नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से काठमांडू के लिए रवाना हुई एयर इंडिया की एक नियमित उड़ान को बीच रास्ते में ही तकनीकी अड़चन का सामना करना पड़ा। शनिवार दोपहर को जब यह विमान नेपाल के हवाई क्षेत्र की सीमा में प्रवेश करने ही वाला था, तभी कॉकपिट के भीतर एक तकनीकी खराबी से जुड़ा चेतावनी सिग्नल सक्रिय हो गया। इस चेतावनी के उभरते ही स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए मुख्य पायलट ने आगे की यात्रा जारी न रखने और विमान को तुरंत भारत की राष्ट्रीय राजधानी वापस ले जाने का निर्णय लिया।
लखनऊ के आसमान में रूट बदलने का फैसला
विमानन अधिकारियों और काठमांडू स्थित त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के एक अधिकारी के अनुसार, जिस समय कॉकपिट में चेतावनी की सूचना सामने आई, उस वक्त यह विमान उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ऊपर से उड़ान भर रहा था। पायलट ने बिना कोई जोखिम उठाए तत्काल दिल्ली हवाई अड्डे के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से रेडियो संपर्क साधा। उन्होंने विमान प्रणाली में आई खराबी की जानकारी साझा की और प्राथमिकता के आधार पर वापस लौटने तथा उतरने की औपचारिक अनुमति मांगी। दिल्ली एटीसी से हरी झंडी मिलने के बाद विमान को लखनऊ के हवाई क्षेत्र से ही वापस दिल्ली की दिशा में मोड़ दिया गया।
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग
मार्ग परिवर्तन के बाद विमान ने कुछ समय की उड़ान पूरी की और नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर सकुशल लैंडिंग की। विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस अप्रत्याशित वापसी के बाद तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने विमान की जांच शुरू की। आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने और व्यवस्था बहाल होने के बाद, शाम करीब साढ़े छह बजे यात्रियों को लेकर विमान को फिर से काठमांडू के लिए रवाना कर दिया गया।
उड़ान का शेड्यूल और विमान का विवरण
इस उड़ान का संचालन एयरबस A320-214 मॉडल के विमान द्वारा फ्लाइट संख्या AI-219 के तहत किया जा रहा था। विमान ने शनिवार दोपहर 2:42 बजे नई दिल्ली से काठमांडू के लिए टेकऑफ किया था। तय समय सारिणी के मुताबिक इसे शाम 4:30 बजे काठमांडू में उतरना था, लेकिन नेपाल सीमा के नजदीक पहुंचने से पहले ही तकनीकी चेतावनी के कारण यात्रा का रास्ता बदलना पड़ा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विमान के किस विशिष्ट तकनीकी उपकरण या सेंसर प्रणाली में यह चेतावनी आई थी।





















