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राजस्थान के खाटूधाम में सुरक्षा ऑडिट, आईबी टीम ने परखा भीड़ निकासी और निगरानी का खाकाराजस्थान
20 सित॰ 2026, 7:57 am (5 दिन पहले)· 1

राजस्थान के खाटूधाम में सुरक्षा ऑडिट, आईबी टीम ने परखा भीड़ निकासी और निगरानी का खाका

वार्षिक समीक्षा के सिलसिले में जयपुर इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने खाटूश्यामजी पहुंचकर मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों और लखदातार मैदान तक के मार्गों का गहन सुरक्षा मुआयना किया।

प्रसिद्ध तीर्थस्थल खाटूश्यामजी में श्रद्धालुओं की सलामती सुनिश्चित करने के मकसद से सुरक्षा महकमे ने व्यापक पड़ताल शुरू की है। राज्य के अत्यंत व्यस्त और संवेदनशील धार्मिक केंद्रों के सालाना सुरक्षा परीक्षण के अंतर्गत राजधानी जयपुर से इंटेलिजेंस ब्यूरो यानी आईबी की एक विशेष टुकड़ी अचानक कस्बे में पहुंची। इस दल ने बाबा श्याम के मुख्य देवालय के अलावा उन तमाम गलियारों, रास्तों और खुले इलाकों का बारीकी से मुआयना किया, जहां हर दिन हजारों भक्त एकत्र होते हैं।

प्रवेश द्वारों से लेकर निकासी मार्गों तक सघन जांच

इस सुरक्षा पड़ताल की कमान उप पुलिस अधीक्षक राजूराम ढाका संभाल रहे थे। उनके निर्देशन में अधिकारियों ने धाम की आंतरिक चारदीवारी के साथ-साथ बाहरी सुरक्षा घेरे का भी विस्तृत जायजा लिया। अफसरों ने मुख्य प्रवेश बिंदुओं, दर्शन कतारों के गलियारों और दर्शन उपरांत बाहर निकलने वाले चौड़े रास्तों की बनावट तथा क्षमता को परखा। मुख्य ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि यदि किसी विशेष उत्सव पर भीड़ का दबाव अचानक अत्यधिक बढ़ जाए, तो भक्तों को बिना किसी भगदड़ अथवा रुकावट के सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाएगा।

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कुमावत कृषि फार्म से लखदातार मैदान तक के क्षेत्र की पड़ताल

अधिकारियों का यह दल केवल मुख्य चौखट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने कुमावत कृषि फार्म से लेकर विशाल लखदातार मैदान तक पूरे आवागमन तंत्र की पड़ताल की। ये वे प्रमुख इलाके हैं जहां कतारबद्ध होने के दौरान या मेलों के अवसर पर भारी जनसैलाब ठहरता है। टीम ने नक्शे और धरातल की स्थिति का मिलान करते हुए यह समझा कि किस बिंदु पर संकरापन है और कहां बैरिकेडिंग को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की जरूरत है। अत्यधिक भीड़भाड़ वाले संवेदनशील प्वॉइंट्स पर पहरेदारी तंत्र को त्रुटिहीन बनाने पर विशेष विमर्श किया गया।

आधुनिक सर्विलांस और तकनीक के बेहतर उपयोग की सिफारिश

चूंकि यहां राजस्थान के अलावा दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे अनेक राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए सामान्य दिनों और विशेष पर्वों की व्यवस्था में भारी अंतर आ जाता है। आईबी के अधिकारियों ने आंतरिक सुरक्षा तंत्र, गुप्तचर सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और चौबीसों घंटे चलने वाले इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस को अत्याधुनिक बनाने पर जोर दिया। कैमरों के कोण, नियंत्रण कक्ष की सक्रियता और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती पर विशेष चर्चा की गई।

मंदिर ट्रस्ट और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक

इस मौके पर श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान तथा मानद मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने जांच दल को मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों, गार्डों की तैनाती और भीड़ नियंत्रण के तौर-तरीकों की जानकारी दी। मौके पर राजस्थान सीआईडी (दिशा) और जयपुर ग्रामीण जोन की विशेषज्ञ शाखा भी मौजूद रही। इसके अतिरिक्त खाटू थानाधिकारी इंद्राज मरोडिया, स्थानीय तहसीलदार सुरेंद्र कुमार कुमावत, नगरपालिका अधिशासी अधिकारी सहदेव दान चारण, मंदिर कमेटी के व्यवस्थापक संतोष कुमार शर्मा, सह व्यवस्थापक विकास कुमार तथा आईबी के खाटू प्रभारी मोहन सिंह सहित कई महकमों के अफसर मौजूद रहे। सभी विभागों ने मिलकर एक विस्तृत सुरक्षा डेटा संकलित किया ताकि आने वाले त्योहारों पर श्रद्धालुओं को निर्बाध सुरक्षा घेरा दिया जा सके।

सवाल-जवाब

खाटूश्यामजी में आईबी की टीम क्यों पहुंची थी?
राजस्थान के प्रमुख धार्मिक स्थलों की वार्षिक सुरक्षा समीक्षा के तहत जयपुर आईबी की टीम ने व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए दौरा किया।
निरीक्षण दल का नेतृत्व कौन से अधिकारी कर रहे थे?
इस सुरक्षा दल की कमान आईबी के उप पुलिस अधीक्षक (डीवाईएसपी) राजूराम ढाका संभाल रहे थे।
टीम ने किन प्रमुख स्थानों का सुरक्षा मुआयना किया?
टीम ने मुख्य मंदिर परिसर, प्रवेश-निकास द्वारों के अलावा कुमावत कृषि फार्म से लेकर लखदातार मैदान तक के मार्गों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान किन व्यवस्थाओं पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया?
अधिकारियों ने भीड़ बढ़ने पर सुरक्षित निकासी, आधुनिक निगरानी तकनीक और संवेदनशील स्थानों की चौकसी पर सबसे अधिक ध्यान दिया।
मंदिर कमेटी की ओर से बैठक में कौन शामिल हुआ?
श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शक्ति सिंह चौहान और मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान ने टीम को मौजूदा सुरक्षा प्रबंधों की जानकारी दी।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस से कौन से अधिकारी उपस्थित थे?
थानाप्रभारी इंद्राज मरोडिया, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार कुमावत और पालिका ईओ सहदेव दान चारण सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·4 दिन पहले

खाटूश्यामजी जैसे विशाल धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन का यह अभ्यास सिर्फ प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि आधुनिक जन-संस्कृति की एक बड़ी आवश्यकता है। जब देश के विभिन्न राज्यों से लाखों लोग सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव के लिए ऐसे मेलों में जुटते हैं, तो उनकी सुरक्षित आवाजाही और डिजिटल सर्विलांस का समन्वय पर्यटन व तीर्थाटन के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बेहद जरूरी हो जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

खाटूश्यामजी में आईबी की यह सुरक्षा समीक्षा केवल नियमित जांच नहीं, बल्कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर लगातार बढ़ती भीड़ प्रबंधन की चुनौतियों का तकनीकी समाधान तलाशने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लखदातार मैदान और प्रवेश-निकास मार्गों पर आधुनिक सर्विलांस व त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती भविष्य के मेलों में संभावित भगदड़ जैसी आपदाओं को रोकने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

धार्मिक पर्यटन स्थलों पर बढ़ती भीड़ का यह दबाव केवल प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि सुरक्षा और तकनीक के संयोजन की मांग करता है। इस ऑडिट के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, कैमरों के कोण और नियंत्रण कक्ष की सक्रियता पर जो जोर दिया गया है, वह भविष्य में किसी भी अप्रत्याशित भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण होगा। जब देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु ऐसे परिसरों में जुटते हैं, तो रीयल-टाइम डेटा मॉनिटरिंग और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की सटीक तैनाती ही सुरक्षा प्रबंधों को सुदृढ़ बना सकती है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

खाटूश्यामजी में आईबी और स्थानीय पुलिस द्वारा किया गया यह सुरक्षा ऑडिट केवल एक वार्षिक औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की संभावित भगदड़ जैसी आपदाओं को रोकने के लिए एक बेहद जरूरी कदम है। लखदातार मैदान और प्रवेश-निकास मार्गों का नक्शे से मिलान कर भीड़ निकासी का खाका तैयार करना यह दर्शाता है कि एजेंसियां देश भर से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कितनी गंभीर हैं। यदि इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की इस रणनीति को समय पर धरातल पर उतार लिया जाए, तो भारी मेलों के दौरान कानून-व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा चाक-चौबंद रहेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

खाटूश्यामजी में आईबी का यह औचक सुरक्षा ऑडिट उत्तर प्रदेश के बड़े धार्मिक आयोजनों जैसे महाकुंभ या प्रमुख मेलों के लिहाज़ से भी एक बड़ा सबक है। जब उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा लाखों में पहुँचता है, तब उत्तर प्रदेश के बड़े मंदिरों और मेला क्षेत्रों में भी ऐसी ही मल्टी-एजेंसी मॉक ड्रिल और ज़मीन-से-नक्शे की मैपिंग की ज़रूरत होती है। यदि शुरुआती स्तर पर ही संकरे रास्तों और बॉटलनैक प्वाइंट्स की पहचान कर ली जाए, तो किसी भी संभावित भगदड़ या भीड़ के अप्रत्याशित दबाव को समय रहते टाला जा सकता है।

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