यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से रवाना हुए एक जहाज पर हुए मिसाइल हमले में चार भारतीय नागरिकों की मौत हो गई, जिसके बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने रूस के राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
क्या हुआ था हमले में
खबरों के मुताबिक यह जहाज यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह से निकलते ही मिसाइल की चपेट में आ गया। इस हमले में चार भारतीय नागरिकों की जान चली गई। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी भर्त्सना की है।
विदेश मंत्रालय की सख्त प्रतिक्रिया
हमले के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने रूस के राजनयिक को तलब किया और हमले को लेकर भारत की चिंताएं तथा आपत्तियां साफ तौर पर दर्ज कराईं। मंत्रालय ने कहा कि भारत कमर्शियल जहाजों पर इस तरह के हमलों की कड़ी भर्त्सना करता है और उम्मीद जताई कि रूस इन चिंताओं को गंभीरता से लेगा।
होर्मुज से काला सागर तक भारत की चिंता
खबरों के मुताबिक भारत सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हुए हमलों के बाद अब काला सागर में भी व्यापारिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर सख्त संदेश दिया है। सरकार का कहना है कि दुनिया भर में व्यापारिक जहाजों पर हमले हर हाल में बंद होने चाहिए, क्योंकि इनसे आम नागरिकों की जान को खतरा पैदा होता है।
यह पहला मामला नहीं है
यह पहली बार नहीं है जब किसी हमले में भारतीय नागरिकों की जान गई हो। खबरों के मुताबिक इससे पहले अमेरिका से जुड़ी एक घटना में भी भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा हाल में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि रूसी सेना में 217 भारतीय नागरिक शामिल हुए थे, जिनमें से 49 की मौत हो चुकी है।
रूसी तेल पर अमेरिकी टैरिफ की धमकी
इसी बीच खबरों के मुताबिक अमेरिका, रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने पर विचार कर रहा है और इस सूची में भारत का नाम भी शामिल है। इससे भारत, रूस और अमेरिका के बीच तनाव का एक और मोर्चा खुल सकता है।

















