एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 दुर्घटना से जुड़ी जांच पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने साफ कर दिया कि पूरी जांच रिपोर्ट अक्टूबर महीने तक तैयार हो जाएगी। इसी भरोसे के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए तय कर दी है। 12 जून, 2025 को हुए इस हादसे में कुल 260 लोगों की जान गई थी।
जांच में कौन-कौन शामिल है
AAIB ने कोर्ट को बताया कि यह जांच सिर्फ डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अफसरों तक सीमित नहीं है। इंटरनेशनल एविएशन नियमों के मुताबिक, जिन देशों के नागरिक इस हादसे में मारे गए, वहां के मान्यता प्राप्त एक्सपर्ट और प्रतिनिधि भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल किए गए हैं। यानी यह जांच पूरी तरह घरेलू स्तर पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के साथ आगे बढ़ रही है।
पहले तय समयसीमा से कितना बदलाव
गौरतलब है कि AAIB इससे पहले भी शीर्ष अदालत को जांच की समयसीमा पर अपडेट देता रहा है। कुछ समय पहले ब्यूरो ने कोर्ट को बताया था कि जांच अगले करीब छह हफ्तों में पूरी होने की संभावना है। अब वही समयसीमा आगे बढ़ाकर अक्टूबर तक कर दी गई है, जिससे साफ है कि जांच में तय अनुमान से ज्यादा वक्त लग रहा है।
पायलट के परिवार की याचिका पर सुनवाई
यह पूरा मामला उस याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया, जो हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स ने मिलकर दाखिल की थी। याचिका में मांग की गई थी कि हादसे की जांच सीधे कोर्ट की निगरानी में हो। मामले की सुनवाई CJI सूर्यकांत की बेंच ने की। कैप्टन सभरवाल के पिता की तरफ से पेश वकील प्रशांत भूषण ने जांच की धीमी रफ्तार और उसके स्वरूप पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि जांच पूरी करने में जरूरत से कहीं ज्यादा वक्त लग रहा है और इसमें सिर्फ DGCA के अफसर ही शामिल दिख रहे हैं।
सॉलिसिटर जनरल का जवाब
AAIB की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वकील प्रशांत भूषण के इस आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) से जुड़े नियमों और उस अंतरराष्ट्रीय संधि के तहत चल रही है, जिसमें भारत भी एक पक्ष है। मेहता ने बताया कि पीड़ितों में शामिल विदेशी नागरिकों के देशों के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि और विशेषज्ञ तय अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत इस जांच में भाग ले रहे हैं। उन्होंने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि अंतिम जांच रिपोर्ट इसी साल अक्टूबर तक सीलबंद लिफाफे में अदालत के सामने रख दी जाएगी।
कैसे हुआ था यह हादसा
यह हादसा जून 2025 में उस वक्त हुआ, जब अहमदाबाद से लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के थोड़ी ही देर बाद क्रैश हो गया। विमान एयरपोर्ट से कुछ ही दूरी पर बने एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल भवन से जा टकराया। विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा हॉस्टल में मौजूद 19 लोगों की जान भी इस हादसे में चली गई।



















