बिहार विधान परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर, शिक्षक सीटों पर सभी मौजूदा पार्षदों की हार से भाजपा को तगड़ा झटकामूलांक 1 राशिफल 29 अक्टूबर: सूर्य की ऊर्जा से चमकेगा करियर, रचनात्मकता देगी लाभरिपब्लिकन पार्टी की आखिरी हफ्तों में बढ़ी चिंता, मजबूत सीटों पर भी करनी पड़ रही है पैसों की बारिशनागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपराजस्थान के झालावाड़ में दंपति के झगड़े में दखल देना पड़ा महंगा, चचेरे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमलाबिहार विधानपरिषद चुनाव में नीरज कुमार की जीत, अनंत सिंह पर कसा तंजत्रिपुरा में जल्द खुलेगा नया चाय नीलामी केंद्र, मुख्यमंत्री माणिक साहा 29 अक्टूबर को करेंगे शुभारंभमहिला पहलवानों की अपील पर कोर्ट सख्त, बृजभूषण शरण सिंह को जवाब के लिए मिला अंतिम अवसरमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तार
राजस्थान ATS ने जयपुर में पकड़ी जैश-ए-मोहम्मद की संदिग्ध स्लीपर सेल, बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा गिरफ्तारराजस्थान
22 जून 2026, 10:06 pm (128 दिन पहले)· 4

राजस्थान ATS ने जयपुर में पकड़ी जैश-ए-मोहम्मद की संदिग्ध स्लीपर सेल, बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा गिरफ्तार

राजस्थान ATS ने सैन्य खुफिया सूचना के आधार पर जयपुर से बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा को गिरफ्तार किया है, जिस पर पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से ऑनलाइन संपर्क बनाए रखने और स्लीपर सेल के रूप में काम करने का आरोप है। इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के एक मौलवी ने ऑनलाइन माध्यम से उसका धर्म परिवर्तन कराया था।

राजस्थान एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने जयपुर में कार्रवाई करते हुए बबीता धाकड़ नाम की एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसे खदीजा नाम से भी पहचाना जाता है। उस पर पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैंडलर्स के साथ ऑनलाइन संपर्क में रहने के संगीन आरोप हैं। सैन्य खुफिया इकाई से मिली जानकारी के आधार पर ATS ने यह गिरफ्तारी की।

सवाई माधोपुर से जयपुर तक का सफर

प्रारंभिक जांच के अनुसार बबीता धाकड़ राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की मूल निवासी है। जयपुर में रहते हुए वह कथित तौर पर एक स्लीपर सेल के रूप में सक्रिय थी। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने सोशल मीडिया के जरिए पहले कट्टरपंथी विचारधारा के नेटवर्क से जुड़ाव बनाया और बाद में धीरे-धीरे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हैंडलर्स के संपर्क में आ गई।

ये भी पढ़ें

पाकिस्तान के मौलवी ने ऑनलाइन कराया धर्म परिवर्तन

जांच में जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान के एक मौलवी ने ऑनलाइन माध्यम से बबीता को कलमा पढ़वाया और इस तरह उसका धर्म परिवर्तन कराया। इसके बाद उसे खदीजा नाम दिया गया। इसी नेटवर्क के जरिए उसे कट्टरपंथी विचारधारा से और गहराई से जोड़ा गया और आगे की संदिग्ध गतिविधियों के लिए तैयार किया गया।

नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते पाकिस्तान भेजने की कोशिश का आरोप

सूत्रों के अनुसार बबीता को नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते पाकिस्तान भेजने की कोशिश की गई थी। इन यात्राओं के खर्च और अन्य लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की योजना भी बनाई गई थी। हालांकि इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और एजेंसियां इनकी जांच में जुटी हैं।

मोबाइल और डिजिटल सबूतों की गहन पड़ताल जारी

गिरफ्तारी के बाद से बबीता धाकड़ से लगातार पूछताछ जारी है। उसका मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल डेटा विस्तृत जांच के दायरे में हैं। सुरक्षा एजेंसियां उसकी पृष्ठभूमि, संभावित संपर्कों और पूरे नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

सवाल-जवाब

बबीता धाकड़ को कहां से और किसने गिरफ्तार किया?
राजस्थान ATS ने सैन्य खुफिया इकाई से मिली सूचना के आधार पर जयपुर से बबीता धाकड़ को गिरफ्तार किया।
बबीता धाकड़ का नाम खदीजा कैसे पड़ा?
जांच के अनुसार इसी साल अप्रैल में पाकिस्तान के एक मौलवी ने उसे ऑनलाइन कलमा पढ़वाकर धर्म परिवर्तन कराया और उसे खदीजा नाम दिया।
बबीता धाकड़ मूलतः कहां की रहने वाली है?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की निवासी है।
उस पर मुख्य रूप से क्या आरोप हैं?
उस पर जैश-ए-मोहम्मद के हैंडलर्स से ऑनलाइन संपर्क बनाए रखने और जयपुर में स्लीपर सेल के रूप में काम करने का आरोप है।
उसे पाकिस्तान भेजने के लिए कौन से रास्ते बताए जा रहे हैं?
सूत्रों के अनुसार नेपाल, सऊदी अरब और UAE के रास्ते उसे पाकिस्तान भेजने की कोशिश की गई थी।
फंडिंग के लिए किस माध्यम का उपयोग किए जाने का आरोप है?
आरोप है कि यात्रा खर्च और अन्य लेन-देन के लिए क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंडिंग की योजना बनाई गई थी।
क्या ये सभी दावे आधिकारिक रूप से पुष्ट हो चुके हैं?
नहीं, विदेश भेजने और क्रिप्टोकरेंसी फंडिंग जैसे दावों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अभी जांच किस पहलू पर केंद्रित है?
सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल सबूतों की जांच कर रही हैं और उसके पूरे नेटवर्क तथा संपर्कों को उजागर करने में जुटी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp