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मणिपुर में जातीय हिंसा से अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, जीएसटी संग्रह में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावटमणिपुर
16 सित॰ 2026, 8:36 pm (41 दिन पहले)· 17

मणिपुर में जातीय हिंसा से अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका, जीएसटी संग्रह में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट

मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बताया कि राज्य में लंबे समय से जारी जातीय संघर्ष के कारण 2023 से 2026 के बीच जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी गिरावट आई है।

मणिपुर में लंबे समय से चल रहे जातीय संघर्ष का असर अब राज्य के सरकारी खजाने और वित्तीय सेहत पर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने बुधवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि इस लगातार अशांति के चलते राज्य को वस्तु एवं सेवा कर यानी जीएसटी राजस्व मोर्चे पर भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

राजस्व में भारी गिरावट और आर्थिक नुकसान

आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में साल 2023 से 2026 की अवधि के बीच जीएसटी संग्रह में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के 52वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आए दिन होने वाले बंद और आर्थिक नाकेबंदी ने राज्य की रीढ़ तोड़ दी है। इन अवरोधों के कारण व्यापारिक और व्यावसायिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे मणिपुर के समग्र विकास को गहरा धक्का लगा है। इस स्थिति ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर अनुचित और भारी दबाव बना दिया है।

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विरोध प्रदर्शन के तरीकों पर सवाल और अपील

व्यापारिक गतिविधियों और विकास कार्यों पर पड़ने वाले इन दुष्प्रभावों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विभिन्न नागरिक समाज संगठनों से विशेष अपील की है। उन्होंने आग्रह किया कि विरोध जताने के लिए बंद और नाकेबंदी जैसे हथकंडों का इस्तेमाल पूरी तरह बंद किया जाना चाहिए। राज्य को दोबारा पटरी पर लाने और आर्थिक सुधार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए समाज के हर वर्ग को मिलकर प्रयास करने होंगे, ताकि एक अनुकूल माहौल तैयार किया जा सके।

पत्रकार कल्याण और पेंशन योजनाओं में बढ़ोतरी

पत्रकारिता जगत से जुड़े लोगों के कल्याण की दिशा में कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के लिए मासिक पेंशन राशि को बढ़ाकर 8,000 रुपये से 10,000 रुपये किया जाएगा। इसके साथ ही, पारिवारिक पेंशन को भी 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया है। इस वित्तीय प्रस्ताव को जल्द ही आधिकारिक रूप से मंजूरी के लिए राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया जाएगा।

विशेष राहत और लंबित भुगतानों का निपटारा

लंबे समय तक चले इस संकट के दौर में जिन पत्रकारों के खाते डीआईपीआर जर्नलिस्ट पेंशन स्कीम के तहत नियमित अंशदान न मिलने के कारण निष्क्रिय हो गए थे, उनके लिए एक बार की विशेष छूट की घोषणा की गई है। इस प्रावधान के तहत वे अपने खाते दोबारा सक्रिय करा सकेंगे। इसके अलावा, मीडिया संस्थानों के करीब 1 करोड़ रुपये के लंबित विज्ञापन बिलों का भुगतान भी पहले ही किया जा चुका है।

सवाल-जवाब

मणिपुर में जीएसटी राजस्व में कितनी गिरावट आई है?
साल 2023 से 2026 के बीच मणिपुर के जीएसटी राजस्व में 1,200 करोड़ रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है।
यह बयान किसने और कहां दिया?
यह बयान मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने ऑल मणिपुर वर्किंग जर्नलिस्ट्स यूनियन के 52वें स्थापना दिवस समारोह में दिया।
पत्रकारों की पेंशन राशि में कितनी बढ़ोतरी की गई है?
पत्रकारों की मासिक पेंशन को 8,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।
पारिवारिक पेंशन अब कितनी होगी?
पारिवारिक पेंशन को 5,000 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा।
लंबित विज्ञापन बिलों की कितनी राशि का भुगतान किया गया है?
लगभग 1 करोड़ रुपये के लंबित विज्ञापन बिलों का भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
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