कलकता हाईकोर्ट ने जारी किया नोटिस
कलकता हाईकोर्ट ने TMC प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी को अवमानना मामले में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। यह मामला पिछली 21 जुलाई को आयोजित शहीद दिवस रैली के दौरान कथित तौर पर अदालती आदेशों के उल्लंघन से जुड़ा है। न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी और न्यायमूर्ति अपूर्व सिन्हा रे की खंडपीठ के सामने याचिकाकर्ता के वकील श्रीकांत दत्ता ने यह मुद्दा उठाया था।
क्या है मामला और आरोप?
याचिकाकर्ता का कहना है कि 2018 में हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया था, जिसमें साफ कहा गया था कि किसी भी सार्वजनिक आयोजन के दौरान मुख्य सड़कों को पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं किया जाना चाहिए। तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश ज्योतिर्मय भट्टाचार्य और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की पीठ ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया था कि सड़कों पर आम लोगों के पैदल चलने और एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता हमेशा खुला रहना चाहिए। श्रीकांत दत्ता ने दावा किया कि 21 जुलाई 2025 को आयोजित रैली के कारण कोलकाता का एस्प्लेनेड इलाका पूरी तरह ठप हो गया था, जो सीधे तौर पर कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है।
रैली का इतिहास
TMC हर साल 21 जुलाई को शहीद दिवस मनाती है। इसकी शुरुआत 21 जुलाई 1993 को घटी एक घटना से हुई थी, जब तत्कालीन वाम मोर्चा सरकार के दौरान एस्प्लेनेड में एक रैली के समय पुलिस गोलीबारी में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई थी। ममता बनर्जी ने इसी दौर के बाद कांग्रेस से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई थी। अब कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 जुलाई की तारीख तय की है।













