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शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर पहाड़ धड़ाम से ढहा, मलबे से सड़क बंद; Delhi Bypass पर भी बड़े हादसे का खतराभारत
18 जून 2026, 8:16 pm (42 दिन पहले)· 5

शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर पहाड़ धड़ाम से ढहा, मलबे से सड़क बंद; Delhi Bypass पर भी बड़े हादसे का खतरा

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुरुवार को ढली-संजौली बाईपास पर एक पहाड़ी का विशाल हिस्सा अचानक ढह जाने से भीषण भूस्खलन हो गया और सड़क पूरी तरह बंद हो गई। Delhi Bypass के पास भी पहाड़ी में दरारें उभरने और मलबा गिरने से बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

हिमाचल प्रदेश में मानसून का आधिकारिक आगमन अभी बाकी है, लेकिन पूर्व-मानसून की आंधी और बारिश ने पहाड़ों की नींव को पहले ही हिला दिया है। शिमला में गुरुवार की दोपहर उस समय दहशत फैल गई जब ढली-संजौली बाईपास पर एक पहाड़ी का भारी-भरकम हिस्सा अचानक दरककर नीचे गिर पड़ा। इस भूस्खलन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला, जिसमें देखा जा सकता है कि पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह एक के बाद एक बिखरता चला गया।

मुख्य सड़क मलबे से पटी, दोनों ओर यातायात ठप

पहाड़ टूटते ही भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और चट्टानें सीधे मुख्य सड़क पर आ गिरीं, जिससे मार्ग के दोनों छोर पर यातायात पूरी तरह रुक गया। रोजाना इस रास्ते का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय यात्रियों और शिमला की सैर पर निकले पर्यटकों दोनों को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि घटना के समय पहाड़ी के उस हिस्से के नीचे कोई वाहन नहीं था, जिसके चलते एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

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JCB मशीनें मौके पर, पर रुक-रुककर गिरता मलबा बना अड़चन

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें JCB मशीनें लेकर घटनास्थल पर पहुंच गईं और सड़क साफ करने का काम शुरू कर दिया गया। लेकिन पहाड़ी से रुक-रुककर लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण राहत कार्य में बार-बार व्यवधान आ रहा है। जब तक पहाड़ी पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाती, तब तक सफाई का काम पूरा कर पाना संभव नहीं होगा।

शिमला पुलिस की अपील, वैकल्पिक मार्गों से निकलें

शिमला पुलिस ने मौके की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अनुरोध किया है कि वे अभी ढली-संजौली बाईपास की तरफ न जाएं और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए दूसरे रास्तों का सहारा लें। प्रभावित इलाके में यातायात पुलिसकर्मी तैनात कर दिए गए हैं और उनके निर्देशों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही दोबारा खोला जाएगा और इसकी जानकारी तुरंत आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।

Delhi Bypass के पास भी उभरे खतरे के संकेत

ढली-संजौली बाईपास की यह घटना शिमला में अकेली चिंता नहीं है। Delhi Bypass के समीप भी पहाड़ी से पत्थर और मिट्टी का गिरना जारी है। इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि सड़क के किनारे की पहाड़ी में दरारें साफ दिखने लगी हैं, जो किसी बड़े भूस्खलन का पूर्व संकेत हो सकती हैं। पहाड़ी की तलहटी और आसपास खड़े बहुमंजिला भवन भी इस खतरे की जद में बताए जा रहे हैं। इलाके के पुराने निवासियों का कहना है कि यहां पहले भी कई बार पहाड़ दरकने की घटनाएं हो चुकी हैं, इसलिए यह इलाका पहले से ही संवेदनशील माना जाता है।

बरसात में पहाड़ क्यों होते हैं अस्थिर

विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान पानी जब पहाड़ी ढलानों की मिट्टी और चट्टानों में रिसता है, तो उनमें नमी की मात्रा बढ़ जाती है। इससे उनकी आपसी पकड़ कमजोर पड़ती है और मिट्टी व पत्थर खिसकने लगते हैं। मानसून के मौसम में इस वजह से भूस्खलन का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। शिमला जैसे पहाड़ी शहरों में जहां ढलानों के नीचे घनी बसावट और निर्माण है, वहां यह खतरा जान-माल दोनों के लिए गंभीर रूप ले लेता है।

सवाल-जवाब

शिमला में गुरुवार को भूस्खलन कहां हुआ?
शिमला के ढली-संजौली बाईपास पर एक पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढह गया, जिससे मुख्य सड़क पर भारी मलबा और पत्थर आ गिरे।
क्या इस भूस्खलन में कोई जनहानि हुई?
नहीं, घटना के समय पहाड़ी के उस हिस्से के नीचे कोई वाहन नहीं था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।
ढली-संजौली बाईपास कब तक बंद रहेगा?
प्रशासन के अनुसार मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने के बाद ही खोला जाएगा और इसकी सूचना तुरंत सार्वजनिक की जाएगी।
Delhi Bypass के पास क्या खतरा है?
वहां पहाड़ी में दरारें दिखने लगी हैं और लगातार पत्थर व मलबा गिर रहा है, जिससे बड़े भूस्खलन की आशंका है और नजदीकी बहुमंजिला इमारतें भी खतरे में बताई जा रही हैं।
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