हरियाणा के पंचकूला शहर में सड़क सुरक्षा और मोटर वाहन नियमों की अनदेखी एक नाबालिग स्कूली छात्र और उसके परिवार को काफी भारी पड़ गई। शहर में जांच अभियान के दौरान पुलिस ने आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 14 वर्षीय छात्र को मोटरसाइकिल दौड़ाते हुए धर दबोचा। जांच के समय छात्र न केवल बिना किसी सुरक्षात्मक हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहा था, बल्कि उसने अपनी बाइक पर गैरकानूनी सायरन भी लगवा रखा था। ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने मौके पर कई गंभीर उल्लंघनों को दर्ज करते हुए कुल 31 हजार रुपये का चालान थमा दिया और संबंधित वाहन को तुरंत जब्त कर लिया।
परशुराम चौक पर चेकिंग के दौरान पकड़ा गया नाबालिग
यह पूरी कार्रवाई पंचकूला के व्यस्त सेक्टर-14 क्षेत्र में हुई। पुलिस की एक विशेष टीम परशुराम चौक के नजदीक नियमित तौर पर आने-जाने वाले वाहनों की गहन पड़ताल कर रही थी। इसी जांच प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों की नजर तेज रफ्तार से आ रही एक मोटरसाइकिल पर पड़ी, जिसे बेहद कम उम्र का लड़का चला रहा था। पुलिसकर्मियों ने जब उसे रोककर पूछताछ की, तो पता चला कि सवार की उम्र महज 14 साल है और वह आठवीं कक्षा का छात्र है।
DCP क्राइम एंड ट्रैफिक अमृंदर सिंह के अनुसार, बुधवार के दिन चलाए जा रहे इस जांच अभियान में छात्र के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। वह सिर पर हेलमेट लगाए बिना सड़क पर निकला था और बाइक में अवैध रूप से सायरन फिट किया गया था, जो अन्य राहगीरों के लिए परेशानी और भ्रम की स्थिति पैदा कर रहा था। मौके पर दस्तावेजों और नियमों की पड़ताल में मोटर वाहन अधिनियम से जुड़ी अन्य कई खामियां भी सामने आईं। इन सभी उल्लंघनों का संज्ञान लेते हुए टीम ने 31,000 रुपये का चालान काटा और दोपहिया वाहन को थाने भेजकर सीज कर दिया।
लाइसेंस के बिना बच्चों को वाहन देने पर पुलिस कमिश्नर की चेतावनी
इस घटना के सामने आने के बाद पंचकूला पुलिस प्रशासन ने अभिभावकों और वाहन मालिकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस कमिश्नर पंकज नैन ने परिजनों से सीधी अपील की है कि वे 18 वर्ष से कम उम्र के अपने बच्चों को किसी भी सूरत में दोपहिया या चारपहिया वाहन चलाने की अनुमति बिल्कुल न दें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस और बिना परिपक्व समझ के सड़कों पर गाड़ियां दौड़ाना सीधे तौर पर किशोरों के जीवन को भारी संकट में डालना है।
पुलिस कमिश्नर पंकज नैन के मुताबिक, कम उम्र में वाहन चलाने से न केवल नाबालिगों की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य निर्दोष पैदल यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराता है। इसके अलावा उन्होंने जोर देकर कहा कि अपने वाहनों में गैरकानूनी सायरन लगाने या सार्वजनिक सड़कों पर उपद्रव व असुविधा पैदा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लापरवाह चालकों के विरुद्ध पुलिस लगातार दंडात्मक कदम उठाएगी।
दुर्घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्कूलों में भी दस्तक दे रही पुलिस
सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने और आम जनता का सफर सुरक्षित बनाने के लिए शहर के मुख्य चौराहों, संवेदनशील ट्रैफिक पॉइंट्स और मुख्य मार्गों पर निगरानी काफी बढ़ा दी गई है। पंचकूला पुलिस के अनुसार, उनकी विशेष टीमें केवल सड़कों पर नाकाबंदी लगाकर चालान ही नहीं काट रही हैं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों में जाकर भी जमीनी काम कर रही हैं।
पुलिस की टीमें नियमित अंतराल पर अलग-अलग स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों के साथ संवाद सत्र आयोजित कर रही हैं। इन सत्रों में बच्चों को ट्रैफिक नियमों के बुनियादी सिद्धांतों, सड़क पर चलने के तौर-तरीकों और सुरक्षा सावधानियों की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि नाबालिग बच्चों में दोपहिया चलाने की प्रवृत्ति सड़क हादसों के बड़े कारणों में से एक है। इसलिए कम उम्र के छात्रों को अनुशासन सिखाना और माता-पिता को जागरूक करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे गंभीर हादसों और भारी भरकम आर्थिक जुर्माने से समय रहते बचा जा सके।
























