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ओडिशा के चांदीपुर से मिसाइल अग्नि-4 का सफल नाइट ट्रायल, 4000 किलोमीटर तक अचूक प्रहार क्षमताओडिशा
6 अग॰ 2026, 9:15 pm (55 दिन पहले)· 2

ओडिशा के चांदीपुर से मिसाइल अग्नि-4 का सफल नाइट ट्रायल, 4000 किलोमीटर तक अचूक प्रहार क्षमता

भारतीय सेना की सामरिक बल कमान ने 6 अगस्त 2026 को ओडिशा के चांदीपुर से मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल रात्रिकालीन परीक्षण किया। 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली यह ठोस ईंधन चालित मिसाइल भारत की परमाणु निवारक क्षमता को नई मजबूती प्रदान करती है।

भारत ने 6 अगस्त 2026 को अपनी सैन्य और रक्षा क्षमताओं को नई ऊंचाई देते हुए अग्नि-4 मिसाइल का रात्रिकालीन सफल परीक्षण पूरा किया। यह यूजर ट्रायल ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सामरिक बल कमान के नेतृत्व में संपन्न हुआ। सतह से सतह पर प्रहार करने वाली इस मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) ने अपने सभी तकनीकी और परिचालन मानकों को 100% सटीकता के साथ पूरा किया। रात के समय आयोजित इस सफल परीक्षण ने भारत की सामरिक तैयारी और रात के अंधेरे में सटीक हमला करने की क्षमता को साबित किया है।

अग्नि-4 मिसाइल की तकनीकी विशेषताएं और मारक क्षमता

अग्नि-4 मिसाइल उन्नत श्रेणी की सतह से सतह पर मार करने वाली मध्यवर्ती दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रणाली है। दो चरणों वाली ठोस ईंधन प्रणाली से संचालित होने के कारण यह मिसाइल त्वरित तैनाती और उच्च विश्वसनीयता प्रदान करती है। ठोस ईंधन तकनीक के उपयोग से इस हथियार प्रणाली को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और आपातकालीन स्थिति में मोबाइल लॉन्चर के माध्यम से बहुत कम समय में दागा जा सकता है। यह गतिशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता किसी भी संकट के दौरान दुश्मन को संभलने या जवाबी कार्रवाई की योजना बनाने का अवसर नहीं देती।

सामरिक संतुलन और न्यूनतम विश्वसनीय निवारण का सिद्धांत

4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता के साथ अग्नि-4 मिसाइल भारत की रणनीतिक सुरक्षा को बेहद मजबूत आधार देती है। इस विशाल सीमा का सीधा अर्थ यह है कि भारत दक्षिण एशिया से लेकर चीन के सुदूर क्षेत्रों तक अपनी मारक पहुंच बना सकता है। यह सफल परीक्षण भारत के न्यूनतम विश्वसनीय निवारण के सिद्धांत को सुदृढ़ करता है। रात के समय किया गया यह सफल परीक्षण स्पष्ट करता है कि भारतीय रक्षा प्रणाली दिन हो या रात, हर परिस्थिति में अपने रणनीतिक हितों और राष्ट्रीय संप्रभुता की सुरक्षा के लिए पूर्ण रूप से सक्षम है।

रणनीतिक बल कमान की तैयारी और हालिया परीक्षण

अग्नि-4 मिसाइल का यह यूजर ट्रायल इस वर्ष आयोजित किए गए अन्य सफल मिसाइल परीक्षणों की कड़ी में एक नया मील का पत्थर है। इससे पहले इस साल अग्नि-प्राइम और अग्नि-3 मिसाइलों का भी सफल परीक्षण किया जा चुका है। इन लगातार सफल परीक्षणों से यह सिद्ध होता है कि भारतीय सेना की सामरिक बल कमान किसी भी समय परमाणु सक्षम मिसाइलों के उपयोग और संचालन के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। यह अभ्यास भारतीय रक्षा बलों के उच्च तकनीकी कौशल और राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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सवाल-जवाब

अग्नि-4 मिसाइल का परीक्षण कब और कहां किया गया?
अग्नि-4 मिसाइल का सफल रात्रिकालीन यूजर ट्रायल 6 अगस्त 2026 को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया।
अग्नि-4 मिसाइल की मारक क्षमता कितनी है?
इस सतह से सतह पर मार करने वाली मध्य दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) की मारक क्षमता 4,000 किलोमीटर है।
अग्नि-4 मिसाइल में किस प्रकार के ईंधन का उपयोग किया जाता है?
अग्नि-4 ठोस ईंधन से संचालित होने वाली दो चरणों की मिसाइल प्रणाली है, जिसे मोबाइल लॉन्चर से तेजी से दागा जा सकता है।
इस परीक्षण का संचालन किस सैन्य कमान ने किया?
यह यूजर ट्रायल भारतीय सेना की सामरिक बल कमान (Strategic Forces Command) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
हाल ही में और कौन सी अग्नि श्रेणी की मिसाइलों का परीक्षण किया गया है?
इस परीक्षण से पहले हाल ही में अग्नि-प्राइम और अग्नि-3 मिसाइलों का भी सफल परीक्षण किया जा चुका है।
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