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मिजोरम में लोकल फ्रूट बियर बनाने के लिए 11 यूनिट्स को मंजूरी, राज्य के किसानों और बागवानी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावामिजोरम
20 अग॰ 2026, 2:05 pm (42 दिन पहले)· 2

मिजोरम में लोकल फ्रूट बियर बनाने के लिए 11 यूनिट्स को मंजूरी, राज्य के किसानों और बागवानी सेक्टर को मिलेगा बढ़ावा

मिजोरम सरकार ने नए आबकारी संशोधन कानून के तहत 11 आवेदकों को स्थानीय स्तर पर फ्रूट बियर निर्माण की अनुमति दी है। इस फैसले से राज्य के फल उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीक को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।

मिजोरम सरकार ने राज्य में स्थानीय स्तर पर फ्रूट बियर का निर्माण करने के लिए 11 आवेदकों के प्रस्तावों को अंतिम मंजूरी दे दी है। मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2025 के तहत प्रस्तुत आवेदनों के गहन परीक्षण और समीक्षा के बाद यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री लालदुहोमा के कार्यालय में आयोजित चयन समिति की उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस बैठक में मुख्यमंत्री के साथ आबकारी एवं कराधान मंत्री लालघिंगलोवा हमार भी मौजूद थे। बैठक के दौरान स्थानीय फ्रूट बियर बनाने और वाइनरी स्थापित करने के लिए प्राप्त हुए विभिन्न लाइसेंस आवेदनों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

आवेदनों की समीक्षा और सख्त चयन प्रक्रिया

राज्य सरकार को फल आधारित बियर और वाइन उत्पादन के लिए कुल 99 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 96 आवेदकों ने लोकल फ्रूट बियर निर्माण के लिए रुचि दिखाई थी, जबकि 3 आवेदन वाइनरी स्थापित करने के सिलसिले में जमा किए गए थे। चयन समिति ने आवेदकों के साक्षात्कारों के साथ-साथ प्रस्तावित निर्माण स्थलों का भौतिक निरीक्षण किया। पूरी जांच-पड़ताल के बाद 11 फ्रूट बियर निर्माण इकाइयों को हरी झंडी दे दी गई। वहीं, 13 अन्य आवेदकों के कागजात और प्रस्तावों की अधिक बारीकी से जांच करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय दिया गया है। इसके अतिरिक्त सरकार ने अन्य इच्छुक उद्यमियों को अवसर देने के उद्देश्य से आवेदन खिड़की की समय-सीमा को आगे बढ़ाने का निर्णय भी लिया है।

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मानदंड और गुणवत्ता नियंत्रण के नियम

आवेदनों का मूल्यांकन कई कड़े पैमानों पर किया गया। इनमें खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन, उपयुक्त निर्माण उपकरणों की उपलब्धता, तकनीकी विशेषज्ञता, वित्तीय क्षमता और मिजोरम में पैदा होने वाले कृषि एवं बागवानी उत्पादों की खपत करने की क्षमता शामिल थी। मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने स्पष्ट किया कि इस पूरी व्यवस्था का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के किसानों को सीधा लाभ पहुंचाना है। इससे स्थानीय फलों और कृषि उपज के विपणन के लिए बेहतर रास्ते खुलेंगे और किसानों को उनकी फसलों के उचित दाम मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री ने फल प्रसंस्करण में आधुनिक तकनीक अपनाने, खाद्य सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया।

प्रशिक्षण और एसओपी का गठन

स्वीकृत इकाइयों के संचालन को सुचारू बनाने के लिए सरकार ने चयनित आवेदकों को विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम देने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसके साथ ही फल उत्पादक किसानों और निर्माताओं के बीच मजबूत तालमेल स्थापित करने पर बल दिया गया है। आपस में अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए विभिन्न मंजूरशुदा इकाइयों के बीच अंतर-इकाई दौरों का सुझाव भी दिया गया है। समिति ने लाइसेंस धारकों के लिए एक व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) ढांचा तैयार करने की सिफारिश की है।

संशोधित कानून और पुरानी नीति में बदलाव

मिजोरम विधानसभा ने राजनीतिक दलों के विरोध के बावजूद 10 मार्च 2025 को मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट पारित किया था। यह संशोधित कानून विशेष रूप से राज्य के भीतर उगाए गए कृषि और बागवानी उत्पादों से बनी वाइन और लोकल बियर के उत्पादन, बिक्री और आपूर्ति की अनुमति देता है। यह नया ढांचा वर्ष 2019 में तत्कालीन मीज़ो नेशनल फ्रंट सरकार द्वारा लागू की गई सख्त पूर्ण बंदी नीति के पांच साल बाद लाया गया है। इसके अलावा, नए कानून में विदेशी गणमान्य व्यक्तियों और घरेलू पर्यटकों के लिए भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) रखने व सेवन करने हेतु विशेष परमिट तथा चिकित्सीय आवश्यकताओं के लिए शराब की जरूरत वाले व्यक्तियों के लिए रेड कार्ड परमिट का प्रावधान भी शामिल किया गया है।

सवाल-जवाब

मिजोरम में कितने फ्रूट बियर निर्माण आवेदनों को मंजूरी दी गई है?
मिजोरम सरकार की चयन समिति ने प्राप्त 99 आवेदनों में से 11 आवेदनों को स्थानीय फ्रूट बियर बनाने की मंजूरी दी है।
फ्रूट बियर बनाने के लिए बियर में किन सामग्रियों का उपयोग किया जा सकता है?
संशोधित कानून के अनुसार फ्रूट बियर और वाइन का निर्माण केवल मिजोरम में उगाई गई कृषि और बागवानी उपज से ही किया जा सकता है।
यह फैसला किस कानून के तहत लिया गया है?
यह निर्णय मिजोरम लिकर (प्रोहिबिशन) अमेंडमेंट एक्ट, 2025 के तहत लिया गया है जिसे 10 मार्च 2025 को मिजोरम विधानसभा द्वारा पारित किया गया था।
क्या पर्यटकों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के लिए शराब से संबंधित कोई विशेष प्रावधान हैं?
हां, संशोधित कानून में घरेलू पर्यटकों और विदेशी मेहमानों को भारत निर्मित विदेशी शराब (आईएमएफएल) रखने और सेवन करने के लिए विशेष परमिट की व्यवस्था की गई है।
मेडिकल जरूरतों के लिए शराब का क्या नियम बनाया गया है?
स्वास्थ्य संबंधी कारणों से शराब की जरूरत वाले व्यक्तियों के लिए कानून में 'रेड कार्ड' परमिट का प्रावधान किया गया है।
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