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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने दिल्ली में विकास फंडिंग और 2032 विजन पर की अहम चर्चामेघालय
19 सित॰ 2026, 3:09 pm (41 दिन पहले)· 0

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने दिल्ली में विकास फंडिंग और 2032 विजन पर की अहम चर्चा

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित वित्त मंत्रियों के सम्मेलन में मेघालय के मुख्यमंत्री ने राज्य के मिशन 10 एजेंडा और सार्वजनिक वित्त को मजबूत करने पर विचार रखे।

नई दिल्ली के भारत मंडपम में राज्यों के वित्त मंत्रियों और वित्त सचिवों के एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने शिरकत की। इस सम्मेलन का मुख्य विषय 'विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण' तय किया गया था, जहाँ देश भर के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

सार्वजनिक वित्त और विकास फंडिंग पर मुख्य जोर

सम्मेलन की कार्यसूची में सार्वजनिक वित्तीय व्यवस्था को मजबूत बनाना और विकास कार्यों के लिए पूंजी जुटाने के नए विकल्पों की तलाश करना सबसे ऊपर रहा। इसके अलावा कृषि क्षेत्र की प्राथमिकताओं, ऊर्जा परिवर्तन, नई तकनीकों के इस्तेमाल और राज्यों के आर्थिक विकास के सटीक आकलन हेतु सकल राज्य घरेलू उत्पाद यानी जीएसडीपी (GSDP) के उपयोग पर विस्तार से बात की गई। इन सभी पहलुओं पर विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने मिलकर मंथन किया।

मेघालय का मिशन 10 और विकास लक्ष्य

यह विचार-विमर्श विशेष रूप से मेघालय के विकास लक्ष्यों के लिए प्रासंगिक रहा, जिसे राज्य सरकार अपने मिशन 10 एजेंडे के तहत आगे बढ़ा रही है। इस एजेंडे का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक गति देना, बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना, स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए मौके तैयार करना और व्यापारिक उद्यमों को मजबूत वित्तीय सहयोग देना है।

विशेषज्ञों से सीखने और 2032 विजन पर मुख्यमंत्री का वक्तव्य

कार्यक्रम के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के साझा मंच मेघालय को दूसरे राज्यों के अनुभवों से सीखने, नीति विशेषज्ञों से संवाद करने और पूंजी के नए वित्तीय मॉडलों को समझने का बेहतरीन मौका देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य अपने वर्ष 2032 के विजन की दिशा में काम कर रहा है, जिसके लिए ठोस वित्तीय रणनीतियाँ आवश्यक हैं। इस सम्मेलन ने वित्त मंत्रियों, सचिवों और अन्य हितधारकों को एक मंच पर लाकर भारत के विकास सफर की वित्तीय योजना पर सार्थक मंथन का अवसर दिया। मुख्यमंत्री ने इस आयोजन से जुड़े मुख्य बिंदुओं को X पर लिखा और अपनी भागीदारी की पुष्टि की।

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सवाल-जवाब

सम्मेलन का आयोजन कहाँ और किस विषय पर हुआ?
यह सम्मेलन नई दिल्ली के भारत मंडपम में 'विकसित भारत की ओर भारत की यात्रा का वित्तपोषण' विषय पर आयोजित किया गया।
मेघालय के मुख्यमंत्री ने किन प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया?
उन्होंने सार्वजनिक वित्त को मजबूत बनाने, नए फंडिंग मॉडल तलाशने और राज्य के मिशन 10 एजेंडा को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
सम्मेलन में किन प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की गई?
चर्चा में कृषि, ऊर्जा परिवर्तन, आधुनिक प्रौद्योगिकी, सार्वजनिक वित्त और आर्थिक वृद्धि नापने के लिए जीएसडीपी का उपयोग शामिल रहा।
मेघालय का विजन किस वर्ष तक केंद्रित है?
मेघालय सरकार अपने विजन 2032 के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर वित्तीय और विकासात्मक नीतियों पर काम कर रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Gupta@rohan-gupta·40 दिन पहले

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा द्वारा भारत मंडपम के वित्त सम्मेलन में विकास फंडिंग और नई तकनीकों के उपयोग पर जोर देना सराहनीय है। हालांकि, 'मिशन 10' और 2032 के लक्ष्यों को जमीन पर उतारने के लिए केवल पारंपरिक वित्तपोषण से काम नहीं चलेगा। इसके लिए डिजिटल गवर्नेंस, सॉफ़्टवेयर आधारित वित्तीय ट्रैकिंग और साइबर सुरक्षा से लैस डिजिटल भुगतान प्रणालियों को अपनाना होगा। टेक और एआई-संचालित बजट प्रबंधन से ही राज्य के वित्तीय ढांचे को पारदर्शी और मजबूत बनाया जा सकता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·40 दिन पहले

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा द्वारा 'मिशन 10' और '2032 विजन' को राष्ट्रीय मंच पर रखना पूर्वोत्तर राज्यों की बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं का स्पष्ट प्रमाण है। भारत मंडपम के इस सम्मेलन में जीएसडीपी मूल्यांकन और ऊर्जा परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा से यह संकेत मिलता है कि अब क्षेत्रीय विकास को टिकाऊ वित्तीय रणनीतियों और आधुनिक डेटा मापदंडों के साथ जोड़ा जा रहा है। आने वाले समय में इन पहलों से पहाड़ी राज्यों में बुनियादी ढांचे और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·40 दिन पहले

विशेष रूप से स्वास्थ्य और सार्वजनिक कल्याण के नजरिए से देखें तो, मजबूत सार्वजनिक वित्त और ऊर्जा परिवर्तन जैसे नीतिगत कदम किसी भी राज्य में जनस्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी होते हैं। जब बुनियादी ढांचे, आजीविका के अवसरों और जीएसडीपी मूल्यांकन पर इस तरह ध्यान केंद्रित किया जाता है, तो इससे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दीर्घकालिक संसाधन जुटाने में भी मदद मिलती है। 'मिशन 10' और '2032 विजन' के तहत बेहतर वित्तीय प्रबंधन से अंततः पूर्वोत्तर के इन पहाड़ी क्षेत्रों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मेडिकल सुविधाओं के विस्तार के लिए अधिक पूंजी उपलब्ध हो सकेगी, जिससे समग्र जनस्वास्थ्य संकेतकों में सुधार की ठोस उम्मीद बंधती है।

Rohan Verma@rohan-verma·40 दिन पहले

यह सम्मेलन राज्यों के लिए केवल वित्तीय रणनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के साथ क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को जोड़ने का एक ठोस माध्यम है। मेघालय द्वारा 'मिशन 10' और 2032 के विजन के तहत बुनियादी ढांचे और आजीविका के अवसरों पर जोर देना यह साबित करता है कि पूर्वोत्तर राज्य अब दीर्घकालिक आर्थिक नियोजन को लेकर गंभीर हैं। भविष्य में ऐसे मंचों पर पूंजी जुटाने के नवीन विकल्पों और जीएसडीपी आधारित सटीक मूल्यांकन से राज्यों के बीच स्वस्थ आर्थिक प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·40 दिन पहले

यह आर्थिक मंथन इस बात का संकेत है कि पूर्वोत्तर के राज्य अब वित्तीय अनुशासन और नीतिगत प्राथमिकताओं पर गहराई से काम कर रहे हैं। हालांकि, विकास के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने के इन वादों का वास्तविक प्रभाव ज़मीनी स्तर पर सुरक्षा, पारदर्शिता और प्रशासनिक सुशासन के साथ ही तय होगा, जिस पर हमारी पैनी नज़र रहेगी।

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