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पांच नाविकों की जान जाने के बाद ब्लैक सी क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने जारी की व्यापक सुरक्षा एडवाइजरीभारत
26 जुल॰ 2026, 12:55 pm (67 दिन पहले)· 0

पांच नाविकों की जान जाने के बाद ब्लैक सी क्षेत्र के लिए भारत सरकार ने जारी की व्यापक सुरक्षा एडवाइजरी

ब्लैक सी क्षेत्र में बढ़ते ड्रोन और मिसाइल हमलों के बीच भारत सरकार ने नाविकों को बिना पूरी सुरक्षा जांच के नौकरी स्वीकार न करने की सलाह दी है, जहां अप्रैल 2026 से अब तक पांच भारतीय अपनी जान गंवा चुके हैं।

समुद्री जहाजों पर काम करने वाले भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील खबर सामने आई है। विदेश मंत्रालय ने ब्लैक सी यानी कृष्ण सागर क्षेत्र में लगातार अस्थिर और तनावपूर्ण होती जा रही परिस्थितियों को देखते हुए एक विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। भारत सरकार की ओर से दी गई इस चेतावनी में नाविकों से अपील की गई है कि वे इस क्षेत्र में किसी भी जहाज पर नौकरी स्वीकार करने से पहले सुरक्षा से जुड़े हर एक पहलू की गहराई से जांच कर लें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा का ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है, जिसके चलते व्यावसायिक जहाजों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

ब्लैक सी क्षेत्र में सुरक्षा संकट और भारतीयों की मौत

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष का सीधा असर अब व्यापारिक जहाजों और उनके चालक दल के सदस्यों पर दिखने लगा है। ब्लैक सी और उसके आस-पास के समुद्री क्षेत्रों में लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 के बाद से इस पूरे समुद्री बेल्ट में वाणिज्यिक जहाजों पर होने वाले हमलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन हमलों की विभीषिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक कुल पांच भारतीय नागरिक इस क्षेत्र में अपनी अनमोल जान गंवा चुके हैं। इस गंभीर नुकसान को देखते हुए ही सरकार को पहली बार इतनी विस्तृत और सख्त गाइडलाइंस जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा है ताकि भविष्य में किसी अन्य भारतीय नाविक की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

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नौकरी के झांसे में न आएं, पहले रूट और सुरक्षा की करें पड़ताल

विदेश मंत्रालय ने भारतीय नाविकों को विशेष रूप से सचेत किया है कि वे केवल आकर्षक वेतन या भारी-भरकम सैलरी पैकेज के प्रलोभन में आकर इस क्षेत्र में जाने वाले जहाजों पर नौकरी न लें। किसी भी अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से पहले यह बेहद जरूरी है कि संबंधित शिपिंग कंपनी, भर्ती एजेंसी या एम्प्लॉयर से जहाज के पूरे मार्ग की विस्तृत जानकारी मांग ली जाए। नाविकों को यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि उनका जहाज किन-किन बंदरगाहों से होकर गुजरेगा और क्या वे बंदरगाह युद्ध या संघर्ष प्रभावित क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा, जहाज पर हमलों से बचने के लिए क्या सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं, इस पर भी पूरी स्पष्टता होनी चाहिए। सरकार ने नाविकों को आपातकालीन निकासी योजनाओं, बीमा पॉलिसियों और विपरीत परिस्थितियों में मिलने वाले हर्जाने की शर्तों को पहले ही पूरी तरह से समझ लेने की सलाह दी है।

रोजगार अनुबंधों में अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन जरूरी

भारत सरकार ने साफ तौर पर कहा है कि सभी रोजगार अनुबंध अनिवार्य रूप से अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही होने चाहिए। इन अनुबंधों में कुछ बेहद जरूरी नियमों और सुविधाओं का लिखित उल्लेख होना चाहिए ताकि किसी भी संकट की स्थिति में नाविक को अकेला न छोड़ा जाए। सबसे पहले, अनुबंध में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की गारंटी होनी चाहिए। इसके साथ ही, यदि जहाज किसी हमले की चपेट में आता है या युद्ध क्षेत्र में फंस जाता है, तो वहां से नाविकों को सुरक्षित बाहर निकालने यानी आपातकालीन निकासी (Evacuation) की स्पष्ट योजना होनी चाहिए। नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी (Repatriation) का पूरा खर्च और जिम्मेदारी नियोक्ता कंपनी की होनी चाहिए। किसी भी दुर्घटना, शारीरिक क्षति या मृत्यु की स्थिति में मिलने वाले मुआवजे (Compensation) का पहले से ही स्पष्ट और कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रावधान होना अत्यंत अनिवार्य है।

महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (DGMA) के दिशा-निर्देशों की महत्ता

सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से, विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों से महानिदेशालय समुद्री प्रशासन (DGMA) द्वारा समय-समय पर जारी की जाने वाली सुरक्षा एडवाइजरी का कड़ाई से पालन करने को कहा है। सरकार ने विशेष रूप से 23 जुलाई 2026 को DGMA द्वारा जारी किए गए सुरक्षा निर्देशों का हवाला दिया है और कहा है कि संकट की इस घड़ी में इन नियमों की अनदेखी करना नाविकों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। सभी नाविकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना, जहाज की लोकेशन, तैनाती की तारीखों और संपर्क के माध्यमों की पूरी जानकारी अपने परिजनों के साथ हमेशा साझा करें। परिवार के साथ निरंतर संवाद बनाए रखना संकट के समय राहत और बचाव कार्यों को तेज करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है।

आपातकाल के दौरान सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर

युद्ध क्षेत्र और उसके आस-पास के संवेदनशील इलाकों में फंसे किसी भी भारतीय नागरिक या नाविक को तत्काल कूटनीतिक और भौतिक सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने दो प्रमुख हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति, हमले या फंसे होने की दशा में नाविकों को सीधे संबंधित देशों में स्थित भारतीय दूतावासों से संपर्क साधने का निर्देश दिया गया है। रूस में स्थित भारतीय दूतावास की आपातकालीन हेल्पलाइन का नंबर +7 9652773414 है। वहीं, यूक्रेन में स्थित भारतीय दूतावास की सहायता टीम से संपर्क करने के लिए आपातकालीन नंबर +38 0933559958 जारी किया गया है। सरकार ने नाविकों से अपील की है कि इन नंबरों को हमेशा अपने पास सुरक्षित रखें ताकि जरूरत पड़ने पर बिना किसी देरी के सीधे राजनयिक सहायता प्राप्त की जा सके।

सवाल-जवाब

भारत सरकार ने भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी क्यों जारी की है?
ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण व्यावसायिक जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों में भारी तेजी आई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा चिंताओं के कारण यह एडवाइजरी जारी की गई है।
ब्लैक सी में हमलों के कारण कितने भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है?
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 से बढ़े हुए हमलों के बाद से अब तक इस संवेदनशील क्षेत्र में पांच भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है।
नौकरी स्वीकार करने से पहले नाविकों को किन बातों की जांच करनी चाहिए?
नाविकों को जहाज का रूट, बंदरगाह, सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी योजना, बीमा कवर और स्वदेश वापसी जैसी तमाम शर्तों की जांच नियोक्ता या एजेंसी से पहले ही कर लेनी चाहिए।
रोजगार अनुबंध में किन आपातकालीन प्रावधानों का होना अनिवार्य है?
अनुबंध अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत होना चाहिए और उसमें चिकित्सा उपचार, सुरक्षित आपातकालीन निकासी, स्वदेश वापसी और दुर्घटना या मृत्यु की स्थिति में मुआवजे का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए।
रूस और यूक्रेन में आपातकालीन सहायता के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर क्या हैं?
रूस में भारतीय दूतावास का आपातकालीन नंबर +7 9652773414 है और यूक्रेन में भारतीय दूतावास का नंबर +38 0933559958 है।
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