अजय देवगन की दृश्यम 3 के कलाकारों का मेहनताना आया सामने, मुख्य अभिनेता से तब्बू को मिली सात गुना कम रकमसर्दियों में रंग-बिरंगे फूलों से महकेगा घर, अक्टूबर के महीने में गमलों में लगाएं ये सात खास किस्मेंतुला राशिफल 1 अक्टूबर 2026: जल्दबाजी में प्रतिक्रिया देने से बचें, वित्तीय और कार्यक्षेत्र के फैसलों में रखें सजगताकन्या राशिफल 1 अक्टूबर 2026: आत्मविश्वास से बनेंगे काम, रिश्तों में संवाद और आराम पर दें ध्यानबिना फ्राई किए ओवन में बनाएं सुपर क्रिस्पी चिकन श्नाइटल, रसदार स्वाद और कम तेल का आसान तरीकानवजात को दूध पिलाने में थोड़ी सी लापरवाही भी बन सकती है जानलेवा, बाल रोग विशेषज्ञ ने बताए जरूरी नियमअमेरिका ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल को देश छोड़ने का दिया आदेश, कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों में हलचलअमेरिकी सीनेट में क्लैरिटी एक्ट अटकने से डिजिटल एसेट बाजार को मिली नई ऊर्जा, मैट हॉगन ने गिनाए फायदेराजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई अंतिम चरण में, जानिए कब से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभजिमीकंद और सूरन काटने पर नहीं होगी हाथों में खुजली, शेफ रणवीर बरार ने बताए पकाने के आसान नुस्खे
मेघालय में पढ़ाई छोड़ चुके लोगों के लिए नई पहल, दसवीं पास करने को 9767 ने कराया नामांकनमेघालय
30 सित॰ 2026, 9:42 pm (9 घंटे पहले)· 0

मेघालय में पढ़ाई छोड़ चुके लोगों के लिए नई पहल, दसवीं पास करने को 9767 ने कराया नामांकन

मेघालय के विशेष शिक्षा अभियान के तहत 9,767 पूर्व ड्रॉपआउट्स ने दसवीं बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जिनमें 59 वर्षीय सिलवेस्टर शादाप सबसे उम्रदराज अभ्यर्थी हैं।

शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती और इस बात को मेघालय के हजारों नागरिक सच कर दिखा रहे हैं। औपचारिक स्कूली शिक्षा अधूरी छोड़ देने वाले व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए राज्य में एक विशेष अवसर उपलब्ध कराया गया है। इस व्यवस्था के माध्यम से ऐसे नागरिकों को बिना नियमित स्कूल जाए सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट यानी एसएसएलसी परीक्षा उत्तीर्ण करने की सुविधा मिल रही है। दिसंबर 2026 में आयोजित होने वाली इस प्राइवेट दसवीं परीक्षा के लिए राज्य भर से कुल 9,767 अभ्यर्थियों ने अपना नाम दर्ज करवाया है।

चार दशक बाद 59 साल के सिलवेस्टर की नई शुरुआत

इस पूरी मुहिम में सबसे प्रेरक चेहरा री भोई जिले के थाडरांग उमंगेम गांव के निवासी 59 वर्षीय सिलवेस्टर शादाप बनकर उभरे हैं। वर्ष 1989 में स्कूल छोड़ने वाले सिलवेस्टर नामांकित सभी 9,767 उम्मीदवारों में सबसे अधिक आयु के परीक्षार्थी हैं। लगभग सैंतीस वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किताबों की दुनिया में वापसी करना आसान नहीं रहा है, विशेष रूप से तब जब समय के साथ पूरा पाठ्यक्रम बदल चुका है। इसके बावजूद सिलवेस्टर ने कठिन परिश्रम करने का दृढ़ संकल्प जताया है और उनका मानना है कि उनकी यह कोशिश उन बच्चों और वयस्कों को फिर से पढ़ने के लिए प्रेरित करेगी जिनकी पढ़ाई बीच में छूट गई थी।

ये भी पढ़ें

राज्य के सभी जिलों में फैला अध्ययन नेटवर्क

इस शैक्षणिक कार्यक्रम में उम्र की कोई अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे लंबे समय से पढ़ाई से दूर रहे हर वर्ग के लोग इसमें शामिल हो सके हैं। राज्य के सभी 12 जिलों से किशोरों, युवाओं और प्रौढ़ शिक्षार्थियों ने इसमें पंजीकरण कराया है। अकेले री भोई जिले से 690 लोगों ने फॉर्म भरा है, जिनमें मावलासनई केंद्र पर 185 शिक्षार्थी पंजीकृत हैं। उम्मीदवारों की सुविधा और स्थानीय स्तर पर मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए पूरे मेघालय में 171 लर्निंग एंड असेसमेंट सेंटर्स की स्थापना की गई है।

साझा प्रयास और पाठ्य सामग्री का वितरण

यह महत्वपूर्ण पहल मेघालय सरकार, मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन यानी एमबीओएसई और मेघालय प्रोग्राम फॉर एडोलसेंट वेलबीइंग, एम्पावरमेंट एंड रेजिलिएंस यानी एमपॉवर के संयुक्त समन्वय से संचालित की जा रही है। जहां एमबीओएसई परीक्षा संचालन और अकादमिक रूपरेखा संभाल रहा है, वहीं एमपॉवर पर समुदाय को जोड़ने, मार्गदर्शन देने, पंजीकरण कराने और शिक्षार्थियों की लगातार प्रगति पर नजर रखने का दायित्व है। परीक्षार्थियों की तैयारी को सुगम बनाने के लिए खासी, गारो, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और स्वास्थ्य जैसे विषयों की अध्ययन सामग्री तैयार कर निःशुल्क बांटी गई है।

भविष्य के अवसरों और राष्ट्रीय नीति से जुड़ाव

यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है जिन्होंने आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों, पलायन, कम उम्र में विवाह अथवा भौगोलिक दुर्गमता के चलते स्कूल छोड़ दिया था। इसका दायरा केवल दसवीं की मार्कशीट तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को आगे उच्चतर माध्यमिक शिक्षा, वोकेशनल कोर्सेज, कौशल प्रशिक्षण और आजीविका के नए साधनों से जोड़ना भी इसका प्रमुख लक्ष्य है। यह पूरी कार्ययोजना नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के अनुरूप है, जो लचीले सीखने के रास्तों, समावेशी शिक्षा और जीवनपर्यंत सीखने के सिद्धांत पर जोर देती है।

सवाल-जवाब

मेघालय में दसवीं की परीक्षा के लिए कितने पूर्व ड्रॉपआउट्स ने पंजीकरण कराया है?
राज्य के सभी 12 जिलों से कुल 9,767 उम्मीदवारों ने दिसंबर 2026 में होने वाली इस निजी एसएसएलसी परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है।
इस शैक्षणिक कार्यक्रम में सबसे उम्रदराज अभ्यर्थी कौन हैं?
री भोई जिले के थाडरांग उमंगेम गांव के 59 वर्षीय सिलवेस्टर शादाप सबसे वरिष्ठ उम्मीदवार हैं, जिन्होंने 1989 में स्कूल छोड़ा था।
इस परीक्षा की तैयारी के लिए राज्य में कितने केंद्र बनाए गए हैं?
शिक्षार्थियों की सहायता और मूल्यांकन के लिए मेघालय भर में 171 अधिसूचित लर्निंग एंड असेसमेंट सेंटर्स स्थापित किए गए हैं।
उम्मीदवारों को किन विषयों की अध्ययन सामग्री निःशुल्क दी गई है?
परीक्षार्थियों को खासी, गारो, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और स्वास्थ्य विषयों की स्व-अध्ययन सामग्री मुफ्त वितरित की गई है।
यह कार्यक्रम किन संस्थाओं द्वारा मिलकर चलाया जा रहा है?
इसे मेघालय सरकार, मेघालय बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (एमबीओएसई) और एमपॉवर द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जा रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 घंटे पहले

59 साल के सिलवेस्टर जी को किताबें उठाते देख मुझे मेरे दादाजी की याद आ गई, जिन्होंने रिटायरमेंट के बाद अपनी रुकी हुई पढ़ाई पूरी की थी।

Ravikash Gupta@ravikash·9 घंटे पहले

करण भाई, आपके दादाजी की तरह ही 59 साल के सिलवेस्टर जी ने साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp