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कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी, पारे में भारी गिरावट से बढ़ी ठिठुरनजम्मू-कश्मीर
30 अक्तू॰ 2026, 11:43 am (7 दिन पहले)· 2

कश्मीर और लद्दाख के ऊंचे दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी, पारे में भारी गिरावट से बढ़ी ठिठुरन

कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले पर्वतीय इलाकों में मौसम की पहली मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे तापमान तेजी से नीचे गिर गया है और राजमार्गों पर फिसलन को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

हिमालयी क्षेत्र में बदलते मौसम के बीच जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले इलाकों में ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है। द्रास समेत आसपास की ऊंची चोटियों पर हुई इस मौसम की पहली मध्यम दर्जे की बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र में ठिठुरन बढ़ा दी है। इस मौसमी बदलाव के चलते श्रीनगर, कारगिल और लेह को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के ऊपरी हिस्से पूरी तरह सफेद चादर में लिपट गए हैं। सुबह के समय जोजिला दर्रा, साधना दर्रा, राजदान दर्रा, गुमरी की पहाड़ियों, द्रास और लद्दाख के मीनामार्ग में बर्फ की परतें जमने से दृश्यता और रास्ते की स्थिति बदल गई है। इसके साथ ही गुलमर्ग और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला के ऊंचाई वाले हिस्सों में भी हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है।

ऊंचे पर्वतीय इलाकों में जमावड़ा, मैदानी क्षेत्रों में बादलों का पहरा

मौसम के इस ताज़ा दौर का मुख्य असर ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों तक ही सीमित देखा गया है, जबकि निचले और मैदानी भागों में फिलहाल बर्फबारी नहीं हुई है। इसके बावजूद, दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में घने बादल छाए रहने से दिन और रात के पारे में उल्लेखनीय गिरावट आई है। द्रास और उसके निकटवर्ती इलाकों में हुई बर्फबारी ने जोजिला से लेकर मीनामार्ग तक के पूरे गलियारे का स्वरूप बदल दिया है। मैदानी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी हवा में घुली ठंडक का अहसास हो रहा है, जिससे लोग अब गर्म कपड़ों का सहारा लेने लगे हैं।

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हाईवे पर आवाजाही के लिए प्रशासन की विशेष एडवाइजरी

श्रीनगर-कारगिल-लेह नेशनल हाईवे के रणनीतिक महत्व को देखते हुए यात्रियों और चालकों की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। सोनमर्ग-जोजिला-मीनामार्ग मार्ग से आवाजाही करने वाले चालकों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। प्रशासन ने यात्रियों को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से मिलने वाली ताज़ा सूचनाओं के आधार पर ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी है। रास्तों पर जमी बर्फ और फिसलन से निपटने के लिए गाड़ियों के टायरों में एंटी-स्किड चेन लगाना अनिवार्य करने के साथ-साथ सुरक्षित गति सीमा बनाए रखने को कहा गया है। श्रीनगर-सोनमर्ग-गुमरी कॉरिडोर पर गाड़ियों का परिचालन सड़क की भौतिक स्थिति और मौसम के अनुकूल होने पर ही समयबद्ध तरीके से नियंत्रित किया जा रहा है।

मौसम विभाग का पूर्वानुमान और आगे के हालात

भारतीय मौसम विभाग (IMD) और स्थानीय मौसम केंद्र के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान जम्मू-कश्मीर में आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर छिटपुट हल्की बारिश अथवा बर्फबारी की संभावना जताई गई है। पर्वतीय हिस्सों में 30 अक्टूबर तक रुक-रुक कर हल्की बारिश, गरज के साथ बौछारें पड़ने या हिमपात का सिलसिला जारी रह सकता है। इस तारीख के बाद मौसम में आंशिक सुधार होगा और अगले कुछ दिनों तक परिस्थितियां मुख्य रूप से शुष्क बनी रहने की संभावना है, हालांकि कुछेक संवेदनशील इलाकों में हल्की गतिविधि से इनकार नहीं किया जा सकता।

सर्दियों की विधिवत शुरुआत के संकेत

यह मौसमी हलचल इस पूरे पहाड़ी इलाके में कड़ाके की सर्दियों के औपचारिक आगमन का स्पष्ट संकेत है। इससे पहले, अक्टूबर के मध्य से अंत के दौरान भी राजदान दर्रा, पीर की गली, सिंथन टॉप, मार्गन टॉप, गुलमर्ग के निकट अफरावत, बालटाल-सोनमर्ग, गुरेज़ और तुलैल के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बर्फबारी देखी गई थी। उस दौरान घाटी और जम्मू संभाग के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य स्तर से कई डिग्री नीचे चला गया था, जिसके बाद राजदान दर्रे जैसी जगहों पर बर्फ का दीदार करने पर्यटकों का जमावड़ा लगा था। यद्यपि निचले रिहायशी इलाकों में सामान्य जनजीवन पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ा है, लेकिन दर्रों पर जमी मोटी बर्फ आने वाली भीषण ठंड की पुष्टि कर रही है।

सवाल-जवाब

किन प्रमुख इलाकों और दर्रों पर ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है?
सुबह के समय जोजिला दर्रा, साधना दर्रा, राजदान दर्रा, गुमरी, द्रास, मीनामार्ग के साथ-साथ गुलमर्ग और पीर पंजाल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई है।
सोनमर्ग-जोजिला-मीनामार्ग मार्ग से गुजरने वाले चालकों के लिए क्या निर्देश हैं?
प्रशासन ने चालकों को ट्रैफिक कंट्रोल रूम से ताज़ा जानकारी लेने, सुरक्षित रफ्तार रखने और गाड़ियों के टायरों में एंटी-स्किड चेन लगाने की सख्त सलाह दी है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों में मौसम कैसा रहेगा?
अगले 24 घंटों तक जम्मू-कश्मीर में बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और बारिश की संभावना कब तक बनी रहेगी?
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार 30 अक्टूबर तक रुक-रुक कर हल्की बारिश, गरज के साथ बौछारें और बर्फबारी होने की संभावना है।
क्या इस बर्फबारी से मैदानी इलाकों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है?
मैदानी और निचले इलाकों में जनजीवन पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है, हालांकि बादल छाए रहने से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·7 दिन पहले

पहाड़ों पर इतनी जल्दी बर्फबारी देखकर हैरान हूँ, इस बार सर्दी वाकई लंबी और कड़ाके की होने वाली है क्या?

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 दिन पहले

जोज़िला दर्रे पर इस बार समय से पहले ही बर्फ गिर गई। पिछली बार जब मैं वहाँ गया था, तो ऐसी ही ठंड ने हमारी गाड़ी फँसा दी थी, सफर करना मुश्किल हो गया था।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

अरे अर्जुन भाई, जोजिला पर गाड़ी फँसना तो वाक़ई डरावना अनुभव रहा होगा! क्या प्रशासन ने इस बार गाड़ियों के लिए कोई नया हेल्पलाइन नंबर जारी किया है?

Rohan Verma@rohan-verma·7 दिन पहले

हर बार बर्फबारी पर हाईवे बंद होने की बात होती है, पर इस बार ठंड कुछ ज़्यादा ही जल्दी आ गई है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

रोहन भाई, बात तो सही है आपकी। पर क्या इस बार समय से पहले बर्फबारी होने से इस पूरे इलाके के कारोबार पर कोई बुरा असर पड़ेगा?

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