उत्तर प्रदेश के मेरठ में हुए चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने सख्त फैसला सुनाते हुए दोषी पत्नी मुस्कान और उसके साथी साहिल को मृत्युदंड की सजा दी है। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने इस सनसनीखेज वारदात में दोनों आरोपियों को सौरभ राजपूत की सुनियोजित हत्या का पूरी तरह जिम्मेदार और दोषी ठहराया। जिस समय अदालत अपना यह ऐतिहासिक फैसला सुना रही थी, उस दौरान सुरक्षा कारणों से मुस्कान और साहिल को वर्चुअल माध्यम से पेश कराया गया था। जिला अदालत ने दोनों को फांसी की सजा देने के साथ ही मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त रुख अपनाया।
अदालत का फैसला और परिजनों में न्याय की भावना
अदालत द्वारा दोषियों को मृत्युदंड दिए जाने का आदेश सुनते ही पीड़ित सौरभ राजपूत के परिजनों की आंखें नम हो गईं। लंबे वक्त से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के सदस्यों का कहना था कि यह निर्णय इंसाफ की दिशा में एक बेहद जरूरी और बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि जिस क्रूरता के साथ सौरभ की जान ली गई थी, उसमें दोषियों के लिए फांसी से कम कुछ भी स्वीकार्य नहीं था। अदालत परिसर में इस ऐतिहासिक फैसले के सामने आने के बाद सौरभ के समर्थकों और परिजनों ने राहत की सांस लेते हुए मिठाई बांटी।
गवाहों के बयान और आर्थिक जुर्माने का निर्धारण
इस पूरे मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 22 गवाहों की गवाही कराई। पुलिस की व्यापक विवेचना और अदालत में रखी गई ठोस दलीलों ने यह साबित कर दिया कि वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया गया था। अदालत ने दोनों मुजरिमों पर जुर्माने का प्रावधान भी किया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 302 यानी हत्या के अपराध के तहत 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है, जबकि धारा 238a के अंतर्गत 20 हजार रुपये का अतिरिक्त आर्थिक दंड भी निर्धारित किया गया है।
छह साल की मासूम बेटी के लिए कानूनी जंग
सौरभ राजपूत की छह साल की बेटी को लेकर अब परिवार अदालत का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है। सौरभ के भाई और बच्ची के ताऊ राहुल ने स्पष्ट किया है कि वह अपने दिवंगत भाई की आखिरी निशानी के रूप में इस छह साल की बच्ची को अपने संरक्षण में रखना चाहते हैं। राहुल के अनुसार, वह पहले भी बच्ची की देखभाल अपने पास रखकर करना चाहते थे, मगर बच्ची के नाना-नानी उसे सौंपने को तैयार नहीं हुए। इसी वजह से अब वे औपचारिक रूप से न्यायालय से बच्ची की कस्टडी की मांग करेंगे। इसके साथ ही राहुल ने यह भी साफ कर दिया कि जेल में जन्मी बच्ची को साहिल की बेटी मानते हुए सौरभ का परिवार अपनाने से साफ इनकार कर चुका है।
मार्च 2025 का खौफनाक हत्याकांड
मेरठ में मार्च 2025 के दौरान सामने आए इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। सौरभ राजपूत विदेश में रहकर नौकरी करता था और अपनी पत्नी मुस्कान तथा बेटी का जन्मदिन साथ मनाने के लिए छुट्टी लेकर भारत आया हुआ था। इसी दौरान उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। दोनों ने मिलकर सौरभ का कत्ल किया, उसके शव के टुकड़े किए और सबूत मिटाने के लिए उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर ऊपर से सीमेंट से पूरी तरह सील कर दिया था। मामले के खुलासे के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जिस पर अब अदालत का अंतिम फैसला आ चुका है।
























