गूगल क्रोम के 353 सुरक्षा दोष दूर, डेस्कटॉप यूज़र्स को तुरंत नया वर्ज़न इंस्टॉल करने की सलाहलाइकिन रिव्यू (2026): एक मशरूम गार्डन जो किसी साइंस फिक्शन फिल्म जैसा दिखता हैकिया努 रीव्स बने नेटफ्लिक्स की एक्शन थ्रिलर 'मेलस्ट्रॉम' का हिस्सा, एलन रिचसन की जगह संभालेंगे कमानअलीबाबा के नए ओपन एआई मॉडल ने बीजिंग के सर्वर पर डेटा भेजने की कोशिश की, सुरक्षा जांच में हुआ खुलासाजालंधर की गलियों से मायानगरी तक का सफर, चाय बेचने और थप्पड़ खाने से लेकर टीवी के कॉमेडी सम्राट बनने की कहानीनाहन में चार दिन के लिए धारा-163 लागू, पंजाब से निहंगों के जुटने की आशंका पर प्रशासन सख्तरणजी ट्रॉफी 2026-27: दूसरे दिन का खेल शुरू, दिल्ली और मुंबई की नजरें बड़े स्कोर परहैरी केन ने जीता बैलोन डी'ओर, इंग्लैंड के लिए 25 साल का लंबा सूखा हुआ समाप्तपाकिस्तान को हर हाल में दुश्मन माने देशवासी, फारूक अब्दुल्ला के बयान पर भड़के दानिश आजाद अंसारीटाटा कंज्यूमर के शेयरों में शानदार उछाल, दूसरी तिमाही के नतीजों के बाद 5.5 प्रतिशत की तेजी
त्रिपुरा में क्रिकेटरों के लिए खुलेगी आधुनिक अकादमी, सरकार ने सेकेरकोट में 30 एकड़ जमीन दीत्रिपुरा
21 सित॰ 2026, 4:39 pm (36 दिन पहले)· 1

त्रिपुरा में क्रिकेटरों के लिए खुलेगी आधुनिक अकादमी, सरकार ने सेकेरकोट में 30 एकड़ जमीन दी

त्रिपुरा सरकार ने त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन को एक नई आधुनिक क्रिकेट अकादमी बनाने के लिए सेकेरकोट में 30 एकड़ जमीन आवंटित की है। इसके साथ ही ग्रामीण प्रतिभाओं की तलाश के लिए 16 स्पॉटर तैनात किए जा रहे हैं।

त्रिपुरा सरकार ने राज्य में क्रिकेट के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। पश्चिमी त्रिपुरा जिले के सेकेरकोट में एक आधुनिक क्रिकेट अकादमी स्थापित करने के लिए त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन यानी टीसीए को 30 एकड़ जमीन दी गई है। मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को रवींद्र भवन में आयोजित टीसीए के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान यह जानकारी साझा की।

सरकार की पहल पर मिली सेकेरकोट में जमीन

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री माणिक साहा ने बताया कि टीसीए शुरुआत में अकादमी के निर्माण के लिए निजी जमीन खरीदने की योजना बना रहा था। इस पर मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन को सुझाव दिया कि वे सरकार से जमीन के लिए औपचारिक अनुरोध करें। टीसीए द्वारा औपचारिक प्रस्ताव भेजे जाने के बाद, राज्य प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सेकेरकोट में 30 एकड़ का विशाल भूखंड संस्था को सौंप दिया। इस नई सुविधा के पूरी तरह शुरू होने के बाद राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय कोचिंग और विशेष खेल प्रशिक्षण का सीधा लाभ मिलेगा।

ये भी पढ़ें

गांवों से प्रतिभा तराशने के लिए 16 स्पॉटर

राज्य के युवाओं में खेल क्षमता का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही समय पर पहचानने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण स्तर पर खिलाड़ियों की पहचान के लिए विशेष स्पॉटर नियुक्त करने की बात कही गई थी। टीसीए ने इस सुझाव पर अमल करते हुए आठ उपखंडों में कुल 16 स्पॉटर तैनात करने का फैसला किया है। इन स्पॉटरों की जिम्मेदारी गांवों का दौरा करना, स्थानीय स्तर पर होने वाले मैचों को देखना और जमीनी स्तर पर उभरती युवा प्रतिभाओं की पहचान करना होगा।

हर मौसम के अनुकूल मैदान और अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम

खिलाड़ियों की नियमित ट्रेनिंग में मौसम की बाधा न आए, इसके लिए भी योजना तैयार की गई है। टीसीए दो जिला मुख्यालयों, कैलाशहर और बेलोनिया में सभी मौसमों के अनुकूल अभ्यास मैदान विकसित करने की तैयारी में है, जिससे प्रतिकूल परिस्थितियों में भी अभ्यास जारी रह सके। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पश्चिमी त्रिपुरा के नरसिंहगढ़ में बन रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का काम अब पूरा होने के करीब है। यह निर्माण कार्य लगभग दो वर्षों से रुका हुआ था, जिसे अब तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।

सवाल-जवाब

त्रिपुरा सरकार ने क्रिकेट अकादमी के लिए कितनी जमीन दी है?
सरकार ने पश्चिमी त्रिपुरा जिले के सेकेरकोट में त्रिपुरा क्रिकेट एसोसिएशन को 30 एकड़ जमीन आवंटित की है।
इस जमीन आवंटन की घोषणा कब और कहां की गई?
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रविवार को रवींद्र भवन में आयोजित टीसीए के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में यह घोषणा की।
ग्रामीण क्षेत्रों से खिलाड़ियों की पहचान के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
टीसीए ने आठ उपखंडों में 16 स्पॉटर नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जो गांवों में जाकर स्थानीय मैचों से प्रतिभाओं की पहचान करेंगे।
ऑल-वेदर प्रैक्टिस ग्राउंड किन स्थानों पर बनाए जा रहे हैं?
खराब मौसम में भी अभ्यास जारी रखने के लिए कैलाशहर और बेलोनिया जिला मुख्यालयों में ऑल-वेदर अभ्यास मैदान विकसित किए जाएंगे।
नरसिंहगढ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम की क्या स्थिति है?
नरसिंहगढ़ में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण कार्य दो साल तक रुके रहने के बाद अब पूरा होने के करीब पहुंच गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·35 दिन पहले

त्रिपुरा सरकार द्वारा क्रिकेट अकादमी के लिए भूमि आवंटन और जमीनी स्तर पर प्रतिभा खोज के लिए स्पोटर्स की नियुक्ति का यह निर्णय खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है। ऐसे प्रशासनिक हस्तक्षेप से क्षेत्रीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय संसाधन मिलेंगे और ग्रामीण इलाकों की छिपी हुई प्रतिभाओं को मुख्यधारा में आने का बेहतर अवसर प्राप्त होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 दिन पहले

त्रिपुरा सरकार द्वारा सेकेरकोट में 30 एकड़ भूमि का आवंटन और नरसिंहगढ़ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के रुके हुए काम को तेजी से पूरा करना पूर्वोत्तर भारत में खेल कूटनीति और बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों से 16 स्पॉटरों की तैनाती यह दर्शाती है कि नीति निर्माताओं का ध्यान अब केवल शहरी केंद्रों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को तराशने पर भी केंद्रित हो रहा है, जो अंततः क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक और खेल परिदृश्य को बदलने में मददगार साबित होगा।

Amit Patel@amit-patel·35 दिन पहले

अमित पटेल के दृष्टिकोण से, खेल बुनियादी ढांचे में इस तरह का पूंजीगत निवेश और भूमि आवंटन पूर्वोत्तर राज्यों में आर्थिक विविधीकरण और रोजगार सृजन के नए रास्ते खोलता है। जब सेकेरकोट अकादमी और नरसिंहगढ़ अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जैसी परियोजनाएं पूरी होंगी, तो यह खेल पर्यटन, आतिथ्य सत्कार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के साथ-साथ राज्य को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक मजबूत आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित करेंगी।

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में खेल अकादमियों के लिए जमीनी आवंटन और ग्रामीण स्तर पर प्रतिभा खोज अभियान हमेशा से प्रशासनिक प्राथमिकताओं का हिस्सा रहे हैं। त्रिपुरा सरकार का यह कदम क्षेत्रीय खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रभावी मॉडल पेश करता है, बशर्ते समयबद्ध तरीके से इसका क्रियान्वयन हो।

Ravikash Gupta@ravikash·35 दिन पहले

त्रिपुरा सरकार द्वारा सेकेरकोट में 30 एकड़ भूमि का यह आवंटन और जमीनी स्तर पर 16 स्पोटर्स की नियुक्ति खेल बुनियादी ढांचे को आर्थिक और रणनीतिक गति देने की दिशा में अहम है। उत्तर-पूर्वी राज्यों में खेल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए ऐसी बुनियादी संरचनाएं बेहद जरूरी हैं। यदि नरसिंहगढ़ स्टेडियम का लंबित कार्य और अन्य सभी मौसम के अनुकूल अभ्यास मैदान तय समय सीमा में पूरे होते हैं, तो यह पूर्वोत्तर भारत को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक मजबूत केंद्र के रूप में स्थापित करेगा और स्थानीय स्तर पर खेल आधारित रोजगार व आर्थिकी को भी बढ़ावा मिलेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp