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सियांग प्रोजेक्ट सर्वे के लिए बेहतर तालमेल जरूरी, ओजिंग तासिंग ने अधिकारियों को दिए निर्देशअरुणाचल प्रदेश
26 सित॰ 2026, 8:36 pm (31 दिन पहले)· 1

सियांग प्रोजेक्ट सर्वे के लिए बेहतर तालमेल जरूरी, ओजिंग तासिंग ने अधिकारियों को दिए निर्देश

अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ओजिंग तासिंग ने सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के सर्वे कार्यों के लिए विभिन्न विभागों और स्थानीय लोगों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करने की वकालत की है।

अरुणाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ओजिंग तासिंग ने शनिवार को प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) के सर्वेक्षण कार्यों को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए सरकारी विभागों के बीच बेहतर आपसी तालमेल और स्थानीय नागरिकों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों की रही मौजूदगी

ओजिंग तासिंग ने यह निर्देश अपर सियांग जिले के यिंगकियोंग में आयोजित अपनी पहली उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दिए। वे सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट पर गठित एम्पावर्ड हाई लेवल कमेटी के अध्यक्ष के रूप में इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, विभिन्न विभागों के प्रमुख, प्रशासनिक अधिकारी और कई प्रमुख हितधारक शामिल हुए। चर्चा का मुख्य केंद्र मैदानी इलाकों में सर्वे को सुगम बनाना, विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करना और इस प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं का समाधान खोजना था।

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जनता के साथ पारदर्शी संवाद और प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट पर जोर

मंत्री ने स्थानीय समुदायों के साथ पारदर्शी और जवाबदेह संवाद स्थापित करने की महत्ता को रेखांकित किया ताकि जनता का विश्वास जीता जा सके और उनकी चिंताओं का समय पर समाधान हो सके। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में चल रही प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) प्रक्रिया का एकमात्र उद्देश्य सर्वेक्षण और मैदानी अध्ययनों के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना की तकनीकी व्यवहार्यता का आकलन करना है, और इसे परियोजना के क्रियान्वयन पर अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।

साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट सौंपने और तथ्यात्मक जानकारी साझा करने के निर्देश

अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जनता तक पहुंचने वाली सूचनाएं पूरी तरह तथ्यात्मक और सत्यापित होनी चाहिए, जिन्हें पारदर्शी बातचीत के जरिए साझा किया जाए। इसके साथ ही, मंत्री ने अधिकारियों को जनता से मिलने वाली प्रतिक्रियाओं को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने और मैदानी गतिविधियों, सामुदायिक वार्ताओं तथा कार्यगत समस्याओं को शामिल करते हुए साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

सामूहिक जिम्मेदारी और क्षेत्रीय विकास का संकल्प

विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मंत्री ने अंतः-विभागीय अभिसरण और सामूहिक जिम्मेदारी पर बल दिया ताकि ऊपरी सियांग के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर इसे अधिक आत्मनिर्भर और संपर्क युक्त बनाया जा सके। सोशल मीडिया पर अपने एक संदेश में उन्होंने डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल यिंगकियोंग में हुई इस व्यापक समीक्षा बैठक का जिक्र करते हुए कहा कि अद्वितीय भूगोल और विशाल संभावनाओं वाले ऊपरी सियांग जिले में ऐसा विकास होना चाहिए जो समावेशी हो और अंतिम छोर तक पहुंचे। उन्होंने योजनाओं को धरातल पर ठोस परिणामों में बदलने के लिए मजबूत इच्छाशक्ति की बात कही।

सवाल-जवाब

इस बैठक की अध्यक्षता किसने की?
इस बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री ओजिंग तासिंग ने की।
बैठक का आयोजन कहाँ किया गया था?
यह बैठक अपर सियांग जिले के यिंगकियोंग स्थित डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित की गई थी।
वर्तमान में कौन सी प्रक्रिया चल रही है?
वर्तमान में सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट के लिए प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) के तहत सर्वे और मैदानी अध्ययन चल रहे हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को क्या निर्देश दिए हैं?
मंत्री ने तथ्यात्मक जानकारी साझा करने, जनता की प्रतिक्रिया दर्ज करने और हर हफ्ते प्रगति रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
क्या सर्वे का मतलब परियोजना का अंतिम फैसला है?
नहीं, मंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह सर्वे केवल तकनीकी व्यवहार्यता जांचने के लिए है और इसे अंतिम फैसला नहीं माना जाना चाहिए।
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टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·31 दिन पहले

स्थानीय लोगों को भरोसे में लिए बिना इतने बड़े प्रोजेक्ट का सर्वे आगे बढ़ाना मुश्किल होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·31 दिन पहले

अरुणाचल में बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध कोई नई बात नहीं है, इसलिए ओजिंग तासिंग का यह कदम सही दिशा में है कि पहले सिर्फ सर्वे पर बात हो और जनता से सीधा संवाद रखा जाए।

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·31 दिन पहले

अ अर्जुन जी, बात तो आपकी ठीक है पर क्या स्थानीय लोग वाकई सिर्फ सर्वे की बात मानेंगे?

Rohan Verma@rohan-verma·31 दिन पहले

सिर्फ सर्वे हो रहा है, इसका मतलब ये तो नहीं कि प्रोजेक्ट फाइनल हो गया। जनता का डर दूर करना बहुत जरूरी है वरना बात बिगड़ सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·31 दिन पहले

रोहन भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछली बार जब मैं पूर्वोत्तर गया था, तो मैंने देखा था कि प्रोजेक्ट के नाम पर कैसे अफवाहें फैल जाती हैं, स्थानीय लोगों से बात करना बेहद जरूरी है।

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