प्रयागराज की जिला अदालत में सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साए में अली अहमद की पेशी कराई गई। झांसी कारागार से विशेष प्रिजन वैन के पहरे में उसे अदालत परिसर पहुंचाया गया था। यह पूरी कानूनी कार्रवाई करेली पुलिस थाने में दर्ज पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगने, जमीन पर जबरन कब्जे की धमकी देने और जानलेवा हमले से संबंधित प्राथमिकी के सिलसिले में हुई। न्यायालय परिसर और रास्ते भर पुलिस बल की तैनाती बेहद सख्त रखी गई थी ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था न पनप सके।
प्रिजन वैन के पीछे वाहनों के हंगामे के बाद चौकसी
प्रशासन की ओर से इस पेशी के दौरान विशेष सतर्कता बरती गई। पूर्व में जब अली को झांसी से लाया जा रहा था, तब उसके छोटे भाई अहजम की गाड़ियों का काफिला प्रिजन वैन के पीछे चलने लगा था, जिसके कारण काफी हंगामा खड़ा हुआ था और पुलिस ने प्राथमिकी भी दर्ज की थी। इसके अतिरिक्त उमर के काफिले में शामिल दो वाहनों को टोल न चुकाने और उपद्रव मचाने के आरोप में जब्त किया गया था। इन्हीं पुरानी घटनाओं को देखते हुए पुलिस विभाग ने इस बार सुरक्षा घेरे को बेहद मजबूत रखा था।
अतीक अहमद के पांचों बेटों की वर्तमान स्थिति
पंद्रह अप्रैल 2023 को अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के बाद से यह परिवार कानूनी लड़ाइयों और हादसों के भंवर में फंसा हुआ है। अतीक के पांच बेटों की वर्तमान स्थिति इस प्रकार है
- बड़ा बेटा मोहम्मद उमर: उमर इस समय कारागार में बंद है। लखनऊ के एक रियल एस्टेट कारोबारी के अपहरण तथा अवैध वसूली के मामले में सीबीआई जांच के बाद से वह न्यायिक हिरासत में सजा भुगत रहा है।
- दूसरा बेटा अली अहमद: अली भी जेल की सलाखों के पीछे है और वर्तमान में झांसी जेल में निरुद्ध है। करेली थाने में दर्ज पांच लाख रुपये की रंगदारी और हत्या के प्रयास जैसे मुकदमों में उसके खिलाफ अदालती सुनवाई चल रही है।
- तीसरा बेटा असद अहमद: असद की मौत हो चुकी है। उमेश पाल हत्याकांड के घटनाक्रम के उपरांत अप्रैल 2023 में झांसी के भीतर एसटीएफ के साथ हुए एनकाउंटर में वह मारा गया था।
- चौथा बेटा अहजम अहमद: अहजम अभी जेल से बाहर है। हाल ही में वह बालिग हुआ है। उमेश पाल घटना के समय वह नाबालिग होने के कारण बाल सुधार गृह में रखा गया था, जहां से वयस्क होने के बाद उसे जमानत मिली और वह कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहा है।
- पांचवां बेटा अबान अहमद: सबसे छोटे बेटे अबान की हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में जान चली गई। अगस्त 2026 में हुए एक भीषण सड़क हादसे में उसकी असामयिक मृत्यु हो गई।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले माफिया नेटवर्क पर कसता शिकंजा
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार के माफिया-मुक्त प्रदेश और जीरो टॉलरेंस के संकल्प में अतीक अहमद का प्रकरण हमेशा से प्रमुखता पर रहा है। आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही प्रशासन माफिया तंत्र से जुड़ी बेनामी संपत्तियों को कुर्क करने और अदालतों में लंबित मुकदमों की जोरदार पैरवी में जुटा है।
वर्तमान में अतीक के दो बेटे उमर और अली जेल के भीतर मुकदमों का सामना कर रहे हैं, जबकि दो बेटे असद और अबान इस दुनिया में नहीं हैं। अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर चल रही है। अदालत में अली अहमद की यह पेशी दर्शाती है कि प्रशासनिक तंत्र इस पूरे आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों का जल्द से जल्द कानूनी निस्तारण करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


















