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राजसमंद में साइबर ठगी का बड़ा पर्दाफाश, दो म्यूल खाताधारकों समेत तीन शातिर गिरफ्तार और भारी मात्रा में एटीएम कार्ड जब्तराजस्थान
31 अग॰ 2026, 8:29 am (25 दिन पहले)· 1

राजसमंद में साइबर ठगी का बड़ा पर्दाफाश, दो म्यूल खाताधारकों समेत तीन शातिर गिरफ्तार और भारी मात्रा में एटीएम कार्ड जब्त

राजसमंद में साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में दो म्यूल खाताधारकों और एक मुख्य ठग को गिरफ्तार कर उनके पास से कई चेकबुक और डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं।

राजस्थान के राजसमंद जिले में साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। राजसमंद साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी और धोखाधड़ी के एक शातिर नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कुल तीन आरोपियों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों में दो स्थानीय लोग शामिल हैं जो अपने बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध रूप से करवाने के लिए देते थे, जबकि तीसरा आरोपी मुख्य साइबर ठग है जो इस पूरे सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। पुलिस की इस दबिश के दौरान मुख्य आरोपी के पास से बैंकिंग दस्तावेजों और एटीएम कार्डों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है, जिससे इस अवैध कारोबार के बड़े पैमाने पर फैले होने का संकेत मिलता है।

म्यूल खातों के जरिए होता था अवैध रकम का लेनदेन

प्रारंभिक जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि साइबर ठगी के जरिए ऐंठी गई अवैध रकम को ठिकाने लगाने के लिए म्यूल बैंक खातों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा था। इस अवैध काम के लिए स्थानीय भोले-भाले या प्रलोभन में आने वाले लोगों को निशाना बनाया जाता था। मुख्य आरोपी स्थानीय निवासियों को पैसों का लालच देकर उनके बैंक खातों का अनधिकृत उपयोग करता था। प्रत्येक बैंक खाते के एवज में खाताधारक को दो-दो हजार रुपए नगद और अन्य प्रकार के प्रलोभन दिए जाते थे। जब इन बैंक खातों में साइबर ठगी की काली कमाई ट्रांसफर होती थी, तब आरोपी एटीएम मशीनों का रुख करके तुरंत नकदी निकाल लेते थे। पुलिस की इस प्रभावी कार्रवाई से उस गुप्त नेटवर्क का खुलासा हो गया है जिसके जरिए साइबर अपराधी बैंक खातों का दुरुपयोग कर रहे थे।

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भारी मात्रा में चेकबुक, पासबुक और डेबिट कार्ड बरामद

साइबर थाना पुलिस ने अपनी इस सफल कार्रवाई के दौरान मुख्य आरोपी के कब्जे से आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। पुलिस ने कुल नौ चेकबुक, बारह बैंक पासबुक और चौदह डेबिट कार्ड अपने कब्जे में लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इन तमाम बैंकिंग दस्तावेजों और खातों का उपयोग सीधे तौर पर साइबर ठगी से आने वाले पैसों को प्राप्त करने और उन्हें सुरक्षित तरीके से आगे के खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। जांच में यह भी साफ हुआ कि म्यूल खाताधारक अपने बैंक खातों के साथ-साथ इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम कार्ड जैसी तमाम सुविधाएं भी उस मुख्य आरोपी को सौंप देते थे। इसके बाद ठगी की इस रकम को अलग-अलग रास्तों से निकालकर आगे के सिंडिकेट तक पहुंचाया जाता था।

महज दो खातों पर दर्ज मिलीं चौदह एनसीआरपी शिकायतें

इस पूरे मामले की गहराई से छानबीन करने के दौरान पुलिस के सामने एक चौंकाने वाला तथ्य सामने आया। जांच में पता चला कि केवल दो बैंक खातों के खिलाफ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी एनसीआरपी पर चौदह अलग-अलग शिकायतें दर्ज थीं। इन गंभीर शिकायतों के आधार पर ही साइबर थाना पुलिस ने उन बैंक खातों के लेन-देन के इतिहास और आरोपियों की संलिप्तता की गहन पड़ताल शुरू की। साक्ष्य मिलने के बाद विधिवत प्रकरण दर्ज किया गया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। वर्तमान में पुलिस हिरासत में इन शातिर आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस अपराध की तह तक पहुंचा जा सके। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन संदिग्ध खातों के जरिए कुल कितनी रकम का हेरफेर किया गया और यह राशि देश के किन-किन हिस्सों में भेजी गई।

नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश जारी

राजसमंद में साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस की जांच अभी खत्म नहीं हुई है और आगे भी कई खुलासे होने की उम्मीद है। अधिकारियों का मानना है कि म्यूल खातों के जरिए ठगी की रकम को खपाने वाले इस गिरोह में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश तेजी से की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बैंक खातों के स्टेटमेंट, मोबाइल नंबरों के कॉल रिकॉर्ड, एटीएम से हुए वित्तीय लेन-देन और बरामद दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर रही है। इन तमाम कड़ियों को आपस में जोड़कर पुलिस ठगी के पूरे मनी ट्रेल का पता लगाने का प्रयास कर रही है ताकि इस रैकेट से जुड़े हर एक अपराधी को कानून के दायरे में लाया जा सके।

सवाल-जवाब

राजसमंद पुलिस ने साइबर ठगी मामले में कुल कितने लोगों को गिरफ्तार किया है?
राजसमंद साइबर थाना पुलिस ने इस मामले में कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है जिनमें दो स्थानीय म्यूल खाताधारक और एक मुख्य साइबर ठग शामिल है।
मुख्य आरोपी के पास से पुलिस ने क्या-क्या सामान बरामद किया है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी के कब्जे से 9 चेकबुक, 12 बैंक पासबुक और 14 डेबिट कार्ड जब्त किए हैं।
म्यूल खाताधारकों को इस अवैध काम के बदले क्या मिलता था?
मुख्य आरोपी स्थानीय खाताधारकों को प्रत्येक खाते के बदले दो-दो हजार रुपए नगद और अन्य प्रलोभन देता था।
इन बैंक खातों के खिलाफ कुल कितनी एनसीआरपी शिकायतें दर्ज थीं?
पुलिस जांच के दौरान केवल दो बैंक खातों के खिलाफ ही 14 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज पाई गईं।
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