राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के नरेला क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ दिल्ली पुलिस के एक जवान और उनकी पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृत पुलिसकर्मी की पहचान 36 वर्षीय मोनू के तौर पर हुई है, जो दिल्ली पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थे। प्राथमिक पड़ताल के आधार पर अंदेशा जताया जा रहा है कि मोनू ने पहले अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला कर उनकी जान ली और उसके बाद खुद भी फंदे पर लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस सनसनीखेज घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और स्थानीय पुलिस पूरे मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
घर लौटे बच्चों के रोने पर इकट्ठा हुए पड़ोसी
घटना के वक्त दंपति के दोनों बच्चे घर पर मौजूद नहीं थे और किसी काम से बाहर गए हुए थे। कुछ देर बाद जब दोनों बच्चे वापस लौटे, तो उन्होंने मकान का मुख्य दरवाजा भीतर से बंद पाया। बच्चों ने दरवाजा खुलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। इसके बाद जब बच्चे दरवाजे के बाहर खड़े होकर रोने और बिलखने लगे, तो उनकी आवाज सुनकर आसपास रहने वाले पड़ोसी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। पड़ोसियों ने भी दरवाजा खटखटाया और अंदर मौजूद लोगों को आवाजें दीं, लेकिन जब अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो अनहोनी की आशंका गहरा गई।
खिड़की से झांकते ही उड़े होश, कमरे में पड़े थे शव
काफी प्रयासों के बाद भी जब किसी ने दरवाजा नहीं खोला, तो पड़ोसियों ने मकान की खिड़की से कमरे के भीतर झांकने का प्रयास किया। खिड़की से अंदर देखते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। कमरे के फर्श पर मोनू की पत्नी का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा दिखाई दिया, जबकि पास ही मोनू का शरीर फंदे से लटक रहा था। इस खौफनाक दृश्य को देखते ही इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन करके पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और पूरे मकान को अपने घेरे में लेकर प्रारंभिक छानबीन शुरू कर दी।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए शव
घटनास्थल की संवेदनशीलता और मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराध स्थल पर विशेषज्ञ फॉरेंसिक टीम को भी तलब किया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने कमरे के चप्पे-चप्पे का बारीकी से मुआयना किया और वहां मौजूद भौतिक साक्ष्यों, उंगलियों के निशानों और अन्य अहम सबूतों को एकत्र किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके की भौगोलिक स्थिति का जायजा लेने के साथ ही आसपास के लोगों से भी प्रारंभिक जानकारी दर्ज की है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है, ताकि मौत के वास्तविक समय और कारणों की सटीक पुष्टि हो सके।
विवाद या तनाव के कारणों की तलाश में जुटी जांच टीम
जांच अधिकारी अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि आखिर वह कौन सी परिस्थितियां थीं, जिनकी वजह से यह दर्दनाक कदम उठाया गया। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पति-पत्नी के बीच लंबे समय से कोई घरेलू विवाद या कलह चल रही थी, या फिर इसके पीछे कोई अन्य गंभीर व्यक्तिगत तनाव अथवा वजह थी। इस सिलसिले में पुलिस टीम परिवार के अन्य सदस्यों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से लगातार पूछताछ कर बयान दर्ज कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से बरामद साक्ष्यों और पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही इस पूरी घटना के पीछे की असली वजह साफ हो पाएगी।



















