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मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात, मां-बेटी के बैग से एक करोड़ की ज्वेलरी और आठ लाख नकदी चोरीराजस्थान
17 सित॰ 2026, 6:14 pm (8 दिन पहले)· 3

मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस में बड़ी वारदात, मां-बेटी के बैग से एक करोड़ की ज्वेलरी और आठ लाख नकदी चोरी

मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में सफर कर रही मां-बेटी के बैग से एक करोड़ रुपए कीमत के गहने और आठ लाख रुपए नकद चोरी हो गए। यह घटना नागपुर से लौटने के दौरान हुई और नोखा पहुंचने के बाद इसका खुलासा हुआ।

ट्रेन के एसी कोच में सफर के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। एक ताजा मामले में मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस से सफर कर रही एक महिला और उसकी बेटी के सामान पर चोरों ने हाथ साफ कर दिया। इस घटना में करीब एक करोड़ रुपए के गहने और आठ लाख रुपए नकद गायब हो गए हैं। पीड़ित परिवार ने इस संबंध में राजकीय रेलवे पुलिस थाने में आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है, जिसके आधार पर पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है।

नागपुर से एक पारिवारिक समारोह से लौट रहा था परिवार

यह पूरी घटना उस समय सामने आई जब परिवार नागपुर में आयोजित एक सगाई समारोह में शिरकत करने के बाद अपने घर वापस लौट रहा था। मांगीदेवी और उनकी बेटी डिंपल राजपुरोहित ने महाराष्ट्र के नागपुर से नोखा आने के लिए मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन पकड़ी थी। सफर के दौरान दोनों ने ट्रेन के एसी कोच बी-1 में अपनी सीटें आरक्षित की थीं। मांगीदेवी को कोच में सीट संख्या पच्चीस और उनकी बेटी को सीट संख्या अट्ठाइस आवंटित हुई थी। उनके पास दो ट्रॉली बैग के अलावा तीन से चार अन्य बैग भी मौजूद थे, जिन्हें उन्होंने यात्रा के दौरान अपनी सीटों के नीचे सुरक्षित तरीके से रख दिया था। परिवार का मुख्य व्यवसाय महाराष्ट्र के अमरावती जिले के वरूड़ में मिठाई का है, जहां उनके परिवार के अन्य सदस्य भी निवास करते हैं।

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घर पहुंचने पर बैग खोलने पर चला चोरी का पता

सफर के दौरान मां-बेटी को अपने सामान के साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी का अंदेशा नहीं हुआ और यात्रा सामान्य रूप से चलती रही। जब बारह सितंबर को ट्रेन नोखा रेलवे स्टेशन पर पहुंची, तो उनके परिजन उन्हें रिसीव करने के लिए पहले से ही स्टेशन पर मौजूद थे। ट्रेन से उतरने के बाद वे सभी सामान सहित सीधे अपने गांव देसलसर स्थित घर पहुंचे। घर पहुंचने के बाद जब मांगीदेवी ने अपना मुख्य ट्रॉली बैग खोला, तो उनके होश उड़ गए। बैग के भीतर का सारा सामान अस्त-व्यस्त था और कीमती सामान गायब था। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने जब अन्य सभी बैगों की दोबारा गहन तलाशी ली, तो उन्हें चोरी की इस बड़ी वारदात का अहसास हुआ।

करोड़ों के गहने और नकदी गायब मिलने से मचा हड़कंप

परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार बैग से लगभग सत्तर तोला सोने के आभूषण, करीब आधा किलोग्राम चांदी के गहने और आठ लाख रुपए की नकदी गायब मिली। चोरी हुए कुल सामान और नकदी की अनुमानित बाजार कीमत लगभग एक करोड़ रुपए आंकी गई है। घर पहुंचने से पहले तक किसी को भी इस बात की भनक तक नहीं लगी कि सफर के दौरान उनके साथ इतनी बड़ी चोरी हो चुकी है। चूंकि सामान को सीट के नीचे रखा गया था और सफर के दौरान यह सुरक्षित प्रतीत हो रहा था, इसलिए किसी को तुरंत यह अंदाजा नहीं हुआ कि चोरों ने इतनी सफाई से हाथ साफ कर लिया है।

जीआरपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस तलाश में जुटी

इस सनसनीखेज चोरी के खुलासे के बाद चौदह सितंबर को बीकानेर जीआरपी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से मामला दर्ज करवाया गया। थाने की प्रभारी नेहा राजपुरोहित ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि देसलसर निवासी विक्रम राजपुरोहित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर ट्रेन के किस हिस्से में और किस सफर के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया। इसके लिए ट्रेन के भीतर और यात्रा मार्ग में आने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही यात्रा के दौरान मां-बेटी की सीटों के आसपास मौजूद रहे संदिग्ध यात्रियों की भी पहचान की जा रही है और उनसे पूछताछ का सिलसिला जारी है ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके।

सवाल-जवाब

यह चोरी किस ट्रेन में हुई थी?
यह चोरी मदुरई-बीकानेर एक्सप्रेस ट्रेन के एसी कोच में हुई थी।
चोरी गए सामान की कुल कीमत कितनी है?
चोरी गए गहनों और नकदी की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई है।
मां-बेटी कहाँ से सफर कर रही थीं?
मां-बेटी नागपुर से एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने के बाद ट्रेन में सवार हुई थीं।
चोरी का खुलासा कब हुआ?
नोखा स्टेशन पर उतरने के बाद जब वे अपने गांव देसलसर स्थित घर पहुँचीं और बैग खोला, तब चोरी का पता चला।
इस मामले में पुलिस में शिकायत कब दर्ज कराई गई?
इस मामले की रिपोर्ट चौदह सितंबर को बीकानेर जीआरपी थाने में दर्ज कराई गई।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·7 दिन पहले

इस घटना ने यात्रियों की मानसिक शांति और यात्रा के दौरान सुरक्षा की भावना पर एक गंभीर मनोवैज्ञानिक आघात पहुँचाया है। इतनी बड़ी चोरी से उत्पन्न वित्तीय क्षति और सदमा पीड़ित परिवार के भावनात्मक स्वास्थ्य को लंबे समय तक प्रभावित कर सकता है। लंबी दूरी की यात्राओं में इस प्रकार की असुरक्षा लोगों में लगातार चिंता, अविश्वास और माइंडफुलनेस की कमी को जन्म देती है, जिससे भविष्य में सफर करना एक तनावपूर्ण अनुभव बन जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·7 दिन पहले

यह घटना भारतीय रेल के वातानुकूलित कोचों में भी यात्रियों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। एसी बोगियों में अनाधिकृत प्रवेश पर रोक और एस्कॉर्टिंग स्टाफ की सक्रियता बढ़ाने की सख्त आवश्यकता है। यदि लंबी दूरी की ट्रेनों में इस तरह की बड़ी चोरियां होती रहीं, तो यह न केवल रेलवे की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की नाकामी को दर्शाता है, बल्कि यात्रियों के बीच सार्वजनिक परिवहन को लेकर भरोसे को भी कमजोर करता है। रेलवे प्रशासन को तकनीक और रेलवे सुरक्षा बल के समन्वय से सुरक्षा कड़ी करनी होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·7 दिन पहले

वरिष्ठ संवाददाता रविकाश गुप्ता के अनुसार, इस तरह की बड़ी चोरियां न केवल यात्रियों की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालती हैं, बल्कि लंबी दूरी की ट्रेनों में नकदी और डिजिटल माध्यमों के इतर भारी मात्रा में भौतिक संपत्तियों के परिवहन से जुड़े वित्तीय जोखिमों को भी उजागर करती हैं। एसी कोचों में अनाधिकृत प्रविष्टियों को रोकने के लिए आधुनिक सर्विलांस, बायोमेट्रिक एक्सेस और रेलवे सुरक्षा बल की सक्रियता बेहद जरूरी हो गई है, ताकि इस प्रकार के आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाई जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·7 दिन पहले

यह वारदात एसी कोच में भी यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। नागपुर से नोखा के बीच के लंबे मार्ग पर इतनी बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषणों का खुला रहना और अपराधियों द्वारा सटीक जानकारी के साथ वारदात को अंजाम देना किसी अंदरूनी संलिप्तता या पेशेवर गिरोह के शामिल होने का पुख्ता संकेत देता है। जीआरपी को अब रूट के स्टेशनों पर उतरे संदिग्धों और ट्रेन में तैनात स्टाफ की कॉल डिटेल खंगालनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·7 दिन पहले

यह घटना लंबी दूरी की ट्रेनों में ए सी कोच की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है। जिस तरह से शातिर चोरों ने एसी बी-वन कोच में सीटों के नीचे रखे बैगों को निशाना बनाया, उससे यह साफ है कि अपराधियों को यात्रियों की आवाजाही और सामान की सटीक जानकारी थी। इस मामले में जीआरपी और आरपीएफ को नागपुर से नोखा के बीच आने वाले सभी प्रमुख स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज तुरंत खंगालने चाहिए ताकि किसी पेशेवर अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता का पर्दाफाश हो सके।

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