पश्चिम बंगाल के बर्दवान शहर में रात के समय पुल के निकट पशु अवशेष फेंकने की हरकत सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर तीव्र तनाव फैल गया। यह वाकया शहर के वार्ड नंबर 16 के तहत आने वाले रामुडी कॉलोनी (मिरछोबा) क्षेत्र का है, जहां पुल के पास अंधेरे का लाभ उठाकर कुछ लोग एक गाड़ी से मवेशियों के कटे हुए अंग उतार रहे थे। मामले की भनक लगते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटनास्थल पर दबिश दी और तीन व्यक्तियों को अपनी हिरासत में ले लिया।
रात के सन्नाटे में संदिग्ध गतिविधि और खुलासा
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब इलाके के निवासी तथा भाजपा के दक्षिण विधानसभा शक्ति केंद्र प्रमुख (चार नंबर मंडल) प्रशांत मजूमदार देर रात अपना काम निपटाकर नीलपुर की दिशा में जा रहे थे। रामुडी कॉलोनी के सामने पुल के पास गुजरते हुए उनकी नजर कुछ लोगों पर पड़ी, जो एक वाहन से कुछ सामान सड़क किनारे उतार रहे थे। अस्वाभाविक समय पर हो रही इस गतिविधि को देखकर उन्हें शंका हुई, जिसके बाद वे फौरन मुड़े और वहां मौजूद लोगों से सवाल-जवाब करने लगे। उन लोगों ने पहले तो बात को टालने का प्रयास किया और कहा कि वे वाहन से सामान्य सामग्री उतार रहे हैं।
संदेह गहराने पर प्रशांत मजूमदार ने अपने मोबाइल फोन की टॉर्च जलाई, जिससे वाहन के भीतर और जमीन पर बड़ी तादाद में कटे हुए गोवंश के अवशेष दिखाई दिए। यह दृश्य सामने आते ही आसपास के लोगों में खबर फैल गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जुटने लगी। लोगों में गहरा रोष फैलने के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बर्दवान थाने को सूचना दी गई।
पुलिस की कार्रवाई और स्थानीय नागरिकों के आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए बर्दवान थाने के इंस्पेक्टर इन-चार्ज (आईसी) स्वयं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और कानून-व्यवस्था की स्थिति को संभाला। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद तीन संदिग्धों को पकड़कर हिरासत में ले लिया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह कृत्य किसी व्यक्तिगत स्तर की लापरवाही नहीं है, बल्कि मिरछोबा इलाके के किसी रसूखदार व्यक्ति अथवा स्थानीय निवासी की शह पर इलाके को इस प्रकार के अवशेषों का डंपिंग ग्राउंड बनाया जा रहा था।
क्षेत्रवासियों ने खुले में फेके जा रहे इन अवशेषों से उठती भीषण दुर्गंध और इसके कारण पनपने वाले गंभीर संक्रामक रोगों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। साथ ही नागरिकों ने यह गंभीर आशंका भी व्यक्त की कि संवेदनशील इलाके में इस प्रकार से अवशेष फेंककर सामाजिक सौहार्द और शांति को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रचा जा रहा हो सकता है। लोगों ने ऐसी सभी अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की है।
जांच की मांग और प्रशासन का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही नगर मंडल अध्यक्ष राजू चंद्र भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए सवाल उठाया कि इतनी भारी तादाद में पशु अवशेष कहां से लाए गए थे, किस जगह इनकी लोडिंग हुई थी और किसके संरक्षण में यह अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी। उन्होंने राज्य के भीतर इस प्रकार की अवैध हरकतों पर पूर्ण पाबंदी लगाने की बात कही और मामले को मुख्यमंत्री के सामने ले जाने का इरादा जताया। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने इलाके में शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि प्रकरण की गहन जांच कर सभी जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



















