बिहार विधान परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर, शिक्षक सीटों पर सभी मौजूदा पार्षदों की हार से भाजपा को तगड़ा झटकामूलांक 1 राशिफल 29 अक्टूबर: सूर्य की ऊर्जा से चमकेगा करियर, रचनात्मकता देगी लाभरिपब्लिकन पार्टी की आखिरी हफ्तों में बढ़ी चिंता, मजबूत सीटों पर भी करनी पड़ रही है पैसों की बारिशनागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपराजस्थान के झालावाड़ में दंपति के झगड़े में दखल देना पड़ा महंगा, चचेरे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमलाबिहार विधानपरिषद चुनाव में नीरज कुमार की जीत, अनंत सिंह पर कसा तंजत्रिपुरा में जल्द खुलेगा नया चाय नीलामी केंद्र, मुख्यमंत्री माणिक साहा 29 अक्टूबर को करेंगे शुभारंभमहिला पहलवानों की अपील पर कोर्ट सख्त, बृजभूषण शरण सिंह को जवाब के लिए मिला अंतिम अवसरमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तार
सोनभद्र में खौफनाक वारदात: रंगेहाथ पकड़े जाने पर पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, सड़क हादसे का रचा नाटकउत्तर प्रदेश
29 अग॰ 2026, 11:23 pm (60 दिन पहले)· 2

सोनभद्र में खौफनाक वारदात: रंगेहाथ पकड़े जाने पर पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर की पति की हत्या, सड़क हादसे का रचा नाटक

सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना क्षेत्र में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपियों ने इस सनसनीखेज वारदात को सड़क हादसे का रूप देने के लिए शव को ठिकाने लगा दिया था, जिसे पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बेनकाब कर दिया।

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना इलाके से एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा हुआ है। एक महिला ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने ही पति की जान ले ली और इस पूरे खौफनाक कृत्य को सड़क हादसे की शक्ल देने की नायाब कोशिश की। पुलिस ने मामले की तह तक जाते हुए हत्या की इस गुत्थी को सुलझा लिया है और महिला समेत सभी चार आरोपियों को दबोच लिया है। शुरुआती दौर में यह मामला महज एक सामान्य सड़क दुर्घटना का लग रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर और तकनीकी तफ्तीश ने इस शातिर साजिश का पर्दाफाश कर दिया।

सड़क किनारे मिला था शव

घटना की शुरुआत 23 अगस्त को हुई जब शक्तिनगर थाना क्षेत्र के बीना स्टेडियम के पास रमाशंकर मिश्रा का शव सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ। मृतक एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। जब पहली नजर में इस मामले को देखा गया तो यह एक सड़क हादसे का प्रतीत हो रहा था। हालांकि, घटनास्थल के हालात और वहां मौजूद परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य नहीं थीं, जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने इस मामले में गंभीरता दिखाते हुए तहकीकात शुरू कर दी। पुलिस टीम ने मौके के हालात, तकनीकी सबूतों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन का बारीकी से विश्लेषण किया और हर एक कड़ी को आपस में जोड़ा।

ये भी पढ़ें

पति ने देख लिया था आपत्तिजनक स्थिति में

पुलिस की गहन जांच के दौरान यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा का विकास चौहान नाम के शख्स के साथ काफी लंबे वक्त से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। पूरी वारदात की जड़ 22 अगस्त की रात को जुड़ी है, जब रमाशंकर मिश्रा ने अपनी पत्नी प्रियंका मिश्रा और उसके प्रेमी विकास चौहान को घर के अंदर आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इस बात को लेकर घर में जबरदस्त बवाल और तीखी झड़प हुई। गुस्से और कलह के इसी माहौल में प्रियंका मिश्रा और विकास चौहान ने मिलकर रमाशंकर मिश्रा का गला घोंट दिया और फर्श पर उनका सिर पटककर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

सड़क हादसे की रची गई झूठी कहानी

हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने गुनाह छिपाने के लिए एक खतरनाक षड्यंत्र रचा। विकास चौहान ने अपने दो अन्य साथियों अनुराग सिंह उर्फ बादल और सोनू गुप्ता के साथ मिलकर मृतक के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इन सभी ने मिलकर रमाशंकर मिश्रा के शव को एक चादर और गमछे में लपेटा और उसे चुपचाप सड़क किनारे ले जाकर लिटा दिया ताकि सबको यह लगे कि उनकी मौत किसी वाहन की टक्कर से हुई है। बहरहाल, शक्तिनगर थाना पुलिस ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए इस जघन्य हत्याकांड में शामिल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह घटना सोनभद्र जिले के शक्तिनगर थाना क्षेत्र की है।
मृतक का नाम क्या था?
मृतक का नाम रमाशंकर मिश्रा था, जो एनसीएल बीना में सीनियर ओवरमैन थे।
इस हत्या में कौन-कौन आरोपी शामिल थे?
इस मामले में मृतक की पत्नी प्रियंका मिश्रा, उसके प्रेमी विकास चौहान और उनके दो सहयोगियों अनुराग सिंह उर्फ बादल तथा सोनू गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
शव कहां और किस स्थिति में मिला था?
शव 23 अगस्त को बीना स्टेडियम के पास सड़क किनारे मिला था जिसे शुरू में सड़क हादसा माना जा रहा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·60 दिन पहले

यह सनसनीखेज घटनाक्रम किसी थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा प्रतीत होता है, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल युग में तकनीकी सर्विलांस और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स कैसे किसी भी आपराधिक साजिश के मुखौटे को बेनकाब कर सकते हैं। जिस प्रकार स्थानीय पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों के बूते एक सुनियोजित एक्सीडेंट कवर-अप को हत्या में बदला, वह अपराध कथाओं और क्राइम थ्रिलर वेब सीरीज के लेखकों के लिए भी एक सटीक केस स्टडी है कि फॉरेंसिक और डिजिटल सतर्कता अपराधियों की हर चाल को नाकाम कर सकती है।

Ravikash Gupta@ravikash·60 दिन पहले

यह घटना दिखाती है कि पारिवारिक और व्यक्तिगत स्तर के अपराध भी किस तरह सार्वजनिक सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करते हैं, जिसका असर अंततः स्थानीय विश्वास और व्यवस्था पर पड़ता है। इस मामले में तकनीकी साक्ष्यों जैसे कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन की मदद से साजिश का पर्दाफाश होना यह साबित करता है कि आधुनिक डिजिटल फोरेंसिक तकनीक अब पुलिस जांच का एक अनिवार्य और अचूक हिस्सा बन चुकी है, जिससे अपराधियों के लिए बच निकलना लगभग असंभव होता जा रहा है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·60 दिन पहले

यह मामला केवल एक व्यक्तिगत अपराध नहीं, बल्कि नैतिक पतन और घरेलू कलह के गंभीर परिणामों को रेखांकित करता है। जिस तरह से पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी को सुलझाया, वह यह दर्शाता है कि आपराधिक मामलों में फॉरेंसिक और डिजिटल सर्विलांस की भूमिका अब कितनी निर्णायक हो चुकी है। ऐसे मामलों में त्वरित और सटीक न्याय सुनिश्चित करना कानून-व्यवस्था के प्रति जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए बेहद आवश्यक है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·60 दिन पहले

सोनभद्र की इस घटना से यह साफ है कि घरेलू कलह और अवैध संबंधों के मामलों में तकनीकी साक्ष्य, जैसे कॉल डिटेल और मोबाइल लोकेशन, पुलिस के लिए सबसे बड़े हथियार बन चुके हैं। शुरुआती तौर पर इसे सड़क हादसा मानकर गुमराह होने से बचना और फॉरेंसिक व तकनीकी टीम द्वारा तफ्तीश करना यह साबित करता है कि अब अपराधियों के लिए झूठी कहानियां गढ़कर कानून की नजरों से बचना लगभग असंभव हो गया है। अदालत में इन तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपियों को कड़ी सजा मिलने की पूरी उम्मीद है।

Rohan Verma@rohan-verma·60 दिन पहले

सोनभद्र के शक्तिनगर की इस वारदात में पुलिस ने जिस तरह कॉल डिटेल रिकॉर्ड और मोबाइल लोकेशन का इस्तेमाल कर साजिश बेनकाब की, वह इस ओर इशारा करता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में भी अब ब्लाइंड मर्डर की तफ्तीश का दायरा आधुनिक हो चुका है। हालांकि, यह मामला समाज में लगातार बढ़ती अनैतिकता और हिंसक होती प्रवृत्ति को भी उजागर करता है, जहां पारिवारिक विवादों को बातचीत से सुलझाने के बजाय आपराधिक मार्ग अपनाया जा रहा है। आगे की कानूनी प्रक्रिया में यदि अभियोजन पक्ष तकनीकी और फॉरेंसिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष मजबूती से पेश करता है, तो इन चारों आरोपियों को सख्त सजा मिलना तय है, जो ऐसे मामलों में एक कड़ा संदेश देगी।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp