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राजधानी में किराएदारों को सीधे मिलेगा पानी का कनेक्शन, 6 फ्लैट की पुरानी सीमा खत्मभारत
5 अक्तू॰ 2026, 1:34 pm (25 दिन पहले)· 0

राजधानी में किराएदारों को सीधे मिलेगा पानी का कनेक्शन, 6 फ्लैट की पुरानी सीमा खत्म

दिल्ली में नए जल और सीवर विनियम 2026 को मंजूरी मिलने के बाद बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले किराएदारों के लिए अलग पानी कनेक्शन पाना आसान हो गया है। इमारतों में 6 कनेक्शन की पुरानी सीमा समाप्त कर दी गई है और आवेदन प्रक्रिया में लगने वाले 40 से 50 दिनों के समय को घटाने की तैयारी है।

देश की राजधानी में रहने वाले लाखों परिवारों और किराएदारों के लिए जलापूर्ति व्यवस्था में एक बड़ा नीतिगत बदलाव सामने आया है। दिल्ली जल एवं सीवर (टैरिफ और मीटरिंग) विनियम, 2026 को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। यह नया ढांचा वर्ष 2012 से चले आ रहे पुराने नियमों की जगह लेगा। इस संशोधन का प्राथमिक मकसद नए वैध पानी कनेक्शन जारी करने की रफ्तार बढ़ाना और शहर में चल रहे अनधिकृत कनेक्शनों को नियमित करने की राह में आने वाली व्यावहारिक अड़चनों को दूर करना है। सबसे खास बात यह है कि संयुक्त मीटर के कारण पानी के बंटवारे और बिल को लेकर अक्सर होने वाले आपसी विवादों से अब किराएदारों को मुक्ति मिल सकेगी।

इमारतों की ऊंचाई और कनेक्शन की संख्या पर लगी पुरानी पाबंदियां हटीं

साल 2012 के पुराने नियमों के तहत किसी भी आवासीय इमारत में अधिकतम 6 पानी के कनेक्शन ही दिए जा सकते थे। नए विनियम 2026 में इस बंदिश को पूरी तरह हटा दिया गया है। अब तकनीकी रूप से व्यवहार्य होने और तय मानकों पर खरा उतरने के बाद किसी भी बहुमंजिला इमारत के हर अलग फ्लैट अथवा गैर-घरेलू इकाई को अपना स्वतंत्र पानी का मीटर मिल सकेगा। इसके लिए इमारत की कुल ऊंचाई अब कोई बाधा नहीं बनेगी, बशर्ते 17.5 मीटर से नीचे पानी के पर्याप्त भंडारण की उचित व्यवस्था की गई हो। स्वतंत्र कनेक्शन की पात्रता के लिए एक प्रमुख शर्त यह रखी गई है कि संबंधित ड्वेलिंग यूनिट में अपनी अलग रसोई यानी किचन की सुविधा होनी चाहिए। इस बदलाव से एक ही इमारत के अलग-अलग तलों पर रहने वाले परिवारों को काफी सहूलियत होगी।

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40 से 50 दिनों की लंबी कागजी प्रक्रिया अब होगी तेज

दिल्ली जल बोर्ड की मौजूदा व्यवस्था के तहत नया कनेक्शन हासिल करने में उपभोक्ताओं को अमूमन 40 से 50 दिन का लंबा इंतजार करना पड़ता है। पुरानी प्रक्रिया के अनुसार, आवेदन जमा होने के 7 से 15 दिनों के भीतर जूनियर इंजीनियर मौके पर जाकर साइट का मुआयना करता है। इसके 3 से 5 दिनों बाद डिमांड नोट तैयार किया जाता है और उपभोक्ता द्वारा तय राशि जमा कराने के बाद भी कनेक्शन चालू होने में 15 से 30 दिन का वक्त और लग जाता है।

प्रशासन अब इस पूरी कार्यप्रणाली को उलटकर तेज करने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत आवेदन मिलने पर पहले कनेक्शन की मंजूरी जारी की जाएगी और साइट का भौतिक निरीक्षण बाद में पूरा किया जाएगा। इसके अतिरिक्त आवेदन में लगने वाले कागजातों की फेहरिस्त भी बहुत छोटी कर दी गई है। अब नए कनेक्शन के लिए केवल तीन मूल दस्तावेज ही पर्याप्त होंगे, जिसमें पहचान के मुख्य प्रमाण के रूप में आधार या पैन कार्ड को स्वीकार करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पानी की मौजूदा दरों, कनेक्शन शुल्क अथवा आवेदन शुल्क में कोई फेरबदल प्रस्तावित नहीं है।

दोषपूर्ण मीटर, टैंकर व्यवस्था और जल संरक्षण पर स्पष्ट दिशा-निर्देश

अक्सर उपभोक्ताओं को मीटर खराब होने, बंद पड़ने या मीटर रीडर की पहुंच से बाहर होने पर अनाप-शनाप बिलिंग की दिक्कतों से जूझना पड़ता था। नए विनियमों में ऐसी तमाम परिस्थितियों के लिए बिलिंग का पारदर्शी और सुस्पष्ट फार्मूला तय किया गया है। इसके साथ ही आपातकालीन टैंकर आपूर्ति और शोधित या रीक्लेम्ड पानी के उपयोग को लेकर भी नए नियम कायदे तय किए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्षा जल संचयन यानी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तकनीक अपनाने वाले आवासीय परिसरों को जल बोर्ड द्वारा विशेष छूट दी जाएगी। पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत निवारण व सेवा अनुरोधों को गति दी जाएगी।

सवाल-जवाब

दिल्ली जल बोर्ड के 2026 के नए नियमों का सबसे बड़ा फायदा किसे मिलेगा?
इसका सबसे बड़ा फायदा बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले किराएदारों और अलग-अलग फ्लैटों के निवासियों को मिलेगा, जो अब अपना स्वतंत्र पानी का कनेक्शन ले सकेंगे।
क्या किसी इमारत में पानी कनेक्शन की संख्या पर अब भी कोई पाबंदी है?
नहीं, 2012 के नियमों की 6 कनेक्शन वाली सीमा समाप्त कर दी गई है। शर्तें पूरी होने पर हर फ्लैट को अलग कनेक्शन मिल सकता है।
अलग पानी का कनेक्शन लेने के लिए फ्लैट में कौन सी मुख्य शर्त जरूरी है?
संबंधित ड्वेलिंग यूनिट में अपनी अलग रसोई (किचन) होनी चाहिए और 17.5 मीटर के नीचे पर्याप्त पानी भंडारण की व्यवस्था होनी चाहिए।
नए पानी कनेक्शन के आवेदन के लिए अब कितने दस्तावेजों की जरूरत होगी?
अब आवेदन के लिए केवल तीन जरूरी दस्तावेज लगेंगे, जिसमें पहचान के प्रमाण के रूप में आधार या पैन कार्ड मान्य होगा।
क्या नए नियमों के तहत पानी के बिल या कनेक्शन शुल्क में कोई बढ़ोतरी की गई है?
नहीं, मौजूदा पानी के टैरिफ, कनेक्शन चार्ज अथवा आवेदन शुल्क में किसी तरह का कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया गया है।
जल संरक्षण अपनाने वाले घरों को नए नियमों में क्या लाभ दिया गया है?
रेन वाटर हार्वेस्टिंग और अपशिष्ट जल पुनर्चक्रण तकनीक का इस्तेमाल करने वाले आवासीय परिसरों को जल बोर्ड द्वारा बिल में विशेष रिबेट मिलेगी।
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टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·24 दिन पहले

किराए पर रहते वक्त सबसे बड़ा सिरदर्द बिजली और पानी का बिल ही होता था। फ्लैटमेट्स से हर महीने हिसाब लगाने में दिमाग खराब हो जाता था कि किसने कितना इस्तेमाल किया। दिल्ली के इन नए नियमों से उन किराएदारों की जान में जान आएगी जो हर महीने इस बात पर लड़ते रहते थे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·24 दिन पहले

किराए पर रहते वक्त सबसे बड़ा सिरदर्द बिजली और पानी का बिल ही होता था। मकान मालिक के साथ हर महीने हिसाब लगाने में दिमाग खराब हो जाता था। कम से कम अब दिल्ली के किराएदारों को इस झंझट से राहत तो मिलेगी।

Nyra Kaif@nyra-kaif·24 दिन पहले

अर्जुन, आपकी बात सौ फीसदी सही है! मकान मालिक के साथ वो हर महीने का पानी के बिल का झगड़ा वाकई बहुत सिरदर्द होता था।

Karan Malhotra@karan-malhotra·24 दिन पहले

किराएदारों के लिए पानी का अलग कनेक्शन मिलना तो बहुत राहत की बात है, खासकर उन लोगों के लिए जो हर महीने बिल के चक्कर में मकान मालिक या बाकी किराएदारों से उलझते रहते थे। बस ये देखना है कि इस नई व्यवस्था के लागू होने पर क्या वाकई 40-50 दिन का चक्कर खत्म होगा या बाबू लोग कागज़ों में ही उलझाए रखेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·24 दिन पहले

करण भाई, राहत तो बड़ी है लेकिन बाबुओं की कार्यशैली पर जो शक आपने जताया है, वही असल पेच है। कागज़ी प्रक्रिया वाकई आसान होगी या नहीं, यह ज़मीन पर उतरे बिना नहीं कहा जा सकता।

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