वाइट हाउस वार्ता: यूक्रेन में पैट्रियट मिसाइल उत्पादन लाइसेंस के लिए वॉशिंगटन पहुंचे जेलेंस्की, ट्रंप से करेंगे अहम बैठकचीन में 90 साल की महिला 20 वर्ष तक जिंदा हैंड ग्रेनेड से तोड़ती रही अखरोट, मजदूर ने देख पुलिस को दी सूचनाबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनत्वचा को चमकदार और टाइट बनाने के लिए घर पर तैयार करें चावल के मांड की नेचुरल कोलेजन क्रीम, जानें आसान तरीकाशादियों की विदाई में आज भी छाया रहता है 1989 का क्लासिक ट्रैक, 37 सालों से कायम है पद्मिनी कोल्हापुरे और मिथुन चक्रवर्ती के इस इमोशनल गाने की जगहरसोई की चुभती बीप का इलाज: स्टारलिंग के जोएल कोरेलिट्ज़ और कोलिन कूगन ने C++ कोड से सुधारी माइक्रोवेव की आवाज़लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातभारतीय क्रिकेट टीम के सहायक कोच रयान टेन डोशेट ने दिया इस्तीफा, कोलकाता नाइट राइडर्स की कोचिंग में होगी वापसीऐप्पल ने स्मार्टवॉच सीरीज में किया बड़ा बदलाव, जानें सीरीज 11 और वॉच अल्ट्रा 3 के नए फीचर्सअपने जन्मदिन पर हुमा कुरैशी ने दिया सरप्राइज, महारानी सीजन 5 की शूटिंग का किया आधिकारिक ऐलान
कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नीचे जा गिरी कार, बच्चे और बुजुर्ग की मौत, थानों में क्षेत्राधिकार पर उलझनराजस्थान
15 जून 2026, 10:18 am (44 दिन पहले)· 0

कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नीचे जा गिरी कार, बच्चे और बुजुर्ग की मौत, थानों में क्षेत्राधिकार पर उलझन

कोटा जिले में मेहंदी माइनर के पास एक कार अनियंत्रित होकर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से नीचे गिर गई, जिसमें एक बच्चे और 70 वर्षीय बुजुर्ग की जान चली गई। हादसे के बाद दीगोद और सुल्तानपुर थाने इसे एक-दूसरे का क्षेत्र बताते रहे।

राजस्थान के कोटा जिले के ग्रामीण इलाके में रविवार शाम एक तेज रफ्तार कार के एक्सप्रेसवे से नीचे जा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। यह हादसा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मेहंदी माइनर के पास करीब 7:30 बजे हुआ, जब कार अचानक नियंत्रण खोकर सड़क से नीचे की ओर लुढ़क गई।

कार में सवार थे पांच लोग

दुर्घटना के समय कार में कुल पांच लोग मौजूद थे — तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा। हादसा इतना भीषण था कि बच्चे के सिर में गहरी चोट आई और उसकी मौके पर ही जान चली गई। साथ यात्रा कर रहे 70 वर्षीय एक बुजुर्ग भी गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे; अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।

ये भी पढ़ें

घायलों की हालत

हादसे में सवार एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी दो लोगों को अपेक्षाकृत मामूली चोटें आईं। सभी घायलों को आनन-फानन में मेडिकल सुविधा मुहैया कराई गई।

कहां के थे कार सवार

शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे का शिकार हुई कार बूंदी जिले के इंदरगढ़ क्षेत्र की थी। इसमें सवार लोगों की पहचान विजय शर्मा, कमलेश दाधीच, नदेश दाधीच और बांके बिहारी के रूप में हुई है। जान गंवाने वाला बच्चा भी इन्हीं लोगों के साथ सफर कर रहा था।

राहत और बचाव कैसे चला

घटना की खबर मिलते ही दीगोद और सुल्तानपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे की एंबुलेंस और दीगोद एंबुलेंस की टीमों ने तुरंत राहत-बचाव का काम संभाला। घायलों को पहले कोटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया।

एक्सप्रेसवे एंबुलेंस के कंपाउंडर आलोक सुमन ने हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि दुर्घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें मौके पर ही तुरंत चिकित्सा मदद दी गई। दीगोद एंबुलेंस के पायलट जितेंद्र मीणा और ईएमटी वीरेंद्र फुलवारिया के अनुसार, सभी घायलों को पहले कोटा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया और वहां से निजी अस्पताल रेफर किया गया।

थानों के बीच क्षेत्राधिकार पर पेच

हादसे के बाद एक अलग ही उलझन सामने आ गई — यह तय नहीं हो सका कि घटनास्थल किस थाने के दायरे में आता है। दीगोद और सुल्तानपुर, दोनों थानों की पुलिस इसे अपने इलाके से बाहर का मामला बताती रही। हालांकि सूचना मिलने पर दोनों थानों की टीमें मौके पर जरूर पहुंचीं, लेकिन देर रात तक किसी भी थाने की ओर से औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं की जा सकी। एक बच्चे की मौत और गंभीर घायलों को देखते हुए माना जा रहा है कि क्षेत्राधिकार साफ होते ही पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगी। घटना के बाद कुछ देर तक मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

सवाल-जवाब

हादसा कहां और कब हुआ?
यह दुर्घटना कोटा जिले के ग्रामीण इलाके में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मेहंदी माइनर के पास रविवार शाम करीब 7:30 बजे हुई।
हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
एक बच्चे और 70 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हुई; कार में कुल पांच लोग सवार थे जिनमें तीन पुरुष, एक महिला और एक बच्चा शामिल था।
घायलों को कहां ले जाया गया?
सभी घायलों को पहले कोटा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कोटा के एक निजी अस्पताल में रेफर कर भर्ती कराया गया।
हादसे के बाद पुलिस कार्रवाई में देरी क्यों हुई?
दीगोद और सुल्तानपुर दोनों थाने घटनास्थल को अपने क्षेत्र से बाहर बता रहे थे, इसलिए देर रात तक किसी थाने ने औपचारिक कार्रवाई शुरू नहीं की।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR