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खेल हो या जंग, भारत से बैर रखकर पड़ोसी मुल्क ने खुद को किया तबाह: दिलीप घोषपश्चिम बंगाल
4 अक्तू॰ 2026, 11:30 am (25 दिन पहले)· 1

खेल हो या जंग, भारत से बैर रखकर पड़ोसी मुल्क ने खुद को किया तबाह: दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने एशियन गेम्स में भारत की जीत, विपक्षी गठबंधन के अंतर्कलह और सीजेपी के प्रदर्शन पर तीखे बयान दिए हैं।

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने न्यूटाउन में कई समसामयिक मुद्दों पर मुखर होकर अपनी राय रखी। उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में भारत की सफलता की सराहना करते हुए पड़ोसी मुल्क की स्थिति पर टिप्पणी की, साथ ही विपक्षी राजनीतिक दलों की अंदरूनी खींचतान और सीजेपी के प्रदर्शनों पर भी सीधा हमला बोला।

मैदान और सरहद पर भारत का दबदबा

एशियन गेम्स 2026 के पुरुषों के क्रिकेट फाइनल मुकाबले में भारत द्वारा पड़ोसी देश को शिकस्त दिए जाने पर मंत्री दिलीप घोष ने स्पष्ट कहा कि भारत हर मोर्चे पर पाकिस्तान को मात देता है, चाहे वह खेल का मैदान हो अथवा युद्ध का मैदान। उन्होंने रेखांकित किया कि मौजूदा समय में पाकिस्तान कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि वहां के अंदरूनी हालात बेहद बदतर हो चुके हैं।

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दिलीप घोष के अनुसार, राजनीति और अर्थव्यवस्था से लेकर प्रशासनिक तंत्र और खेल जगत तक, सीमा पार सब कुछ बेहद दयनीय स्थिति में पहुंच चुका है। उनका कहना था कि उन्हें अपनी आंतरिक कमियों को सुधारने और खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था, लेकिन भारत से लगातार उलझने और टकराव मोल लेने की नीति के कारण उस देश ने खुद को पूरी तरह बर्बाद कर लिया है।

इंडी गठबंधन की खींचतान पर कड़ा प्रहार

उत्तर प्रदेश के भीतर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के मध्य सीटों के तालमेल को लेकर जारी खींचतान पर भी मंत्री ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि तथाकथित इंडी गठबंधन के अंदर यह कभी स्पष्ट ही नहीं हो पाता कि कौन सा दल किसको कितनी सीटें आवंटित करेगा। क्षेत्रीय दल हर राज्य को अपनी निजी जागीर की भांति मानते हैं और वे किसी अन्य सहयोगी को वहां जगह देने के लिए तैयार नहीं होते, इसके बावजूद वे राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का दावा करते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे बिखराव के साथ कोई विपक्षी गठबंधन कैसे तैयार हो सकता है और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ किस आधार पर मुकाबला करेंगे। जनता बार-बार विपक्षी दलों को नकार चुकी है, इसके बावजूद वे किसी न किसी राजनीतिक ड्रामे के माध्यम से मीडिया की सुर्खियों में छाए रहने और सत्ता की दौड़ में बने रहने की असफल कोशिशें करते रहते हैं।

एशियन गेम्स की उपलब्धियां और खेल ढांचे की चुनौतियां

एशियन गेम्स में भारतीय एथलीटों के समग्र प्रदर्शन का मूल्यांकन करते हुए दिलीप घोष ने कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम, हॉकी टीम और तीरंदाजी सहित विभिन्न स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने शानदार परिणाम दर्ज किए हैं। कुश्ती स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों का प्रदर्शन सराहनीय रहा, हालांकि उसमें और अधिक सुधार की संभावनाएं मौजूद थीं।

पदक तालिका में चीन के साथ तुलना करते हुए उन्होंने चिंता जताई कि चीन को जहां 150 मेडल प्राप्त होते हैं, वहीं हमें केवल 5 मेडल मिलते हैं, जो एक बहुत बड़ा अंतर दर्शाता है। उन्होंने पड़ोसी एशियाई देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान, कोरिया, उज़्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और ईरान किसी भी अन्य क्षेत्र में भारत से आगे नहीं हैं, परंतु खेल के क्षेत्र में उन देशों ने काफी पहले से ठोस योजना बनाई और आधुनिक खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया, जिसका लाभ उन्हें अब मिल रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत में भी खेल व्यवस्था में धीरे-धीरे सकारात्मक सुधार आ रहा है।

सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को बताया स्टंटबाजी

सीजेपी द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में दिलीप घोष ने कहा कि जिन लोगों में राजनीतिक सूझबूझ का अभाव है अथवा समाज के लिए जिनका कोई वास्तविक योगदान नहीं रहा है, वे केवल मीडिया की सुर्खियों में जगह पाने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाते हैं। ऐसे संगठन दूसरों को आगे करके और सोशल मीडिया का सहारा लेकर स्टंट करने में जुटे रहते हैं, लेकिन इससे जमीनी स्तर पर कुछ भी हासिल होने वाला नहीं है। विपक्ष में मौजूद राजनीतिक खालीपन के कारण ही वे यह सब कर रहे हैं, जिससे केवल क्षणिक खबरें बनती हैं, लेकिन समाज में उनका कोई दीर्घकालिक असर नहीं होगा।

सवाल-जवाब

दिलीप घोष ने पड़ोसी मुल्क की स्थिति पर क्या टिप्पणी की?
उन्होंने कहा कि राजनीति, अर्थव्यवस्था, प्रशासन और खेल के मोर्चे पर पड़ोसी देश की हालत अत्यंत खराब है और भारत से बैर रखने के कारण उसने खुद को बर्बाद कर लिया है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत को किस मुकाबले में जीत मिली थी?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के पुरुषों के क्रिकेट फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल की थी।
एशियन गेम्स के पदक आंकड़ों पर दिलीप घोष ने क्या कहा?
उन्होंने बताया कि चीन को 150 मेडल मिले हैं जबकि भारत को 5 मेडल हासिल हुए हैं, और अन्य एशियाई देशों ने पहले से इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर बेहतर प्रदर्शन किया है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर क्या आरोप लगाया गया?
घोष ने कहा कि गठबंधन में सीटों का तालमेल तय नहीं हो पा रहा है और क्षेत्रीय दल अपने राज्यों को निजी जागीर मानकर किसी अन्य को आने नहीं देना चाहते।
सीजेपी के विरोध प्रदर्शनों को मंत्री ने किस तरह खारिज किया?
उन्होंने कहा कि बिना सामाजिक योगदान और राजनीतिक समझ वाले लोग विपक्षी खालीपन के बीच सुर्खियों में बने रहने के लिए सोशल मीडिया स्टंट कर रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·24 दिन पहले

नेताजी ने पाकिस्तान और विपक्ष पर तो बहुत बोल दिया, पर क्या सच में खेल बजट बढ़ाने को लेकर सरकार के पास कोई ठोस योजना है?

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 दिन पहले

पड़ोसी देश की बर्बादी की वजह उसकी अपनी नीतियां हैं, भारत से बैर रखने के चक्कर में उन्होंने अपना खेल और देश दोनों डुबा दिए। विपक्ष का हाल भी ऐसा ही है, आपसी खींचतान से वे खुद को ही कमजोर कर रहे हैं।

Ravikash Gupta@ravikash·24 दिन पहले

अर्जुन, चीन के 150 मेडल और हमारे 5 मेडल वाला आंकड़ा वाकई हैरान करने वाला है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

मैडल के मामले में चीन से अपनी तुलना करना बिल्कुल सही है। जब तक हम खेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर ढंग से काम नहीं करेंगे, तब तक इतनी बड़ी आबादी के बाद भी हम चीन से बहुत पीछे ही रहेंगे।

Rohan Verma@rohan-verma·24 दिन पहले

करण, बात तो बिल्कुल सही है तुम्हारी। पर ये बताओ, चीन से मुकाबला करने के लिए सरकार कौन सा नया प्लान बना रही है?

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