर नौबस्ता तक जल्द संचालन शुरू होगा।

औद्योगिक नगरी कानपुर में शहरी परिवहन का ढांचा एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दो अलग-अलग गलियारों के जरिए मेट्रो रेल नेटवर्क को शहर के प्रमुख रिहाइशी, शैक्षणिक और व्यावसायिक केंद्रों से जोड़ा जा रहा है। वर्तमान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान यानी आईआईटी कानपुर से कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के मध्य मेट्रो सेवा नियमित रूप से संचालित है। इस पहले कॉरिडोर को अब दक्षिण कानपुर के नौबस्ता इलाके तक ले जाने का निर्माण कार्य अंतिम पड़ाव पार कर चुका है। समानांतर रूप से सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ तक तैयार हो रहे दूसरे गलियारे पर भी निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जहाँ आने वाले दिसंबर महीने में ट्रायल रन शुरू करने का लक्ष्य तय किया गया है।

कॉरिडोर वन में नौबस्ता तक सात नए स्टेशन तैयार

कानपुर में मेट्रो की यात्रा का सफरनामा दिसंबर 2021 में शुरू हुआ था, जब आईआईटी कानपुर से मोतीझील के बीच प्राथमिक प्राथमिक खंड का लोकार्पण किया गया था। इस शुरुआती हिस्से में आईआईटी, कल्याणपुर, एसपीएम अस्पताल, सीएसजेएमयू, गुरुदेव चौराहा, रावतपुर, एलएलआर और मोतीझील स्टेशन शामिल थे। इसके पश्चात मई 2025 में इस लाइन को मोतीझील से आगे कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन तक विस्तारित किया गया। इस विस्तार के साथ चुन्नीगंज, नवीन मार्केट, बड़ा चौराहा, नयागंज और कानपुर सेंट्रल के स्टेशन प्रणाली में जुड़ गए, जिससे सक्रिय स्टेशनों की गिनती बढ़कर 14 हो गई।

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इसी पहले गलियारे को अब कानपुर सेंट्रल से आगे नौबस्ता तक बढ़ाया जा रहा है। इस नए हिस्से में कुल सात स्टेशन निर्मित किए गए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशनों को भूमिगत तकनीक से तैयार किया गया है, जबकि बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता स्टेशनों को एलिवेटेड संरचना के रूप में जमीन से ऊपर बनाया गया है। इन सभी स्टेशनों पर आवश्यक ढांचागत काम पूरा कर लिया गया है और अब वाणिज्यिक संचालन की हरी झंडी मिलने की प्रतीक्षा की जा रही है। इसके जुड़ने से पहले कॉरिडोर पर कुल स्टेशनों की संख्या 20 हो जाएगी।

सीएसए से बर्रा आठ तक दूसरे कॉरिडोर का स्वरूप

शहर के दूसरे गलियारे यानी कॉरिडोर टू का निर्माण सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ के मध्य किया जा रहा है, जिसमें कुल आठ स्टेशन शामिल हैं। भौगोलिक और सघन बसावट की चुनौतियों को देखते हुए इस रूट पर रावतपुर, काकादेव और डबलपुलिया स्टेशनों को जमीन के नीचे अंडरग्राउंड बनाया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर सीएसए विश्वविद्यालय, विजय नगर, शास्त्री चौक, बर्रा सात और बर्रा आठ स्टेशनों का निर्माण जमीन के ऊपर एलिवेटेड स्तर पर हो रहा है।

परियोजना की प्रगति पर संयुक्त महाप्रबंधक जनसंपर्क विभाग पंचानन मिश्रा ने कहा, “कॉरिडोर टू का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।” इस गलियारे पर दिसंबर तक परीक्षण शुरू करने की योजना बनाई गई है। सुरक्षा और तकनीकी मानकों की विधिवत जांच पूरी होने के बाद आम नागरिकों के लिए इस मार्ग को खोला जाएगा। इस नए रूट के प्रारंभ होने से रावतपुर और काकादेव के प्रमुख कोचिंग व बाजार क्षेत्र सीधे बर्रा और विश्वविद्यालय परिसर से जुड़ जाएंगे, जिससे लंबी सड़क यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।

32.5 किलोमीटर नेटवर्क और 39 ट्रेनों का बेड़ा

दोनों गलियारों का निर्माण कार्य पूर्ण होते ही कानपुर मेट्रो का समग्र दायरा लगभग 32.5 किलोमीटर का रूप ले लेगा। इस विस्तृत नेटवर्क पर यात्रियों की सुगम आवाजाही बनाए रखने के लिए कुल 39 मेट्रो ट्रेनों के बेड़े को चलाने की कार्ययोजना है। दैनिक यात्रियों को स्टेशन पर लंबा इंतजार न करना पड़े, इसके लिए औसतन हर पांच मिनट के अंतराल पर ट्रेन उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

वर्तमान समय में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल के बीच 6 से 7 ट्रेनें दौड़ रही हैं। आगामी चरणों में कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच 16 से 22 ट्रेनें और सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ के बीच लगभग 10 मेट्रो ट्रेनें चलाने का प्रावधान किया गया है। मेट्रो का यह व्यापक विस्तार जीटी रोड, गोविंदपुरी ओवरब्रिज और दादानगर पुल जैसे भारी जाम वाले प्रमुख संपर्कों पर वाहनों के दबाव को उल्लेखनीय रूप से कम करेगा।

किराया संरचना और स्टेशन आधारित स्लैब

कानपुर मेट्रो में यात्रा शुल्क का निर्धारण तय की गई दूरी और स्टेशनों की संख्या के आधार पर किया गया है। न्यूनतम किराया आईआईटी से एक स्टेशन की यात्रा के लिए 10 रुपये निर्धारित है। दो स्टेशनों के सफर के लिए 15 रुपये, तीन से छह स्टेशनों की दूरी तय करने पर 20 रुपये और सात से नौ स्टेशनों के लिए 30 रुपये का टिकट लेना होगा। इसी तरह 10 से 13 स्टेशनों के सफर का किराया 40 रुपये, 14 से 17 स्टेशनों के लिए 50 रुपये तथा 18 से 20 स्टेशनों की पूर्ण यात्रा के लिए अधिकतम 60 रुपये शुल्क तय है। उत्तर और दक्षिण कानपुर को सीधी कनेक्टिविटी मिलने से शहर के 25 लाख से अधिक निवासियों के दैनिक आवागमन में समय और धन दोनों की बचत होगी।

सवाल-जवाब

कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर टू पर ट्रायल रन कब शुरू होगा?
सीएसए विश्वविद्यालय से बर्रा आठ के बीच बन रहे कॉरिडोर टू पर दिसंबर में ट्रायल रन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता के बीच कितने नए स्टेशन बनाए गए हैं?
इस हिस्से में सात नए स्टेशन बने हैं, जिनमें झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर अंडरग्राउंड हैं तथा बारादेवी, किदवई नगर, वसंत विहार, बौद्ध नगर और नौबस्ता एलिवेटेड हैं।
पूरा मेट्रो नेटवर्क बनने के बाद कुल कितनी ट्रेनें चलाई जाएंगी?
32.5 किलोमीटर लंबे पूरे नेटवर्क पर कुल 39 मेट्रो ट्रेनों के संचालन की योजना बनाई गई है।
कानपुर मेट्रो में अधिकतम और न्यूनतम किराया कितना निर्धारित है?
एक स्टेशन के लिए न्यूनतम किराया 10 रुपये है, जबकि 18 से 20 स्टेशनों के सफर के लिए अधिकतम किराया 60 रुपये तय किया गया है।
सीएसए से बर्रा आठ कॉरिडोर पर कौन से स्टेशन अंडरग्राउंड होंगे?
कॉरिडोर टू पर रावतपुर, काकादेव और डबलपुलिया स्टेशनों को अंडरग्राउंड बनाया जा रहा है।
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टिप्पणियाँ 5

Divya Reddy@divya-reddy·34 दिन पहले

झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे इलाकों में मेट्रो को जमीन के नीचे ले जाना वाकई सही फैसला है, वरना उस घनी ट्रैफिक में ऊपर तो पैर रखने की जगह नहीं बचती।

Ravikash Gupta@ravikash·34 दिन पहले

कानपुर में मेट्रो का दायरा बढ़ने से रोज़ाना आने-जाने वाले हज़ारों लोगों का समय बचेगा। दक्षिण कानपुर तक कनेक्टिविटी मिलने से रियल एस्टेट और स्थानीय कारोबार को भी गति मिलेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·34 दिन पहले

रविकेश, आपकी बात सही है। पर क्या आपको पता है कि नौबस्ता वाले हिस्से पर कॉमर्शियल संचालन आखिरकार कब से शुरू होगा?

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

कानपुर में मेट्रो का दायरा बढ़ने से जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलेगी, खासकर नौबस्ता और बर्रा के लोगों का सफर आसान होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। नौबस्ता और बर्रा वालों का रोज़ का जाम वाला झंझट अब सच में खत्म होने वाला है।

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