देशभर में आयोजित होने वाली नीट, जेईई और सीयूईटी जैसी प्रमुख राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक फेरबदल की शुरुआत की गई है। बीते दिनों प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवालों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तंत्र को अभेद्य बनाने की दिशा में नए कदम उठाए गए हैं। इस प्रक्रिया के तहत पुरानी व्यवस्था के ढर्रे को पूरी तरह बदलते हुए प्रश्नपत्रों के निर्माण, समीक्षा और अनुवाद की पूरी कार्यप्रणाली को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है, ताकि आने वाले समय में पूरी व्यवस्था में शुचिता, पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओखला से मिंटो रोड पहुंचा मुख्यालय
प्रशासनिक सुधारों की इस बड़ी प्रक्रिया के तहत परीक्षा संचालन इकाई का केंद्रीय कार्यालय भी स्थानांतरित कर दिया गया है। पहले यह मुख्यालय दक्षिण-पूर्व दिल्ली के ओखला इलाके में संचालित हो रहा था, जिसे अब नई दिल्ली के मिंटो रोड स्थित भारत सरकार प्रेस बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया गया है। नए दफ्तर में आधुनिक तकनीक और उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। इस पूरे बदलाव का उद्देश्य केवल कार्यालय का स्थान बदलना नहीं है, बल्कि गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा को नए सिरे से कड़े नियमों के दायरे में लाना है।
चार स्तरीय जांच प्रक्रिया और 5000 विशेषज्ञों का नया समूह
राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के प्रश्न तैयार करने, उनकी गुणवत्ता जांचने और विभिन्न भाषाओं में उनके अनुवाद को त्रुटिहीन बनाने के लिए 5000 शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, विषय विशेषज्ञों और अनुवादकों का एक बड़ा पैनल तैयार किया गया है। इस समूह में शामिल किए जाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए चार स्तरों वाली बेहद सख्त सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित की गई है। सत्यापन के पहले चरण में संबंधित आवेदक की शैक्षणिक योग्यताओं, क्रेडेंशियल्स और उनके कार्य अनुभव की विस्तृत पड़ताल की जाती है। इसके पश्चात विषय विशेषज्ञों की एक विशेष समिति प्रत्येक उम्मीदवार के पिछले ट्रैक रिकॉर्ड और प्रश्नपत्र निर्माण के अनुभव का गहन मूल्यांकन करती है, जिसके बाद ही उन्हें इस गोपनीय काम की जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
पुराने सिस्टम में छंटनी और बड़ा क्वेश्चन बैंक
मई के महीने में नीट यूजी के आयोजन के दौरान सामने आई अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं के बाद देशभर में व्यापक विरोध देखने को मिला था। इन घटनाओं के बाद सख्त कदम उठाते हुए आंतरिक स्तर पर बड़े पैमाने पर छंटनी की गई थी, जिसके तहत करीब 600 पुराने या संदिग्ध विषय विशेषज्ञों को पूरी प्रक्रिया से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। पुरानी व्यवस्था की कमजोरियों को दूर करने के लिए अब एक विशाल और आधुनिक क्वेश्चन बैंक विकसित किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था में प्रश्नों का चयन पूरी तरह से रैंडम आधार पर होगा, जिससे किसी भी प्रश्न निर्माता या अनुवादक के लिए पहले से प्रश्नों की जानकारी रखना या उन्हें सार्वजनिक करना पूरी तरह असंभव हो जाएगा।
सीआईएसएफ का कड़ा पहरा और डिजिटल सुरक्षा
मिंटो रोड स्थित नए सरकारी परिसर में गोपनीय दस्तावेजों और सामग्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपी गई है। प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर उनकी प्रिंटिंग और परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने की पूरी श्रृंखला को कड़े डिजिटल और भौतिक सुरक्षा घेरे से सुरक्षित किया गया है। इन ठोस व्यवस्थाओं से आगामी सत्रों की परीक्षाओं में शामिल होने वाले करोड़ों छात्र-छात्राओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल मिलने की उम्मीद है।
















